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श्रीलंका से छिनी मेजबानी, भारत प्रबल दावेदार

श्रीलंका से छीनी जा सकती है 2027 महिला चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी, भारत के आयोजन की संभावना बढ़ी

क्रिकइन्फो के अनुसार, फरवरी 2027 में होने वाली पहली महिला चैंपियंस ट्रॉफी को श्रीलंका से बाहर स्थानांतरित किया जा सकता है और श्रीलंका क्रिकेट (एसएलसी) से मेजबानी के अधिकार छीने जाने की संभावना है।

श्रीलंका से छीनी जा सकती है 2027 महिला चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी भारत के आयोजन की संभावना बढ़ी

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कोलंबो [श्रीलंका]: क्रिकइन्फो के अनुसार, फरवरी 2027 में होने वाली पहली महिला चैंपियंस ट्रॉफी को श्रीलंका से बाहर स्थानांतरित किया जा सकता है और श्रीलंका क्रिकेट (एसएलसी) से मेजबानी के अधिकार छीने जाने की संभावना है।

भारत बन सकता है नया मेजबान

छह टीमों का यह टूर्नामेंट इसी अवधि के दौरान किसी अन्य स्थान पर आयोजित किया जाएगा। ऐसे में भारत के मेजबान बनने की संभावना बढ़ गई है। नए मेजबान की आधिकारिक पुष्टि अक्टूबर में होने वाली अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) बोर्ड की बैठक में होने की उम्मीद है। क्रिकइन्फो की रिपोर्ट के अनुसार, श्रीलंका में क्रिकेट प्रशासन में सरकारी हस्तक्षेप को लेकर चिंताओं के बाद मेजबानी अधिकार छीने जाने की संभावना है। यह टूर्नामेंट श्रीलंका का एक साल के भीतर दूसरा आईसीसी आयोजन होने वाला था। इससे पहले श्रीलंका ने इस साल की शुरुआत में 2026 पुरुष टी20 विश्व कप की सह-मेजबानी की थी।

परिवर्तन समिति चला रही एसएलसी

एसएलसी का संचालन फिलहाल श्रीलंका सरकार द्वारा नियुक्त एक अंतरिम निकाय, परिवर्तन समिति के हाथों में है। इस समिति को बोर्ड के संविधान में बदलाव सहित प्रमुख सुधारों की निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है। आईसीसी राजनीतिक रूप से नियुक्त प्रशासनों द्वारा संचालित क्रिकेट बोर्डों को मान्यता नहीं देता। परिवर्तन समिति के गठन के बाद से एसएलसी के प्रतिनिधि आईसीसी बोर्ड की बैठकों में भी शामिल नहीं हुए हैं।

श्रीलंका की योग्यता पर भी असर

चैंपियंस ट्रॉफी में आईसीसी रैंकिंग की शीर्ष छह टीमें हिस्सा लेती हैं। श्रीलंका फिलहाल सातवें स्थान पर है। ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, भारत, न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका शीर्ष पांच स्थानों पर हैं, जबकि वेस्टइंडीज छठे स्थान पर है। मेजबानी में बदलाव का श्रीलंका पर बड़ा असर पड़ सकता है, क्योंकि उसने मूल रूप से मेजबान होने के कारण ही टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई किया था।

तीन साल में दूसरी बार झटका

गौरतलब है कि तीन साल में यह दूसरी बार होगा जब श्रीलंका से आईसीसी टूर्नामेंट की मेजबानी छीने जाने की नौबत आई है। 2023 में भी इसी तरह की चिंताओं के कारण 2024 पुरुष अंडर-19 विश्व कप की मेजबानी श्रीलंका से छीन ली गई थी। बाद में इस टूर्नामेंट को दक्षिण अफ्रीका स्थानांतरित कर दिया गया था।

(एएनआई)

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