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नाग पंचमी 2026:

कब है नाग पंचमी, जानिए पूजा का महत्व, शुभ समय और क्या करें-क्या न करें

हिंदू पंचांग के अनुसार, 2026 में नाग पंचमी 17 अगस्त, सोमवार को मनाई जाएगी।

कब है नाग पंचमी जानिए पूजा का महत्व शुभ समय और क्या करें-क्या न करें

Nag Panchami 2026 |

नई दिल्ली (भारत)। सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के साथ-साथ नाग देवता की पूजा के लिए भी विशेष माना जाता है। सावन शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाने वाला नाग पंचमी पर्व हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में शामिल है। इस दिन नाग देवता की पूजा कर परिवार की सुख-समृद्धि, सुरक्षा और संतान की मंगलकामना की जाती है।

2026 में कब मनाई जाएगी नाग पंचमी?

हिंदू पंचांग के अनुसार, 2026 में नाग पंचमी 17 अगस्त, सोमवार को मनाई जाएगी। नाग पंचमी पर नाग देवता की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन श्रद्धालु नाग देवता को दूध, जल, अक्षत, पुष्प और चंदन अर्पित करते हैं।

नाग पंचमी का धार्मिक महत्व

पौराणिक मान्यताओं में नागों को देव स्वरूप माना गया है। शेषनाग भगवान विष्णु की शय्या हैं, जबकि भगवान शिव के गले में वाशुकी नाग सुशोभित होते हैं। इसी वजह से नाग देवता की पूजा को भगवान शिव की आराधना से भी जोड़कर देखा जाता है। मान्यता है, कि नाग पंचमी के दिन नाग देवता की पूजा करने से सर्प भय से रक्षा होती है और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। कई स्थानों पर इस दिन नाग देवता के साथ भगवान शिव और माता पार्वती की भी पूजा की जाती है।

नाग पंचमी पर कैसे करें पूजा?

सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें और पूजा स्थल की सफाई करें। इसके बाद भगवान शिव और नाग देवता का ध्यान कर पूजा का संकल्प लें। नाग देवता की प्रतिमा या चित्र पर जल, दूध, अक्षत, रोली, चंदन और पुष्प अर्पित किए जा सकते हैं। इसके बाद नाग पंचमी की कथा सुनें या पढ़ें और भगवान शिव की आरती करें। कई क्षेत्रों में घर के मुख्य द्वार या दीवार पर नाग देवता की आकृति बनाने की भी परंपरा है।

नाग पंचमी पर क्या करें और क्या न करें?

नाग पंचमी के दिन नाग देवता की श्रद्धापूर्वक पूजा करें और जीव-जंतुओं के प्रति दया का भाव रखें। धार्मिक परंपराओं में इस दिन नागों को नुकसान पहुंचाने से बचने की सलाह दी जाती है।

वहीं, जीवित सांप को पकड़कर या उसे दूध पिलाना उचित नहीं है। सांप दूध को प्राकृतिक आहार के रूप में नहीं लेते और जबरन दूध पिलाना उनके लिए नुकसानदायक हो सकता है। पूजा के लिए नाग देवता की प्रतिमा या तस्वीर का इस्तेमाल करना सुरक्षित और उचित विकल्प है।

शिव पूजा का भी है विशेष महत्व

नाग पंचमी के दिन भगवान शिव का जलाभिषेक करना भी शुभ माना जाता है। श्रद्धालु शिवलिंग पर जल और बेलपत्र अर्पित कर भगवान शिव से सुख-शांति और परिवार की मंगलकामना करते हैं। इस तरह नाग पंचमी सावन की शिव भक्ति और नाग देवता के प्रति श्रद्धा का विशेष पर्व बन जाती है।

(Disclaimer: यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं एवं उपलब्ध पंचांग स्रोतों पर आधारित है। नाग पंचमी की तिथि और पूजा के स्थानीय मुहूर्त में शहर के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए पूजा के लिए अपने स्थानीय पंचांग के समय को प्राथमिकता दें।)

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