10 सितंबर 2026 (गुरुवार) को भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि रहेगी। चतुर्दशी तिथि सुबह करीब 10:33 बजे तक रहेगी, इसके बाद अमावस्या तिथि प्रारंभ होगी।
नई दिल्ली (भारत)। मुख्य तिथि एवं काल गणना
विक्रम संवत: 2083
पक्ष व तिथि: भाद्रपद कृष्ण पक्ष चतुर्दशी — प्रातः 10:33 बजे तक, इसके बाद अमावस्या तिथि प्रारंभ।
मास: भाद्रपद
ऋतु: वर्षा ऋतु
अयन: दक्षिणायन
वार: गुरुवार
नक्षत्र: मघा — दोपहर 2:04 बजे तक, इसके बाद पूर्वाफाल्गुनी।
योग: सिद्ध — शाम करीब 7:17 बजे तक, इसके बाद साध्य।
करण: शकुनि — प्रातः 10:33 बजे तक; इसके बाद चतुष्पद — रात करीब 9:41 बजे तक, तत्पश्चात नाग करण।
चंद्र राशि: सिंह
सूर्य राशि: सिंह
सूर्योदय: प्रातः 6:03 बजे लगभग
सूर्यास्त: सायं 6:32 बजे लगभग
चंद्रोदय: प्रातः करीब 4:58 बजे लगभग
चंद्रास्त: सायं करीब 6:03 बजे लगभग
दिन का चौघड़िया
प्रकृति फल समय अवधि
शुभ उत्तम प्रातः 06:03 से 07:37 बजे तक
रोग अमंगल प्रातः 07:37 से 09:11 बजे तक
उद्वेग अशुभ प्रातः 09:11 से 10:44 बजे तक
चर सामान्य प्रातः 10:44 से 12:18 बजे तक
लाभ उन्नति दोपहर 12:18 से 01:52 बजे तक
अमृत सर्वोत्तम दोपहर 01:52 से 03:26 बजे तक
काल हानि दोपहर 03:26 से 05:00 बजे तक
शुभ उत्तम शाम 05:00 से 06:32 बजे तक
रात्रि का चौघड़िया
प्रकृति फल समय अवधि
रोग अमंगल शाम 06:32 से 08:01 बजे तक
काल हानि रात 08:01 से 09:30 बजे तक
लाभ उन्नति रात 09:30 से 10:59 बजे तक
उद्वेग अशुभ रात 10:59 से 12:28 बजे तक
शुभ उत्तम रात 12:28 से 01:57 बजे तक
अमृत सर्वोत्तम प्रातः 01:57 से 03:26 बजे तक
चर सामान्य प्रातः 03:26 से 04:55 बजे तक
रोग अमंगल प्रातः 04:55 से 06:03 बजे तक
शुभ और अशुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त: प्रातः 11:53 बजे से दोपहर 12:42 बजे तक।
राहुकाल: दोपहर 1:52 बजे से 3:25 बजे तक।
यमगण्ड: प्रातः 6:03 बजे से 7:37 बजे तक।
गुलिक काल: प्रातः 9:10 बजे से 10:44 बजे तक।
ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 4:31 बजे से 5:17 बजे तक।
गोधूलि मुहूर्त: शाम करीब 6:08 बजे से 6:56 बजे तक।
अमृत काल: सुबह करीब 11:47 बजे से दोपहर 1:19 बजे तक।
निशिता काल: रात करीब 11:55 बजे से 12:41 बजे तक।
प्रदोष काल: शाम करीब 6:32 बजे से 8:02 बजे तक।
दिशाशूल: दक्षिण दिशा। गुरुवार को दक्षिण दिशा की यात्रा से बचने की धार्मिक मान्यता है। यदि यात्रा आवश्यक हो तो परंपरानुसार दही या जीरा का सेवन करके यात्रा प्रारंभ करना शुभ माना जाता है।
सिद्ध योग: सुबह से शाम करीब 7:17 बजे तक, इसके बाद साध्य योग।
ग्रह गोचर स्थिति
ग्रह राशि
सूर्य सिंह
चंद्रमा सिंह
मंगल मिथुन
बुध सिंह
गुरु कर्क
शुक्र तुला
शनि मीन
राहु कुंभ
केतु सिंह
विशेष धार्मिक महत्व
10 सितंबर को कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी होने के कारण मासिक शिवरात्रि है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान शिव का अभिषेक, पूजन, मंत्र-जप और रात्रि जागरण करना शुभ माना जाता है।
Disclaimer: Prime News इस लेख में दी गई जानकारी की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता। यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं एवं उपलब्ध पंचांग स्रोतों पर आधारित है। तिथि, नक्षत्र, योग, करण एवं मुहूर्त में स्थान विशेष के अनुसार अंतर हो सकता है। किसी भी शुभ कार्य, व्रत या पूजा से पहले अपने क्षेत्र के मान्य पंचांग से सत्यापन अवश्य करें।
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