भारतीय एथलीट एंसी सोजन और प्राची चौधरी ने ऐची-नागोया में आयोजित एशियाई खेल 2026 में पदक जीतने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात पर खुशी जाहिर की।
नई दिल्ली: भारतीय एथलीट एंसी सोजन और प्राची चौधरी ने ऐची-नागोया में आयोजित एशियाई खेल 2026 में पदक जीतने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात पर खुशी जाहिर की। दोनों खिलाड़ियों ने खेलों के प्रति प्रधानमंत्री की गहरी रुचि और खिलाड़ियों के सामने 'विकसित भारत' का दृष्टिकोण रखने के उनके तरीके की सराहना की। गुरुवार को नई दिल्ली के मेजर ध्यान चंद राष्ट्रीय स्टेडियम में प्रधानमंत्री मोदी ने एशियाई खेल 2026 में भाग लेने वाले भारतीय दल के साथ बातचीत की। इस अवसर पर खिलाड़ी, कोच और अधिकारी महाद्वीपीय बहु-खेल प्रतियोगिता में देश के प्रदर्शन का जश्न मनाने के लिए एकत्र हुए थे।
पीएम मोदी से मुलाकात को बताया प्रेरणादायक
एएनआई से बात करते हुए प्राची चौधरी ने कहा कि भारत के बाहर प्रमुख प्रतियोगिताओं में पदक जीतना हमेशा प्रेरणा का स्रोत होता है। वहीं, प्रधानमंत्री मोदी से मिलने और उनसे बातचीत करने का अवसर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाता है। प्राची ने किरण पहल, माचेत्तिरा पूवम्मा और विथ्या रामराज के साथ महिला 4x400 मीटर रिले स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था। उन्होंने कहा, “बहुत अच्छा लगा। इससे बहुत प्रेरणा मिलती है। जब हम भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए विदेश जाते हैं, तो हमारा लक्ष्य हमेशा पदक लाना होता है। अगर हम पदक लाते हैं, तो प्रधानमंत्री हमें आमंत्रित करते हैं, और हमें उनसे मिलने और बात करने का मौका मिलता है, जो हमारे लिए प्रेरणा का काम करता है।” महिला 4x400 मीटर रिले फाइनल में भारतीय चौकड़ी ने 3 मिनट 29.69 सेकंड का समय निकालकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
‘विकसित भारत’ के सपने पर क्या बोलीं प्राची?
प्राची ने प्रधानमंत्री मोदी के 'विकसित भारत' के दृष्टिकोण पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि देश में खेल अवसंरचना और सुविधाओं का विकास खिलाड़ियों के लिए फायदेमंद साबित हो रहा है। उन्होंने कहा, “उन्होंने विकसित भारत के सपने और इसे पूरा करने की हमारी आवश्यकता के बारे में बात की। हमारी खेल अवसंरचना का बहुत विकास हो रहा है, और इन सुविधाओं से खेल से जुड़े बच्चों को बहुत लाभ मिल रहा है। जमीनी स्तर पर भी बच्चे मजबूती से उभर रहे हैं, इसलिए आने वाले समय में भारत एक खेल केंद्र बन जाएगा।” लंबी कूद में 6.53 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ रजत पदक जीतने वाली एंसी सोजन ने भी प्रधानमंत्री से मुलाकात पर खुशी जाहिर की। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों के साथ तस्वीरें खिंचवाईं और खेलों में अपनी गहरी रुचि दिखाई। सोजन ने कहा, “यह बहुत अच्छा लगा, वे हमारे साथ आए और एक तस्वीर खिंचवाई। उन्होंने अपने व्यस्त कार्यक्रम से समय निकालकर हमारी सराहना की, और वे... क्या कहें, खेलों में बहुत रुचि रखते हैं। वे हमेशा खेलों, ओलंपिक के बारे में बात करते रहते हैं, और हम इससे बहुत उत्साहित थे।”
दो सेंटीमीटर से चूका स्वर्ण पदक
एंसी सोजन लंबी कूद में स्वर्ण पदक जीतने से महज दो सेंटीमीटर पीछे रह गईं। चीन की हुआंग यिंगयिंग ने 6.55 मीटर की छलांग लगाकर स्वर्ण पदक जीता, जबकि सोजन ने 6.53 मीटर के साथ रजत पदक हासिल किया। एक अन्य चीनी खिलाड़ी टैन मेंगयी ने 6.46 मीटर की छलांग के साथ कांस्य पदक जीता। भारत की शैली सिंह 6.42 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ चौथे स्थान पर रहीं। जापान के ऐची-नागोया में आयोजित खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम भी गुरुवार को कार्यक्रम में शामिल हुई। टीम रायपुर से पहुंची थी। अनुभवी बल्लेबाज हरमनप्रीत कौर ने प्रधानमंत्री मोदी को हस्ताक्षरित जर्सी भेंट की। इस मुलाकात के दौरान खिलाड़ियों ने प्रधानमंत्री को हस्ताक्षरित जर्सी, हस्ताक्षरित हॉकी स्टिक और शॉल भेंट कर सम्मानित किया। भारत की पुरुष और महिला हॉकी टीमों ने भी उन्हें जर्सी भेंट की, जबकि महिला टीम की कप्तान सलीमा टेटे ने हॉकी स्टिक भेंट की।
खेल मंत्री और IOA अध्यक्ष भी रहे मौजूद
कार्यक्रम में केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया भी उपस्थित थे। प्रधानमंत्री मोदी का संबोधन शुरू होने पर वह खिलाड़ियों के बीच बैठे थे। युवा मामले एवं खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे और भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) की अध्यक्ष पीटी उषा भी कार्यक्रम में शामिल हुईं। इस सभा में भारतीय दल के सदस्य, उनके कोच और सहायक कर्मचारी, IOA के अधिकारी, राष्ट्रीय खेल संघों के प्रतिनिधि तथा युवा मामले एवं खेल मंत्रालय के अधिकारी मौजूद रहे। भारत ने ऐची-नागोया एशियाई खेलों की पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया। भारतीय दल ने 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य पदक सहित कुल 85 पदक जीते। इस प्रदर्शन के साथ भारत ने लगातार दूसरी बार महाद्वीपीय प्रतियोगिता में शीर्ष पांच देशों में जगह बनाई। भारत ने फील्ड हॉकी, क्रिकेट और कबड्डी की तीन महत्वपूर्ण टीम स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीते। इसके अलावा दल ने अन्य खेलों में भी कई उल्लेखनीय उपलब्धियां दर्ज कीं। इनमें पुरुष और महिला हॉकी टीमों का एक ही संस्करण में स्वर्ण पदक जीतना, रिकर्व तीरंदाजी में ऐतिहासिक प्रदर्शन और सॉफ्ट टेनिस तथा मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (MMA) में भारत के पहले पदक शामिल हैं। भारत ने महिला ट्रैप शूटिंग स्पर्धा में अपना पहला स्वर्ण पदक भी हासिल किया। वहीं, भारोत्तोलन में रजत पदक ने इस स्पर्धा में 28 साल के इंतजार को समाप्त किया। ग्रीको-रोमन कुश्ती में रजत पदक भी महत्वपूर्ण उपलब्धि रहा, जिसने इस स्पर्धा में भारतीय फाइनलिस्ट के 64 साल के इंतजार को खत्म किया।
(एएनआई)
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