देश और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के लिए 2025 का साल एक ऐतिहासिक साल साबित हुआ है।
नई दिल्ली। देश और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के लिए 2025 का साल एक ऐतिहासिक साल साबित हुआ है। इस साल ISRO ने जो उपलब्धियाँ हासिल कीं, वह न सिर्फ भारत के लिए गर्व की बात हैं, बल्कि यह भारतीय विज्ञान और तकनीक की बेमिसाल क्षमता को उजागर करती है।
ISRO की कड़ी मेहनत के बदौलत भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम को मिली नई पहचान
एक समय पूरी दुनिया भारत को अंतरिक्ष के क्षेत्र में एक पिछड़ा देश मानती थी लेकिन 2025 में भारत ने इस क्षेत्र में ऐसी उपलब्धियाँ हासिल की जिसे देखकर पूरी दुनिया हैरान रह गई। ISRO की कड़ी मेहनत के बदौलत देश का अंतरिक्ष कार्यक्रम अब दुनिया के सबसे बड़े अंतरिक्ष कार्यक्रमों में से एक बन गया है।
शुभांशु शुक्ला का ISS महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक
कुछ महत्वपूर्ण उपलब्धियों की बात करें तो उनमें से एक अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला का अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्पेस स्टेशन (ISS) जाना है। शुभांशु ISS में कुल 18 दिन रहे। उन्होंने 18 दिनों में न केवल वैज्ञानिक प्रयोग किए, बल्कि करोड़ों भारतीयों के सपनों को एक नई उड़ान दी। उन्होंने देश का नाम आसमान में चमकाया।
ISRO ने हासिल की Space Docking तकनीक
इसके बाद ISRO ने एक ऐसी महत्वपूर्ण तकनीकी उपलब्धि हासिल की जिसकी मदद से दो उपग्रहों को एक साथ जोड़ने और फिर अलग करने (Space Docking) की क्षमता आई। यह तकनीक केवल कुछ चुनिंदा देशों के पास थी जिसमें अब भारत भी शामिल हो गया है। इस तकनीक के आ जाने से भविष्य के अंतरिक्ष मिशन और भी ज्यादा प्रभावी होंगे।
ISRO ने NASA के साथ मिलकर लॉन्च किया NISAR उपग्रह
ISRO ने अपना 100वां सफल रॉकेट लॉन्च किया, जो एक बड़ी उपलब्धि थी। इसरो की ताकत अब सिर्फ भारत तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि पूरी दुनिया इसे गौर से देख रही है। ISRO ने NASA के साथ मिलकर NISAR उपग्रह लॉन्च किया, जो पृथ्वी के छोटे-छोटे बदलावों को Monitor करेगा। इस उपग्रह से जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक आपदाओं के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी हासिल हो सकेगी और इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा।
Aditya-L1 मिशन के जरिए ISRO ने सूर्य के बारे में जुटाया अहम डेटा
इसके अलावा ISRO ने Aditya-L1 मिशन के जरिए सूर्य के बारे में अहम डेटा भी जुटाया। इस मिशन से हमें सूर्य के बारे में नई जानकारियां मिलेंगी, जो न केवल हमारे लिए, बल्कि पूरे विश्व के लिए बहुत उपयोगी साबित होगी। 2025 में ISRO ने साबित करके दिखाया कि जब भारतीय जज़्बा हो, तो कोई भी सपना बहुत दूर नहीं होता। इन सभी उपलब्धियों ने दिखा दिया कि भारत अब अंतरिक्ष में अपनी एक अलग पहचान बना चुका है।
इन सब के बाद अब ISRO ने गगनयान मिशन की तैयारियाँ पूरी कर ली है। यह भारत का पहला मानव अंतरिक्ष मिशन होगा, जिसमें भारतीय अंतरिक्ष यात्री अंतरिक्ष में जाएंगे। उम्मीद की जा रही है कि यह मिशन भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम को नई ऊँचाईयों पर ले जाएगा।
रिपोर्ट: श्रेया शर्मा
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