रीवा जिले में ठगी और धोखाधड़ी की घटनाओं पर आधारित बॉलीवुड फिल्म 'बंटी और बबली' की तर्ज पर एक सनसनीखेज मामला सामने आया है।
रीवा (मध्यप्रदेश)। रीवा जिले में ठगी और धोखाधड़ी की घटनाओं पर आधारित बॉलीवुड फिल्म 'बंटी और बबली' की तर्ज पर एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक स्कूल संचालिका और उसके पति ने करीब 200 महिलाओं को इन्वेस्टमेंट के नाम पर पैसा दोगुना करने का झांसा दिया और करोड़ों रुपये समेटकर रफूचक्कर हो गए।
एसपी ऑफिस पहुंचकर दिया धरना
पिछले 8-9 महीनों से थानों और पुलिस अफसरों के चक्कर काट रही पीड़ित महिलाएं जब थक गईं, तो उनके सब्र का बांध टूट गया। न्याय की गुहार लेकर दर्जनों महिलाएं बुधवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचीं और परिसर में ही धरने पर बैठ गईं। पीड़ित महिलाओं ने हाथों में 'नेताओं का हाथ ठगों के साथ, 100 करोड़ का हिसाब दो' लिखी तख्तियां लेकर जमकर आक्रोश जताया। महिलाओं का सीधा आरोप है कि रसूखदारों और राजनीतिक संरक्षण के चलते पुलिस इस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं कर रही है।
गोल्ड स्कीम और प्रॉपर्टी का दिया झांसा
धरने पर बैठी पीड़ित महिला शमीम अंसारी ने बताया कि स्कूल संचालिका आकला सुल्ताना उर्फ नंदा और उसके पति असलम अंसारी ने महिलाओं को अपने जाल में फंसाया था। आरोपी पति असलम एलआईसी में एओ के पद पर रीवा ब्रांच में पदस्थ था, जबकि पत्नी स्कूल चलाती थी। उन्होंने महिलाओं को झांसा दिया कि वे एलआईसी, गोल्ड स्कीम और प्रॉपर्टी में पैसा इन्वेस्ट करते हैं। उन्होंने दावा किया था कि महज तीन महीने में निवेश की गई रकम दोगुनी होकर मिलेगी। शुरुआत में विश्वास जीतने के लिए कुछ लोगों को चेक और एग्रीमेंट भी दिए गए।
200 से अधिक लोग शिकार, 100 करोड़ से ऊपर के घोटाले की आशंका
पीड़ित महिला रश्मि ने बताया कि इस ठगी का शिकार अकेले रीवा में ही करीब 150 से 200 लोग हैं। इसके अलावा आरोपियों ने सतना, जबलपुर, इलाहाबाद और छतरपुर तक अपनी ठगी का जाल फैला रखा था। महिलाओं का कहना है कि यह पूरा घोटाला 100 करोड़ रुपये से भी ज्यादा का हो सकता है। आरोपियों ने 15 मई तक सबका पैसा लौटाने का आश्वासन दिया था, लेकिन वे 18 अप्रैल को ही रीवा से सारा बोरिया-बिस्तर समेटकर फरार हो गए।
डिप्टी सीएम और भाजपा नेत्रियों के नाम का इस्तेमाल
प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आरोपी आकला सुल्ताना खुद को बचाने और महिलाओं को बरगलाने के लिए बड़े नामों का इस्तेमाल करती थी। वह कहती थी कि हमारी तो सरकार ही है। स्कूल के कार्यक्रमों (15 अगस्त और 26 जनवरी) में भाजपा नेत्रियों को बतौर मुख्य अतिथि बुलाया जाता था। पीड़ित महिलाओं का कहना है कि आरोपी महिला हमेशा प्रदेश के डिप्टी सीएम और अन्य रसूखदारों के नाम की धौंस देती थी, जिसके कारण लोग आसानी से उसकी बातों में आ गए।
कर्जदारों के दबाव में पीड़ित, पुलिस पर पैसा खाने का आरोप
धरने पर बैठी एक अन्य महिला परवीन ने रोते हुए अपना दर्द बयां किया। उन्होंने कहा कि हम लोगों ने दूसरों से पैसे लेकर, कर्ज उठाकर इन्हें दिए थे। अब कर्जदार हमारे घरों के दरवाजे पर आकर खड़े हो रहे हैं और मानसिक रूप से परेशान कर रहे हैं। पुलिस के पास जाते हैं तो वे कहते हैं कि एग्रीमेंट है तो कोर्ट जाओ। महिलाओं ने आरोप लगाया कि आकला सुल्ताना फरार होने से पहले साफ कह कर गई थी कि वह पुलिस को इतना पैसा खिला देगी कि कोई उसकी सुनवाई नहीं करेगा। शायद यही वजह है कि 10 बार आवेदन देने के बाद भी सीएसपी और थाना पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। सीएसपी ने तो पीड़ितों को इंदौर या दिल्ली जाकर कार्रवाई कराने की नसीहत तक दे डाली।
मामले की जांच सीएसपी राजीव पाठक को सौंपी गई है
इस पूरे मामले को लेकर रीवा पुलिस अधीक्षक ने कहा कि यह मामला पिछले महीने उनके संज्ञान में आया था। महिलाओं के अलग-अलग समूहों ने इस संबंध में आवेदन दिए हैं। कुछ मामलों में चेक और कुछ में एग्रीमेंट की बात सामने आई है। एसपी ने बताया कि पूरे मामले की विस्तृत जांच सीएसपी कोतवाली को सौंपी गई है। सभी दस्तावेजों का परीक्षण कराया जा रहा है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर विधि संगत और वैधानिक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
भोपाल तक आंदोलन की चेतावनी
एसपी कार्यालय में धरने पर बैठी महिलाओं ने साफ चेतावनी दी है कि यदि रीवा पुलिस ने ठग दंपति के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार नहीं किया और उनका पैसा वापस नहीं कराया, तो वे यहां से उठने वाली नहीं हैं। जरूरत पड़ी तो सभी पीड़ित महिलाएं भोपाल जाकर मुख्यमंत्री और डीजीपी से न्याय की गुहार लगाएंगी।
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