पुरुष हॉकी विश्व कप में पोडियम पर पहुंचने के लिए भारत का इंतजार 51 साल तक बढ़ गया, क्योंकि हरमनप्रीत सिंह की अगुवाई वाली टीम सोमवार को अर्जेंटीना से 3-5 से हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गई।
नई दिल्ली [भारत]: पुरुष हॉकी विश्व कप में पोडियम पर पहुंचने के लिए भारत का इंतजार 51 साल तक बढ़ गया, क्योंकि हरमनप्रीत सिंह की अगुवाई वाली टीम सोमवार को अर्जेंटीना से 3-5 से हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गई। ईएसपीएन के अनुसार, भारत को सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीदें जिंदा रखने के लिए अर्जेंटीना को कम से कम दो गोल से हराना जरूरी था, लेकिन खराब रक्षात्मक प्रदर्शन के कारण दक्षिण अमेरिकी टीम ने मैच पर नियंत्रण कर लिया और भारत के अभियान का अंत कर दिया।
अर्जेंटीना ने पहले मिनट में बनाई बढ़त
अर्जेंटीना ने आक्रामक शुरुआत की और पहले ही मिनट में जोकिन टोस्कानी के गोल से बढ़त बना ली। इसके बाद छठे मिनट में डेला टोरे ने पेनल्टी कॉर्नर से गोल करके बढ़त को दोगुना कर दिया। भारत ने 10वें मिनट में सुखजीत सिंह के गोल से जवाब दिया, जिससे मेजबान टीम को वापसी की उम्मीद जगी।
दूसरे हाफ में अर्जेंटीना ने बढ़ाई बढ़त
हालांकि, अर्जेंटीना ने 33वें मिनट में डोमेने के गोल से अपनी दो गोल की बढ़त फिर से कायम कर ली। इसी खिलाड़ी ने 45वें मिनट में पेनल्टी स्ट्रोक को गोल में बदलकर स्कोर 4-1 कर दिया। इसके बाद 53वें मिनट में लुकास टोस्कानी ने अर्जेंटीना का पांचवां गोल दागा, जिससे भारत के लिए जीत हासिल करना बेहद मुश्किल हो गया।
सुखजीत के दूसरे गोल से जगी उम्मीद
हालांकि, सुखजीत ने 58वें मिनट में मैच का अपना दूसरा गोल दागकर भारत को 3-5 से जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। मैच खत्म होने से ठीक पहले हरमनप्रीत सिंह को पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन उनका ड्रैग-फ्लिक शॉट बचा लिया गया, जिससे भारत का विश्व कप का सफर यहीं समाप्त हो गया।
रक्षात्मक कमजोरियां बनीं हार की वजह
पांच मैचों में भारत ने कुल 16 गोल खाए और अर्जेंटीना के खिलाफ मजबूत प्रदर्शन की जरूरत वाले इस टूर्नामेंट में उनकी रक्षात्मक कमजोरियां आखिरकार भारी पड़ीं। इस हार से विश्व कप पदक के लिए भारत का लंबा इंतजार और बढ़ गया है। भारत ने पुरुष हॉकी विश्व कप सिर्फ एक बार जीता है, 1975 में, जब उन्होंने कुआलालंपुर में फाइनल में पाकिस्तान को 2-1 से हराया था। पहले तीन संस्करणों में भारत ने पदक जीते थे—1971 में कांस्य, 1973 में रजत और 1975 में स्वर्ण—लेकिन उसके बाद से वह पोडियम पर वापसी नहीं कर पाया है।
अब बेल्जियम से होगा मुकाबला
अब भारत सातवें और आठवें स्थान के लिए बेल्जियम के खिलाफ क्वालिफिकेशन मैच खेलेगा। इस परिणाम का यह भी अर्थ है कि 2026 हॉकी विश्व कप में भारत का सफर यहीं समाप्त हो गया है, क्योंकि महिला टीम रविवार को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ गोलरहित ड्रॉ के बाद टूर्नामेंट से बाहर हो गई। मुख्य कोच क्रेग फुल्टन और भारतीय खिलाड़ियों का ध्यान अब अगले महीने जापान के आइची-नागोया में शुरू होने वाले एशियाई खेलों पर केंद्रित होगा।
(एएनआई)
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