8 सितंबर 2026 (मंगलवार) को भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि रहेगी। द्वादशी तिथि दोपहर करीब 2:42 बजे तक रहेगी, इसके बाद त्रयोदशी तिथि प्रारंभ होगी।
नई दिल्ली (भारत)। मुख्य तिथि एवं काल गणना
विक्रम संवत: 2083
पक्ष व तिथि: भाद्रपद कृष्ण पक्ष द्वादशी — दोपहर 02:42 बजे तक, इसके बाद त्रयोदशी तिथि प्रारंभ।
मास: भाद्रपद
ऋतु: वर्षा ऋतु
अयन: दक्षिणायन
वार: मंगलवार
नक्षत्र: पुष्य — शाम 04:39 बजे तक, इसके बाद आश्लेषा।
योग: परिघ — 9 सितंबर की रात करीब 12:40 बजे तक, इसके बाद शिव योग।
करण: तैतिल — दोपहर 02:42 बजे तक, इसके बाद गरज।
चंद्र राशि: कर्क
सूर्य राशि: सिंह
सूर्योदय: प्रातः 06:02 बजे लगभग
सूर्यास्त: सायं 06:35 बजे लगभग
चंद्रोदय: रात करीब 02:45 बजे लगभग
चंद्रास्त: शाम करीब 04:49 बजे लगभग
दिन का चौघड़िया
प्रकृति फल समय अवधि
रोग अमंगल प्रातः 06:02 से 07:36 बजे तक
उद्वेग अशुभ प्रातः 07:36 से 09:10 बजे तक
चर सामान्य प्रातः 09:10 से 10:44 बजे तक
लाभ उन्नति प्रातः 10:44 से 12:19 बजे तक
अमृत सर्वोत्तम दोपहर 12:19 से 01:53 बजे तक
काल हानि दोपहर 01:53 से 03:27 बजे तक
शुभ उत्तम सायं 03:27 से 05:00 बजे तक
रोग अमंगल सायं 05:00 से 06:35 बजे तक
रात्रि का चौघड़िया
प्रकृति फल समय अवधि
काल हानि सायं 06:35 से 08:00 बजे तक
लाभ उन्नति रात 08:00 से 09:26 बजे तक
उद्वेग अशुभ रात 09:26 से 10:52 बजे तक
शुभ उत्तम रात 10:52 से 12:18 बजे तक
अमृत सर्वोत्तम रात 12:18 से 01:44 बजे तक
चर सामान्य प्रातः 01:44 से 03:11 बजे तक
रोग अमंगल प्रातः 03:11 से 04:37 बजे तक
काल हानि प्रातः 04:37 से 06:02 बजे तक
शुभ और अशुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त: प्रातः 11:54 बजे से दोपहर 12:44 बजे तक।
राहुकाल: दोपहर 03:27 बजे से 05:01 बजे तक।
यमगण्ड: प्रातः 09:11 बजे से 10:45 बजे तक।
गुलिक काल: दोपहर 12:19 बजे से 01:53 बजे तक।
ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:31 बजे से 05:17 बजे तक।
गोधूलि मुहूर्त: सायं 06:33 बजे से 06:58 बजे तक।
अमृत काल: सुबह करीब 10:40 बजे से 12:10 बजे तक।
दुर्मुहूर्त: प्रातः 08:33 बजे से 09:23 बजे तक तथा रात 11:10 बजे से 11:56 बजे तक।
दिशाशूल: उत्तर दिशा। मंगलवार को उत्तर दिशा की यात्रा से बचने की धार्मिक मान्यता है। यदि यात्रा आवश्यक हो तो परंपरानुसार गुड़ का सेवन करके यात्रा शुरू करना शुभ माना जाता है।
सर्वार्थ सिद्धि योग: पूरे दिन प्रभावी।
ग्रह राशि
सूर्य सिंह
चंद्रमा कर्क
मंगल मिथुन
बुध सिंह
गुरु कर्क
शुक्र तुला
शनि मीन
राहु कुंभ
केतु सिंह
विशेष धार्मिक महत्व
मंगलवार को कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि के प्रदोष काल से भौम प्रदोष व्रत का संबंध बनता है। इस दिन भगवान शिव की पूजा और प्रदोष व्रत का धार्मिक महत्व माना जाता है।
Disclaimer: Prime News इस लेख में दी गई जानकारी की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता। यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं एवं उपलब्ध पंचांग स्रोतों पर आधारित है। तिथि, नक्षत्र, योग, करण एवं मुहूर्त में स्थान विशेष के अनुसार अंतर हो सकता है। किसी भी शुभ कार्य, व्रत या पूजा से पहले अपने क्षेत्र के मान्य पंचांग से सत्यापन अवश्य करें।
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