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IIT दिल्ली के वैज्ञानिकों का कमाल

IIT दिल्ली के शोधकर्ताओं ने खोजी रोशनी की मदद से अननेचुरल अमीनो एसिड बनाने की नई तकनीक

IIT दिल्ली के शोधकर्ताओं ने visible light और chiral catalyst की मदद से Unnatural Amino Acids और peptides बनाने की नई तकनीक विकसित की है।

iit दिल्ली के शोधकर्ताओं ने खोजी रोशनी की मदद से अननेचुरल अमीनो एसिड बनाने की नई तकनीक

Indian Institute of Technology Delhi |

नई दिल्ली। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली के शोधकर्ताओं ने visible light (दिखाई देने वाली रोशनी) की मदद से Unnatural Amino Acids (UAAs) और peptides बनाने की नई रासायनिक रणनीति विकसित की है। यह तकनीक ऐसे जैव-अणुओं (biomolecules) को डिजाइन करने में मदद कर सकती है, जिनसे भविष्य में अधिक स्थिर, लंबे समय तक असर करने वाली और ज्यादा लक्ष्य-सटीक दवाएं विकसित की जा सकें।

Key Highlights / Data Points

  • 43 उदाहरण: शोधकर्ताओं ने अपनी रणनीति से Unnatural Amino Acids और peptides के 43 उदाहरण तैयार करके इसकी क्षमता प्रदर्शित की।
  • Visible-light driven: रासायनिक प्रक्रिया को नियंत्रित करने के लिए दिखाई देने वाली रोशनी की ऊर्जा का इस्तेमाल किया गया।
  • Chiral copper catalyst-ligand system: प्रक्रिया में एक chiral copper catalyst-ligand system इस्तेमाल हुआ, जो रासायनिक बदलाव को बेहद चयनात्मक तरीके से नियंत्रित करता है।
  • मुख्य चुनौती: Amino Acid की एक ही enantiomer (दर्पण-छवि वाले दो आणविक रूपों में से एक) को चुनिंदा तरीके से बनाना।
  • शुरुआती सामग्री: तकनीक आसानी से उपलब्ध प्राकृतिक Amino Acid building blocks से शुरू होती है।
  • अनगिनत संयोजन: तैयार किए गए UAA building blocks को अलग-अलग तरीकों से जोड़कर नए गुणों और कार्यों वाले proteins बनाए जा सकते हैं।
  • संभावित क्षेत्र: दवा विकास के अलावा protein engineering, biological processes, organic synthesis, catalysis और advanced biomaterials में उपयोग की संभावना।

Prof Ravi P Singh के नेतृत्व में हुआ है यह शोध

IIT Delhi के Department of Chemistry के Prof Ravi P Singh के नेतृत्व में यह शोध किया गया है। रणनीति का आधार visible light की ऊर्जा और एक chiral copper catalyst-ligand system है। इसका उद्देश्य रासायनिक प्रतिक्रियाओं को इस तरह नियंत्रित करना है कि वांछित molecular structure ज्यादा सटीकता से तैयार हो।

Unnatural Amino Acids क्यों महत्वपूर्ण हैं?

Unnatural Amino Acids यानी प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले Amino Acids के संशोधित संस्करण। इनका इस्तेमाल medicine और biotechnology में ऐसे molecules बनाने के लिए बढ़ रहा है, जिनमें बेहतर stability (स्थिरता), ज्यादा समय तक activity (प्रभाव) और बेहतर target selectivity (सही जैविक लक्ष्य को चुनने की क्षमता) हो।

कई approved medicines में modified amino acids पहले से इस्तेमाल होते हैं। इनमें bortezomib, octreotide और baclofen शामिल हैं। इन modified amino acids की मदद से दवाओं के therapeutic properties यानी उपचार संबंधी गुणों को बेहतर बनाया जा सकता है।

सबसे बड़ी वैज्ञानिक चुनौती: Molecule की 'handedness'

इस शोध की अहमियत समझने के लिए chirality (आणविक handedness) को समझना जरूरी है। कुछ molecules में atoms और chemical bonds समान होते हैं, लेकिन वे एक-दूसरे की mirror image यानी दर्पण-छवि की तरह मौजूद हो सकते हैं। इन्हें enantiomers कहा जाता है।

समस्या यह है कि biological systems इन दोनों forms को एक जैसा नहीं पहचानते। शरीर किसी एक त्रि-आयामी (Three-dimensional) configuration को पहचान सकता है, जबकि उसकी mirror-image form का व्यवहार अलग हो सकता है।

