आज आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि रहेगी। पंचमी तिथि दोपहर करीब 12:35 बजे तक रहेगी, इसके बाद षष्ठी तिथि शुरू होगी।
नई दिल्ली (भारत)। मुख्य तिथि एवं काल गणना
विक्रम संवत: 2083
मास: आश्विन
ऋतु: शरद ऋतु
पक्ष: कृष्ण पक्ष
तिथि: पंचमी — दोपहर 12:35 बजे तक, इसके बाद षष्ठी
नक्षत्र: रोहिणी — रात करीब 4:27 बजे तक, इसके बाद मृगशिरा
योग: सिद्धि — रात करीब 9:18 बजे तक
करण: तैतिल — दोपहर 12:35 बजे तक, इसके बाद गर — रात 11:24 बजे तक
वार: गुरुवार
चंद्र राशि: वृषभ
सूर्य राशि: कन्या
अयन: दक्षिणायन
सूर्योदय: सुबह 6:14 बजे लगभग
सूर्यास्त: शाम 6:07 बजे लगभग
चंद्रोदय: रात करीब 9:24 बजे
चंद्रास्त: सुबह करीब 10:57 बजे
दिन का चौघड़िया
प्रकृति फल समय अवधि
शुभ उत्तम प्रातः 06:14 से 07:43 बजे तक
रोग अमंगल प्रातः 07:43 से 09:12 बजे तक
उद्वेग अशुभ प्रातः 09:12 से 10:41 बजे तक
चर सामान्य प्रातः 10:41 से दोपहर 12:11 बजे तक
लाभ उन्नति दोपहर 12:11 से 01:40 बजे तक
अमृत सर्वोत्तम दोपहर 01:40 से 03:09 बजे तक
काल हानि दोपहर 03:09 से 04:38 बजे तक
शुभ उत्तम शाम 04:38 से 06:07 बजे तक
रात का चौघड़िया
प्रकृति फल समय अवधि
अमृत सर्वोत्तम शाम 06:07 से 07:37 बजे तक
चर सामान्य शाम 07:37 से 09:07 बजे तक
रोग अमंगल रात 09:07 से 10:37 बजे तक
काल हानि रात 10:37 से 12:07 बजे तक
लाभ उन्नति प्रातः 12:07 से 01:37 बजे तक
उद्वेग अशुभ प्रातः 01:37 से 03:07 बजे तक
शुभ उत्तम प्रातः 03:07 से 04:37 बजे तक
अमृत सर्वोत्तम प्रातः 04:37 से 06:14 बजे तक
शुभ और अशुभ मुहूर्त
ब्रह्ममुहूर्त: सुबह करीब 4:38 से 5:26 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:47 बजे से दोपहर 12:34 बजे तक
विजय मुहूर्त: दोपहर करीब 2:10 से 2:58 बजे तक
गोधूलि बेला: शाम करीब 6:07 से 6:31 बजे तक
राहुकाल: दोपहर 1:40 से 3:09 बजे तक
यमगंड: सुबह 6:14 से 7:43 बजे तक
गुलिक काल: सुबह 9:12 से 10:41 बजे तक
दुर्मुहूर्त: सुबह 10:12 से 10:59 बजे तथा दोपहर 2:57 से 3:45 बजे तक
अमृत काल: रात करीब 1:28 से 2:57 बजे तक
वर्ज्य: रात करीब 8:59 से 10:28 बजे तक
दिशा शूल: दक्षिण दिशा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गुरुवार को दक्षिण दिशा की यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है। यात्रा आवश्यक होने पर अपनी परंपरा के अनुसार उपाय किए जा सकते हैं।
ग्रह गोचर स्थिति
ग्रह राशि
सूर्य कन्या
चंद्रमा वृषभ
मंगल मिथुन
बुध कन्या
गुरु कर्क
शुक्र तुला
शनि मीन
राहु कुंभ
केतु सिंह
आज के प्रमुख धार्मिक अवसर
षष्ठी श्राद्ध: पितृ पक्ष के दौरान आज षष्ठी तिथि से संबंधित श्राद्ध कर्म किया जाता है। पितरों के निमित्त तर्पण, श्राद्ध और दान-पुण्य अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार किया जाता है।
आज क्या करें?
- पितरों का स्मरण कर श्रद्धापूर्वक जल अर्पित करें।
- षष्ठी श्राद्ध अपनी पारिवारिक परंपरा और पुरोहित की सलाह के अनुसार करें।
- जरूरतमंदों को अन्न, भोजन या वस्त्र का दान करें।
- गुरुवार होने के कारण भगवान विष्णु और बृहस्पति देव का स्मरण कर सकते हैं।
- पीले फल या पीली वस्तुओं का दान अपनी श्रद्धा के अनुसार करें।
- घर में सात्विक वातावरण बनाए रखें।
- पितृ पक्ष के दौरान श्राद्ध कर्म करते समय अपने कुलाचार और स्थानीय पंचांग का पालन करें।
Disclaimer: Prime News इस लेख की पुष्टि नहीं करता। यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं एवं उपलब्ध पंचांग स्रोतों पर आधारित है। तिथि, नक्षत्र, योग, करण एवं मुहूर्त में स्थान विशेष के अनुसार अंतर हो सकता है। किसी भी शुभ कार्य, व्रत या पूजा से पहले अपने क्षेत्र के मान्य पंचांग से सत्यापन अवश्य करें।
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