भारतीय स्क्वैश खिलाड़ी अनाहत सिंह ने सिलिकॉन वैली ओपन में 8 बार की विश्व चैंपियन नूर एल शेरबिनी को 3-0 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई।
Anahat Singh Stuns 8-Time World Champion Nour El Sherbini to Reach Silicon Valley Open Quarterfinals |
कैलिफोर्निया (अमेरिका)। भारतीय स्क्वैश स्टार और एशियाई खेलों की पदक विजेता अनाहत सिंह ने सिलिकॉन वैली ओपन स्क्वैश टूर्नामेंट में अपने करियर की सबसे बड़ी जीतों में से एक दर्ज की। उन्होंने गुरुवार को मिस्र की आठ बार की विश्व चैंपियन नूर एल शेरबिनी को हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। अनाहत ने यह मुकाबला 3-0 से अपने नाम किया। 30 मिनट तक चले मैच में उन्होंने 11-8, 11-8 और 11-7 के स्कोर से जीत हासिल की।
30 मिनट में 3-0 से दर्ज की शानदार जीत
अनाहत सिंह ने मुकाबले की शुरुआत से ही दमदार प्रदर्शन किया और तीनों गेम में नूर एल शेरबिनी को पीछे रखा। भारतीय खिलाड़ी ने पहला गेम 11-8 से जीता और दूसरे गेम में भी इसी स्कोर से बढ़त बनाई। तीसरे गेम में उन्होंने 11-7 से जीत दर्ज कर मुकाबला अपने नाम कर लिया। PSA स्क्वैश टूर के आधिकारिक एक्स हैंडल ने इस जीत को अनाहत के करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक बताया और उनके क्वार्टर फाइनल में पहुंचने की जानकारी साझा की।
PSA स्क्वैश टूर ने अनाहत की जीत को बताया बड़ी उपलब्धि
PSA स्क्वैश टूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, “सिंह-सेशनल! 18 वर्षीय @Anahat_Singh13 ने अपने करियर की सबसे बड़ी जीत हासिल की है। उन्होंने 8 बार की विश्व चैंपियन नूर एल शेरबिनी को हराकर @SVOpenSquash के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई है। अनाहत सिंह ने [1] नूर एल शेरबिनी को 3-0 से हराया: 11-8, 11-8, 11-7 (30 मिनट)।”
अनाहत सिंह ने नूर एल शेरबिनी को बताया प्रेरणा
मैच के बाद अनाहत सिंह ने नूर एल शेरबिनी के प्रति सम्मान जताया। उन्होंने कहा कि वह मिस्र की खिलाड़ी के लगभग सभी मैच देख चुकी हैं और उन्हें दुनिया के स्क्वैश खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा मानती हैं। अनाहत के मुताबिक, उन्हें उम्मीद नहीं थी कि शेरबिनी के साथ कोर्ट पर उनका पहला मुकाबला इस तरह रहेगा। उन्होंने बताया कि उन्हें लगा था कि प्रतिद्वंद्वी के खेल को समझने और उसके अनुसार खुद को ढालने में समय लगेगा, लेकिन उनका गेम प्लान अच्छी तरह काम कर गया।
गेम प्लान की सफलता पर क्या बोलीं अनाहत?
अपनी जीत के बाद अनाहत ने कहा, “मैंने उनके लगभग सभी मैच देखकर ही शुरुआत की है। मैं उनकी बहुत इज्जत करती हूं; वह सभी स्क्वैश खिलाड़ियों के लिए एक प्रेरणा हैं। हर कोई उनके जैसी उपलब्धियां हासिल करना चाहता है। मैंने नहीं सोचा था कि उनके साथ कोर्ट साझा करने का मेरा पहला अनुभव ऐसा रहेगा। मुझे लगा था कि उनके खिलाफ खेलने का तरीका समझने और सेट होने में थोड़ा समय लगेगा, लेकिन मेरा गेम प्लान बहुत अच्छे से काम कर गया।”
एशियाई खेलों में भी अनाहत ने रचा इतिहास
सिलिकॉन वैली ओपन में शानदार जीत से पहले अनाहत सिंह ने एशियाई खेलों में भी उल्लेखनीय प्रदर्शन किया था। वह एशियाई खेलों में महिला सिंगल्स स्क्वैश में रजत पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। इसके अलावा, उन्होंने आइची-नागोया में आयोजित प्रतियोगिता में भारतीय महिला टीम को कांस्य पदक दिलाने में भी योगदान दिया। इन उपलब्धियों के बाद सिलिकॉन वैली ओपन में उनकी जीत भारतीय स्क्वैश के लिए एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
भारतीय स्क्वैश टीम ने एशियाई खेलों में जीते पांच पदक
आइची-नागोया में आयोजित एशियाई खेलों से आठ सदस्यीय भारतीय स्क्वैश दल कुल पांच पदक लेकर लौटा। टीम ने प्रतियोगिता में दो रजत और तीन कांस्य पदक जीते। अनाहत सिंह का व्यक्तिगत रजत पदक और महिला टीम का कांस्य पदक इस प्रदर्शन का हिस्सा रहे। अब सिलिकॉन वैली ओपन के क्वार्टर फाइनल में पहुंचकर अनाहत ने अंतरराष्ट्रीय स्क्वैश प्रतियोगिता में अपनी चुनौती को आगे बढ़ाया है। (Source: ANI)
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