आज आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि है। पंचांग के अनुसार, एकादशी तिथि दोपहर करीब 2:48 बजे तक रहेगी, इसके बाद द्वादशी तिथि आरंभ होगी।
नई दिल्ली (भारत)। मुख्य तिथि एवं काल गणना
विक्रम संवत: 2083
मास: आश्विन
ऋतु: शरद ऋतु
पक्ष: शुक्ल पक्ष
तिथि: एकादशी — दोपहर करीब 2:48 बजे तक, इसके बाद द्वादशी
नक्षत्र: शतभिषा — रात करीब 8:49 बजे तक, इसके बाद पूर्वाभाद्रपद
योग: वृद्धि — रात करीब 11:40 बजे तक, इसके बाद ध्रुव
करण: विष्टि (भद्रा) — दोपहर करीब 2:48 बजे तक, इसके बाद बव
वार: गुरुवार
चंद्र राशि: कुंभ
सूर्य राशि: तुला
अयन: दक्षिणायन
सूर्योदय: सुबह करीब 6:26 बजे
सूर्यास्त: शाम करीब 5:45 बजे
चंद्रोदय: दोपहर करीब 3:25 बजे
चंद्रास्त: सुबह करीब 3:17 बजे
दिन का चौघड़िया
प्रकृति — फल — समय अवधि
शुभ — उत्तम — सुबह 6:26 से 7:51 बजे तक
रोग — अमंगल — सुबह 7:51 से 9:16 बजे तक
उद्वेग — अशुभ — सुबह 9:16 से 10:41 बजे तक
चर — सामान्य — सुबह 10:41 से दोपहर 12:05 बजे तक
लाभ — उन्नति — दोपहर 12:05 से 1:30 बजे तक
अमृत — सर्वोत्तम — दोपहर 1:30 से 2:55 बजे तक
काल — हानि — दोपहर 2:55 से 4:20 बजे तक
शुभ — उत्तम — शाम 4:20 से 5:45 बजे तक
रात का चौघड़िया
प्रकृति — फल — समय अवधि
अमृत — सर्वोत्तम — शाम 5:45 से 7:20 बजे तक
चर — सामान्य — रात 7:20 से 8:55 बजे तक
रोग — अमंगल — रात 8:55 से 10:30 बजे तक
काल — हानि — रात 10:30 से 12:06 बजे तक
लाभ — उन्नति — रात 12:06 से 1:41 बजे तक
उद्वेग — अशुभ — रात 1:41 से 3:16 बजे तक
शुभ — उत्तम — सुबह 3:16 से 4:51 बजे तक
अमृत — सर्वोत्तम — सुबह 4:51 से 6:26 बजे तक
शुभ और अशुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह करीब 4:44 से 5:35 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:43 से दोपहर 12:28 बजे तक
विजय मुहूर्त: दोपहर करीब 1:58 से 2:44 बजे तक
गोधूलि बेला: शाम करीब 5:45 से 6:10 बजे तक
राहुकाल: दोपहर 1:30 से 2:55 बजे तक
यमगंड: सुबह 6:26 से 7:51 बजे तक
गुलिक काल: सुबह 9:16 से 10:41 बजे तक
दिशा शूल: गुरुवार को पारंपरिक मान्यता के अनुसार दक्षिण दिशा में दिशा शूल माना जाता है। इस दिशा में लंबी यात्रा करने से पहले अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार उपाय किए जाते हैं।
ग्रह गोचर स्थिति
ग्रह राशि
सूर्य तुला
चंद्रमा कुंभ
मंगल कर्क
बुध तुला
गुरु कर्क
शुक्र तुला
शनि मीन
राहु कुंभ
केतु सिंह
आज के प्रमुख धार्मिक अवसर
पापांकुशा एकादशी व्रत: आज आश्विन शुक्ल पक्ष की पापांकुशा एकादशी है। हिंदू धर्म में एकादशी तिथि भगवान विष्णु की पूजा और व्रत के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। धार्मिक मान्यता है कि श्रद्धापूर्वक व्रत, जप, दान और भगवान विष्णु की आराधना करने से मन को शांति मिलती है और व्यक्ति को सद्कर्मों की प्रेरणा प्राप्त होती है।
आज क्या करें?
- सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- पूजा स्थल की सफाई करके भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करें।
- भगवान को पुष्प, फल, तुलसी दल और अपनी परंपरा के अनुसार नैवेद्य अर्पित करें।
- श्रद्धा के साथ भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करें।
- विष्णु सहस्रनाम या अपनी पसंद के धार्मिक स्तोत्र का पाठ करें।
- व्रत रखने वाले श्रद्धालु अपनी क्षमता और स्वास्थ्य के अनुसार व्रत के नियमों का पालन करें।
- जरूरतमंद लोगों को अन्न, वस्त्र या अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान दें।
- दिनभर संयमित वाणी रखें और दूसरों के प्रति दया तथा सद्भाव का व्यवहार करें।
Disclaimer: PrimeNews इस लेख में दी गई जानकारी की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता। यह उपलब्ध पंचांग गणनाओं और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। तिथि, नक्षत्र, योग, करण, चौघड़िया और मुहूर्त में स्थान तथा गणना-पद्धति के अनुसार अंतर हो सकता है। किसी भी महत्वपूर्ण पूजा, व्रत या शुभ कार्य से पहले अपने क्षेत्र के मान्य पंचांग से समय की पुष्टि अवश्य करें।
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