इंडियन प्रीमियर लीग की एक प्रमुख फ्रेंचाइजी 'राजस्थान रॉयल्स' का मालिकाना एक बार फिर बदल गया है। कारोबारी लक्ष्मी निवास मित्तल ने राजस्थान रॉयल्स को 1.65 अरब डॉलर में खरीद लिया है।
मुंबई। इंडियन प्रीमियर लीग की एक प्रमुख फ्रेंचाइजी "राजस्थान रॉयल्स" का मालिकाना एक बार फिर बदल गया है। ब्रिटेन में रहने वाले भारतीय मूल के स्टील के बड़े कारोबारी लक्ष्मी निवास मित्तल ने देश में चल रहे आईपीएल सीजन - 2026 के फाइनल से पहले "राजस्थान रॉयल्स" को 1.65 अरब डॉलर में खरीद लिया है। इस डील में उनके साझीदार बने हैं कोविड वैक्सीन को लेकर सुर्खियों में रहे आदार पूनावाला।
1.65 अरब डॉलर में हुई डील बनी
स्टील किंग लक्ष्मी निवास मित्तल (Lakshmi Mittal) और आदित्य मित्तल (Aditya Mittal) के साथ आदार पूनावाला (Adar Poonawalla) ने इंडियन प्रीमियर लीग की फ्रेंचाइजी "राजस्थान रॉयल्स" को खरीदने का अंतिम समझौता किया है। यह डील 1.65 अरब डॉलर में फाइनल हुई है जिसका ऐलान 3 मई को किया गया। यह आईपीएल के इतिहास में सबसे बड़ी डील में से एक मानी जा रही है।
एलएन मित्तल ने की डील की घोषणा
एलएन मित्तल ने डील की घोषणा करते हुए कहा कि इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की ओरिजिनल आठ टीमों में से एक जयपुर फ्रेंचाइजी खरीदने के लिए एक पक्का एग्रीमेंट हो गया है। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) के आदार पूनावाला और मौजूदा लीड-ओनर मनोज बडाले उस कंसोर्टियम का हिस्सा हैं।
फाइनल नहीं हो पाई थी पहले की डील
इससे पहले मार्च में खबर आयी थी जिसमें अमेरिका के बिजनेसमैन काल सोमानी के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम को "राजस्थान रॉयल्स" फ्रेंचाइजी का नया मालिक घोषित किया गया था। इस कंसोर्टियम में रॉब वॉल्टन (वॉलमार्ट) और हैम्प (फोर्ड) परिवार भी पार्टनर थे। लेकिन बताया जाता है कि धन का भुगतान नहीं होने के कारण यह डील आगे फाइनल नहीं हो सकी और अब यह नया सौदा हुआ है।
2008 से शुरू हुआ राजस्थान रॉयल्स का सफर
राजस्थान रॉयल्स (RR) IPL की 2008 में स्थापित शुरुआती टीमों में से एक है। शेन वॉर्न की कप्तानी में सबसे कम बजट वाली टीम माने जाने के बावजूद राजस्थान रायल्स ने पहला खिताब जीतकर इतिहास रच दिया था। जयपुर स्थित यह टीम अपनी युवा प्रतिभाओं को निखारने के लिए जानी जाती है।
शिल्पा शेट्टी और विवादों से जुड़ा अतीत
मशहूर अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी और उनके पति राज कुंद्रा ने 2009 में आईपीएल टीम राजस्थान रॉयल्स (RR) में लगभग 11.7% की हिस्सेदारी खरीदी थी। शिल्पा टीम की सह-मालकिन और ब्रांड एंबेसडर भी थीं। लेकिन 2013 के सट्टेबाजी विवाद के बाद, उन्होंने 2015 में टीम से अपनी हिस्सेदारी बेच दी। इसके बाद 2013 के सट्टेबाजी घोटाले के कारण टीम पर दो साल (2016-2017) का प्रतिबंध लगा था। इसके बाद 2018 में टीम ने आईपीएल में शानदार वापसी की और 2022 में उपविजेता (Runners-up) रही।
मित्तल परिवार "राजस्थान रॉयल्स" में रखेगा 75 प्रतिशत हिस्सेदारी
सीएनबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक मित्तल परिवार "राजस्थान रॉयल्स" में 75 प्रतिशत हिस्सेदारी रखेगा, जबकि आदार पूनावाला 18 प्रतिशत हिस्सेदारी रखेंगे। बाकी 7 प्रतिशत हिस्सेदारी मौजूदा निवेशकों के पास रहेगी, जिनमें मनोज बदले भी शामिल हैं। यह 1.65 अरब डॉलर की राशि राजस्थान रॉयल्स और उनकी सहायक टीमों जैसे कैरेबियन प्रीमियर लीग की बारबाडोस रॉयल्स और SA20 की पार्ल रॉयल्स का एंटरप्राइज वैल्यू है। नए राजस्थान रॉयल्स बोर्ड में लक्ष्मी मित्तल, आदित्य मित्तल, वनिशा मित्तल भाटिया, अदर पूनावाला और मनोज बदले शामिल होंगे।
क्रिकेट के प्रति मित्तल का जुनून
लक्ष्मी निवास मित्तल ने डील फाइनल होने के बाद कहा कि उन्हें क्रिकेट से लगाव है और उनका परिवार राजस्थान से है इसलिए वे राजस्थान रॉयल्स का हिस्सा बनकर बहुत खुश हैं। उन्होंने कहा कि वे स्कूल के समय से क्रिकेट खेलते आए हैं और इस खेल के बड़े प्रशंसक हैं।
आदार पूनावाला ने पहले बेंगलुरु के लिए भी लगाई थी बोली
आदार पूनावाला, जिन्होंने पहले बेंगलुरु के लिए भी बोली लगाई थी, ने कहा कि वे आदित्य मित्तल के साथ इस निवेश को लेकर उत्साहित हैं और राजस्थान रॉयल्स एक मजबूत इतिहास वाली प्रमुख आईपीएल फ्रेंचाइजी है। वे इसके लंबे समय तक विकास और सफलता का समर्थन करेंगे। उन्होंने कहा, "मैं उन सभी को धन्यवाद देना चाहता हूं जिन्होंने राजस्थान रॉयल्स को एक ग्लोबल स्पोर्टिंग इंस्टीट्यूशन बनाने में मदद की है - खिलाड़ी, कोच, लीडरशिप टीम, और सबसे बढ़कर फैंस।"
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