Prof Singh के मुताबिक, सबसे बड़ी चुनौती Amino Acid का एक ही enantiomer चुनिंदा तरीके से तैयार करना थी, क्योंकि biological systems आम तौर पर molecule की एक खास three-dimensional configuration को ही पहचानते हैं।

43 UAAs और peptides से दिखाई दी तकनीक की क्षमता

शोधकर्ताओं ने अपनी strategy को 43 अलग-अलग examples of unnatural amino acids और peptides के जरिए प्रदर्शित किया। इसका मतलब है कि यह सिर्फ एक molecule बनाने तक सीमित प्रक्रिया नहीं है, बल्कि विभिन्न प्रकार के UAA building blocks तैयार करने की क्षमता दिखाती है।

शोधकर्ताओं के अनुसार, इन building blocks को अलग-अलग combinations में जोड़ा जा सकता है। इससे ऐसे unnatural proteins बनाने की संभावना खुलती है जिनके गुण और biological functions मौजूदा प्राकृतिक proteins से अलग हो सकते हैं।

इसे ऐसे समझें: प्राकृतिक Amino Acids को protein बनाने के लिए सीमित 'ईंटों' की तरह देखा जा सकता है। UAA इस toolkit में नई तरह की ईंटें जोड़ते हैं। नई ईंटों को अलग-अलग क्रम और संयोजन में लगाने से proteins के नए गुण विकसित करने की संभावनाएं बढ़ती हैं।

दवाओं से आगे भी है इसका इस्तेमाल

Unnatural Amino Acids का संभावित उपयोग केवल drug development तक सीमित नहीं है। शोधकर्ताओं के मुताबिक इनका इस्तेमाल:

- Protein engineering में नए गुणों वाले proteins डिजाइन करने में,
- Biological processes के अध्ययन में,
- Organic synthesis यानी जटिल organic molecules बनाने में,
- Catalysis यानी chemical reactions को अधिक प्रभावी बनाने में,
- और Advanced biomaterials विकसित करने में किया जा सकता है।

शोधकर्ताओं के अनुसार नई approach का बड़ा फायदा यह है कि यह structurally precise unnatural amino acids की व्यापक range उपलब्ध करा सकती है। इससे proteins और दूसरे biomolecules को डिजाइन करने के लिए उपलब्ध chemical building blocks का दायरा बढ़ सकता है।

आम लोगों और दवा विकास पर क्या असर?

इस खोज का तत्काल मतलब कोई नई दवा बाजार में आना नहीं है। इसका महत्व मुख्यतः नई दवाओं और biomolecules को डिजाइन करने के लिए बेहतर chemical building blocks उपलब्ध कराने में है। यदि आगे की research में यह approach प्रभावी साबित होती है, तो इससे अधिक स्थिर, लंबे समय तक असर करने वाले या अधिक target-specific therapeutic molecules विकसित करने के नए रास्ते खुल सकते हैं।

स्मार्ट एफएक्यू (Smart FAQ Block)

Q1. अननेचुरल अमीनो एसिड (UAAs) क्या होते हैं और इनका चिकित्सा में क्या उपयोग है?
A1. ये प्राकृतिक रूप से मिलने वाले अमीनो एसिड के मॉडिफाइड रूप होते हैं। इनका उपयोग ऐसी दवाइयां और बायोमॉलिक्यूल्स बनाने के लिए किया जाता है जिनकी स्थिरता, कार्य करने की क्षमता और टारगेट करने की सटीकता प्राकृतिक अणुओं से बेहतर होती है।

Q2. इस शोध में 'चिरलिटी' (Chirality) की चुनौती को कैसे हल किया गया?
A2. आईआईटी दिल्ली के शोधकर्ताओं ने प्रकाश ऊर्जा और एक विशेष 'चिरल कॉपर कैटलिस्ट-लिगैंड सिस्टम' का उपयोग करके रासायनिक परिवर्तनों को नियंत्रित किया, जिससे अमीनो एसिड के सटीक सिंगल एनेंटिओमर का निर्माण संभव हो सका।

Q3. इस नई तकनीक से कुल कितने उदाहरणों का प्रदर्शन किया गया है?
A3. शोधकर्ताओं ने इस नई रणनीति को 43 अलग-पक्षीय उदाहरणों के जरिए प्रदर्शित किया है, जिससे भविष्य में नए प्रोटीन और बायोमटेरियल्स के निर्माण के रास्ते खुल गए हैं।
​(भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)

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