प्राइम न्यूज़ – एक कसम, राष्ट्र प्रथम
Breaking News

अमेरिका का बड़ा फरमान

FIFA World Cup: अमेरिका का बड़ा फैसला, ईरानी टीम को मैच वाले दिन ही एंट्री-एग्जिट की अनुमति

ईरानी टीम को अमेरिका में फीफा वर्ल्ड कप के मैच खेलने के लिए सिर्फ उसी दिन आने और मैच खत्म होते ही तुरंत देश छोड़ने की इजाजत दी जाएगी।

fifa world cup अमेरिका का बड़ा फैसला ईरानी टीम को मैच वाले दिन ही एंट्री-एग्जिट की अनुमति

US imposes strict same-day entry-exit rule for Iran team |

तेहरान (ईरान)। फीफा वर्ल्ड कप से पहले अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक तनाव अब खेल के मैदान पर भी दिखने लगा है। अमेरिकी सरकार ने ईरानी फुटबॉल टीम को लेकर एक बेहद सख्त और हैरान करने वाला फैसला सुनाया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरानी टीम को अमेरिका में मैच खेलने के लिए सिर्फ उसी दिन आने और मैच खत्म होते ही तुरंत देश छोड़ने की इजाजत दी जाएगी। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने इस कड़े फैसले के पीछे सुरक्षा कारणों का हवाला दिया है। अमेरिका का दावा है कि वह इस खेल आयोजन की आड़ में आतंकवादियों को अपने देश में घुसने की इजाजत बिल्कुल नहीं दे सकता।

मैच के दिन ही एंट्री और एग्जिट का नियम

गोल डॉट कॉम (Goal.com) ने ब्रिटिश अखबार 'द मिरर' के हवाले से एक बड़ी खबर दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी राष्ट्रीय फुटबॉल टीम के सामने अमेरिका में होने वाले विश्व कप मैचों के लिए 'सेम-डे एंट्री और एग्जिट' की कड़ी शर्त रखी गई है। इस नियम के तहत टीम जिस दिन मैच होगा, सिर्फ उसी दिन सुबह अमेरिकी जमीन पर कदम रख पाएगी। इतना ही नहीं, मैच की आखिरी सीटी बजते ही पूरी टीम को तुरंत अमेरिका से रवाना होना पड़ेगा। इस पाबंदी ने ईरानी टीम के कोचिंग स्टाफ और मैनेजमेंट के सामने बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। इतने कम समय में खिलाड़ियों की यात्रा और मैच की तैयारी का तालमेल बिठाना बेहद चुनौतीपूर्ण होगा।

मेक्सिको में ठिकाना बनाने को मजबूर हुआ ईरान

इस पूरे विवाद और गंभीर हालात की पुष्टि खुद मेक्सिको में ईरान के राजदूत अबोलफज़ल पसांदीदा ने की है। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा, "हम सिर्फ मैच वाले दिन सुबह अमेरिका में एंट्री कर सकते हैं और हमें उसी दिन वापस लौटना होगा।" दरअसल, दोनों देशों के बीच बढ़े भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tension) के कारण ईरान को अपनी रणनीति बदलनी पड़ी है। पहले ईरानी टीम ने अमेरिकी राज्य एरिजोना के टूसॉन शहर में अपना बेस कैंप बनाने की योजना बनाई थी, लेकिन अब पाबंदियों के चलते टीम मेक्सिको में अपना हेडक्वार्टर बनाकर तैयारी कर रही है।

अमेरिका ने लगाया गंभीर आरोप: 'आतंकियों को घुसने नहीं देंगे'

ईरानी प्रतिनिधिमंडल को लेकर अमेरिकी अधिकारियों के तेवर बेहद तल्ख हैं। अमेरिकी विदेश मंत्रालय (State Department) ने इस सख्त निगरानी का बचाव करते हुए सुरक्षा चिंताओं को आगे रखा है। हालांकि, अमेरिका ने साफ किया है कि खिलाड़ियों और जरूरी सपोर्ट स्टाफ को वीजा जारी कर दिया गया है। 'गोल डॉट कॉम' के अनुसार, अमेरिकी विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, "ईरान को वर्ल्ड कप में हिस्सा लेने के लिए जरूरी वीजा दे दिए गए हैं। लेकिन, हम ईरानी टीम को इस व्यवस्था का गलत फायदा उठाने की इजाजत नहीं देंगे। खेल के बहाने किसी भी आतंकी को झूठ बोलकर अमेरिका में घुसने नहीं दिया जाएगा।"

15 जून से शुरू होगा ईरान का अभियान

तमाम विवादों के बीच ईरान की टीम 15 जून को कैलिफोर्निया के इंगलवुड में न्यूजीलैंड के खिलाफ अपने वर्ल्ड कप अभियान की शुरुआत करेगी। टूर्नामेंट की तैयारियों के लिए ईरान ने हाल ही में अंताल्या में दो ट्रेनिंग कैंप पूरे किए हैं। टीम का हालिया प्रदर्शन भी शानदार रहा है और उसने अपने आखिरी दोस्ताना मैच में माली को 2-0 से शिकस्त दी है। इससे पहले अभ्यास मैचों में ईरान को नाइजीरिया से हार का सामना करना पड़ा था, जबकि उसने कोस्टा रिका और गाम्बिया के खिलाफ जीत दर्ज की थी।

ग्रुप स्टेज के सभी मैच अमेरिका में

ईरान की मुश्किलें इसलिए भी ज्यादा हैं क्योंकि ग्रुप स्टेज के उसके तीनों मुकाबले अमेरिका में ही होने हैं। 15 जून को न्यूजीलैंड से भिड़ने के बाद, ईरानी टीम 21 जून को इंगलवुड में बेल्जियम का सामना करेगी। इसके बाद 26 जून को सिएटल में मिस्र (Egypt) के खिलाफ मैच के साथ ईरान का ग्रुप स्टेज का सफर खत्म होगा। यानी हर मैच के लिए टीम को मेक्सिको से अमेरिका आना-जाना पड़ेगा। इस बीच, ईरानी सपोर्ट स्टाफ के वीजा स्टेटस और अमेरिका के इन गंभीर आरोपों पर फीफा (FIFA) या अमेरिकी अधिकारियों की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया है। (ANI)

यह भी पढ़ें: पटना में खान ग्लोबल स्टडीज़ इंस्टीट्यूट का फायर ऑडिट, हवाई फायरिंग मामले की जांच तेज

Related to this topic: