स्पेन से हार के साथ क्रिस्टियानो रोनाल्डो का आखिरी फीफा विश्व कप सफर समाप्त हो गया।
डलास,(अमेरिका)। फुटबॉल के महान खिलाड़ियों में शुमार क्रिस्टियानो रोनाल्डो का फीफा विश्व कप करियर भावुक अंदाज में समाप्त हुआ। राउंड ऑफ़ 16 में मिकेल मेरिनो के अंतिम क्षणों में किए गए गोल की बदौलत स्पेन ने पुर्तगाल को 1-0 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली, जबकि रोनाल्डो का विश्व कप का सफर हमेशा के लिए खत्म हो गया।
रोनाल्डो फ्री-किक में नही कर पाए गोल
मैच के अंतिम पलों में पुर्तगाल को बराबरी का मौका मिला, लेकिन रोनाल्डो फ्री-किक को गोल में तब्दील नहीं कर सके। अंतिम सीटी बजते ही वह भावुक होकर मैदान पर रोते नजर आए। शानदार क्लब करियर, रिकॉर्डतोड़ गोल और व्यक्तिगत उपलब्धियों के बावजूद विश्व कप ट्रॉफी जीतने का उनका सपना अधूरा ही रह गया।
2026 विश्व कप रोनाल्डो का आखिरी विश्व कप
टूर्नामेंट से पहले रोनाल्डो ने स्पष्ट कर दिया था, कि 2026 विश्व कप उनका आखिरी विश्व कप होगा। हालांकि, उन्होंने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास को लेकर कोई औपचारिक घोषणा नहीं की है। उनका लक्ष्य अब अपने करियर में 1,000 पेशेवर गोल पूरे करना है।
विश्व कप में पुर्तगाल का प्रदर्शन
रोनाल्डो के विश्व कप करियर की शुरुआत 2006 में हुई, जब पुर्तगाल चौथे स्थान पर रहा। इसके बाद टीम 2010 में राउंड ऑफ़ 16 तक पहुंची, 2014 में ग्रुप चरण से बाहर हो गई, 2018 और 2022 में क्वार्टर फाइनल तक पहुंची, जबकि 2026 में स्पेन के खिलाफ हार के साथ राउंड ऑफ़ 16 में उसका सफर समाप्त हो गया।
आंकड़ों में रोनाल्डो का विश्व कप करियर
रोनाल्डो ने अपने विश्व कप करियर में 27 मैच खेले, जो किसी भी खिलाड़ी द्वारा खेले गए दूसरे सबसे अधिक मुकाबले हैं। इस दौरान उन्होंने 11 गोल किए। 2026 विश्व कप में उन्होंने पांच मैचों में तीन गोल दागे और पुर्तगाल के अभियान में अहम भूमिका निभाई।हालांकि, उनके अंतिम मुकाबले में एक अनचाहा रिकॉर्ड भी दर्ज हुआ। पूरे टूर्नामेंट में उन्होंने 17 शॉट लगाए, लेकिन अपने किसी भी साथी खिलाड़ी के लिए एक भी गोल का मौका नहीं बना सके। यह विश्व कप इतिहास में किसी खिलाड़ी द्वारा सबसे अधिक शॉट लगाने के बावजूद एक भी 'चांस क्रिएट' न करने का रिकॉर्ड है।
2026 विश्व कप में बने कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड
अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको की संयुक्त मेजबानी में खेले गए इस विश्व कप में रोनाल्डो ने कई ऐतिहासिक उपलब्धियां भी अपने नाम कीं। राउंड ऑफ़ 32 में क्रोएशिया के खिलाफ 2-1 की जीत के दौरान वह 41 वर्ष या उससे अधिक उम्र में फीफा विश्व कप के नॉकआउट मुकाबले में खेलने वाले पहले खिलाड़ी बने। इसी मैच में उनका सामना अपने पूर्व रियल मैड्रिड साथी लुका मोड्रिक से हुआ।
ग्रुप चरण में शानदार वापसी
पुर्तगाल ने अपने अभियान की शुरुआत डीआर कांगो के खिलाफ 1-1 के ड्रॉ से की, जहां रोनाल्डो का प्रदर्शन उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा। हालांकि, अगले मैच में उन्होंने जोरदार वापसी करते हुए उज्बेकिस्तान के खिलाफ 5-0 की जीत में दो गोल किए। इन दो गोलों के साथ रोनाल्डो फीफा विश्व कप इतिहास में पुर्तगाल के सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए। उन्होंने 10 गोल के साथ यूसेबियो के नौ गोलों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा और बाद में अपने कुल गोलों की संख्या 11 तक पहुंचाई।
इतिहास में रोनाल्डो की अलग पहचान
इसके अलावा, वह छह अलग-अलग फीफा विश्व कप संस्करणों में गोल करने वाले दुनिया के पहले खिलाड़ी भी बने। पुर्तगाल ने ग्रुप चरण का समापन कोलंबिया के खिलाफ गोलरहित ड्रॉ के साथ किया। विश्व कप ट्रॉफी भले ही रोनाल्डो के हाथ न लगी हो, लेकिन रिकॉर्ड, उपलब्धियों और लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर के दम पर उन्होंने फुटबॉल इतिहास में अपनी अलग पहचान हमेशा के लिए दर्ज करा दी। (एएनआई)
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