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पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की

मंदसौर पंजाब नेशनल बैंक में करोड़ों का खेल,करेंसी चेस्ट से 1 करोड़ रुपए गायब

मंदसौर में पंजाब नेशनल बैंक के करेंसी चेस्ट से 1 करोड़ रुपये गायब पाये गए। मामले में तत्कालीन शाखा प्रबंधक समेत कई लोगों के खिलाफ गबन का मामला दर्ज किया गया है।

मंदसौर पंजाब नेशनल बैंक में करोड़ों का खेलकरेंसी चेस्ट से 1 करोड़ रुपए गायब

मंदसौर (मध्यप्रदेश): पंजाब नेशनल बैंक से जुड़ी एक करोड़ की राशि के गबन की चौंकाने वाली खबर सामने आई है। पंजाब नेशनल बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक करेंसी चेस्ट और उपप्रबंधक द्वारा एक करोड़ रुपये के गबन का सनसनीखेज मामला सामने आया है। गबन के खुलासे के बाद पीएनबी ने दोनों कर्मचारियों को निलंबित कर पुलिस में शिकायत की। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 

पुलिस ने दर्ज किया गबन का मामला

मंदसोर शहर कोतवाली थाना पुलिस ने बैंक के मौजूदा प्रबंधक की शिकायत के बाद दोनों मुख्य आरोपी सहित अन्य के विरुद्ध गबन का केस दर्ज किया है। मामले के अनुसार पीएनबी में एक करोड़ रुपये के गबन होने की शिकायत अधिकारियों को मिली थी। इसमें पीएनबी करेंसी चेस्ट मंदसौर के तत्कालीन शाखा प्रबंधक अनुज शर्मा द्वारा मई माह में एक लिखित रिपोर्ट सर्कल हेड पीएनबी सर्कल ऑफिस उज्जैन को की थी। 

जांच में एक करोड़ रुपये कम मिले

इसके आधार पर भोपाल के डिप्टी जोनल हेड ने जांच के लिए आलोक कातरे, आईएसए, राजीव रंजन कुमार को नियुक्त किया। जांच और भौतिक सत्यापन के दौरान पता चला कि जो राशि 4 करोड़ पांच लाख रुपये होना बताई थी। ये राशि तीन करोड़ पांच लाख रुपये ही निकली। यानी एक करोड़ रुपये कम मिले।

सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया गया

ये राशि पीएनबी मंदसौर के तत्कालीन शाखा प्रबंधक करेंसी चेस्ट अनुज शर्मा, उप प्रबंधक उत्कर्ष घावरी के रहते हुए गबन की गई। लेकिन, पीएनबी के अधिकारियों को इसकी समय रहते जानकारी नही दी गई। जांच की गई तो गबन और अन्य गंभीर लापरवाही उजागर हुई थी। जांच के दौरान करेंसी चेस्ट संचालन से संबंधित निर्धारित सुरक्षा मानकों का गंभीर उल्लंघन पाया गया।

सिंगल लॉक सिस्टम से संचालित हो रहे थे करेंसी चेस्ट

निर्धारित सुरक्षा प्रक्रिया के अनुसार, करेंसी चेस्ट केबिन डबल लॉक सिस्टम के अंतर्गत संचालित करना आवश्यक हैं, जिससे लोक धन की सुरक्षा एवं उत्तरदायित्व सुनिश्चित हो सके। किंतु जांच में पाया कि करेंसी चेस्ट के समस्त केबिन कथित रूप से डबल लॉक सिस्टम के स्थान पर सिंगल लॉक सिस्टम से संचालित किए जा रहे थे।

गैर-अभिरक्षक अधिकारी को स्ट्रांग रूम में दिया गया प्रवेश 

वहीं, स्ट्रांग रूम में बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के माध्यम से प्रवेश अधिकारी सत्यनारायण वंशी को भी प्रवेश करने दिया। जो नकद राशि के अधिकृत अभिरक्षक नहीं थे। गैर-अभिरक्षक अधिकारी को स्ट्रांग रूम में प्रवेश प्रदान किया जाना गंभीर सुरक्षा में चूक एवं निर्धारित करेंसी चेस्ट प्रक्रिया का उल्लंघन भी है।

वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट में करेंसी चेस्ट में रुपये कम होने की जानकारी

इतना ही नहीं वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट में भी करेंसी चेस्ट में 1 करोड़ रुपये कम होने की जानकारी नही दी गई थी। जुलाई 2025 से दिसंबर 2025 की अवधि में हुए अर्धवार्षिक सत्यापन में भी इतनी बडी नकद राशि की कमी का जिम्मेदार अधिकारियों ने कोई उल्लेख नहीं किया। 

पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की

इसी प्रकार द्विमासिक ऑडिट रिपोर्ट, मासिक निरीक्षण प्रतिवेदन तथा साप्ताहिक बैलेंस सत्यापन प्रतिवेदनों में एक करोड़ रुपये नकदी की कमी का कोई उल्लेख दर्ज नहीं किया गया। ये करेंसी चेस्ट संचालन में गंभीर अनियमितता, अभिलेखीय हेराफेरी एवं लोक धन के कथित गबन/आपराधिक न्यासभंग का मामला है। फिलहाल पूरे मामले में मंदसोर पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 
 

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