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2011 आचार संहिता उल्लंघन मामला

लालू प्रसाद यादव 2011 के आचार संहिता उल्लंघन मामले में सीवान कोर्ट में हुए पेश

2011 के दरौंदा विधानसभा उपचुनाव आचार संहिता उल्लंघन मामले में आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव सीवान कोर्ट में पेश हुए। अदालत ने आगे की कार्यवाही के निर्देश दिए हैं।

लालू प्रसाद यादव 2011 के आचार संहिता उल्लंघन मामले में सीवान कोर्ट में हुए पेश

2011 Model Code violation case: RJD chief Lalu Prasad Yadav appears in Siwan court |

सिवान (बिहार)। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रमुख लालू प्रसाद यादव साल 2011 के दरौंदा विधानसभा उपचुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता (MCC) के कथित उल्लंघन से जुड़े करीब 15 साल पुराने एक मामले के सिलसिले में सीवान जिला अदालत में पेश हुए। लालू प्रसाद यादव दरौंदा थाने में दर्ज इस मामले की सुनवाई के तहत अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (ACJM-I) अरविंद कुमार सिंह की अदालत में उपस्थित हुए। अदालत में पेश होने के बाद उन्हें वहां से जाने की अनुमति प्रदान कर दी गई।

आरजेडी नेता अवध बिहारी चौधरी ने न्यायपालिका के प्रति जताया सम्मान

बिहार विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष और आरजेडी के वरिष्ठ नेता अवध बिहारी चौधरी ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पार्टी प्रमुख लालू प्रसाद यादव न्यायपालिका का बहुत अधिक सम्मान करते हैं और इसी के तहत वे खुद अदालत में उपस्थित हुए हैं। उन्होंने कहा, "माननीय अदालत के आदेश के अनुसार, हमारे नेता लालू प्रसाद यादव दरौंदा उपचुनाव के दौरान आचार संहिता उल्लंघन से जुड़े मामले में पेश हो रहे हैं। उन्हें हमेशा से न्यायपालिका पर गहरा भरोसा रहा है, और अदालत का जो भी आदेश होगा, हम उसका पूरी तरह से पालन करेंगे।"

अक्टूबर 2011 के दरौंदा उपचुनाव से जुड़ा है पूरा मामला

यह पूरा कानूनी मामला अक्टूबर 2011 का है, जब सीवान जिले के दरौंदा विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव के लिए जोर-शोर से चुनाव प्रचार चल रहा था। जनता दल (यूनाइटेड) की तत्कालीन विधायक जगमातो देवी के निधन के कारण यह उपचुनाव कराना अनिवार्य हुआ था। आरोप है कि लालू प्रसाद यादव उस दौरान आरजेडी उम्मीदवार परमेश्वर सिंह के पक्ष में चुनाव प्रचार करने के लिए दरौंदा गए थे। आरोप लगाया गया था कि आरजेडी प्रमुख रैली स्थल पर तय समय से देरी से पहुंचे और धारा 144 तथा लाउडस्पीकर अधिनियम के तहत लगाए गए प्रतिबंधों का खुलेआम उल्लंघन करते हुए अपनी जनसभा को संबोधित करना जारी रखा था।

प्रशासनिक कार्रवाई और मुकदमे की आगे की कार्यवाही

जिला चुनाव अधिकारियों के अनुसार, बिना किसी आवश्यक प्रशासनिक अनुमति के सार्वजनिक संबोधन प्रणाली (माइक्रोफोन और लाउडस्पीकर) का इस्तेमाल किया जा रहा था। स्थिति तब और अधिक तनावपूर्ण हो गई जब चुनाव मजिस्ट्रेट और स्थानीय पुलिस बल मंच पर पहुंच गए। उन्होंने साउंड सिस्टम बंद कर दिया और भाषण रोकने के लिए पोडियम से माइक्रोफोन छीन लिया, जिसके बाद वहां मौजूद पार्टी समर्थकों के बीच जमकर हंगामा हुआ। इस घटना के बाद आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप में आरजेडी प्रमुख और उम्मीदवार परमेश्वर सिंह के खिलाफ आईपीसी और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। इस लंबे मुकदमे के दौरान सह-आरोपी परमेश्वर सिंह का निधन हो चुका है, और अब अदालत ने लालू प्रसाद यादव के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं। (Source: ANI)

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