प्राइम न्यूज़ – एक कसम, राष्ट्र प्रथम
Breaking News

यूपी में एसआईआर अभियान के तहत कटेंगे 2.89 करोड़...

यूपी में एसआईआर अभियान के तहत कटेंगे 2.89 करोड़ वोटरों के नाम

उत्तर प्रदेश की मतदाता सूची के शुद्धिकरण के लिए हुए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान में कुल 15.44 करोड़ मतदाताओं में से 2.89 करोड़ वोटरों के नाम कटेंगे।

यूपी में एसआईआर अभियान के तहत कटेंगे 289 करोड़ वोटरों के नाम

2.89 crore voters' names to be deleted under SIR campaign in UP |

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की मतदाता सूची के शुद्धिकरण के लिए हुए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान में कुल 15.44 करोड़ मतदाताओं में से 2.89 करोड़ वोटरों के नाम कटेंगे। एसआईआर के तहत गणना प्रपत्र जमा करने की अंतिम तिथि शुक्रवार को खत्म हो गई और अब इसके आगे बढ़ाये जाने की कोई संभावना नहीं है। सूत्रों के अनुसार कटने वाले वोटरों में अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत व डुप्लीकेट श्रेणी में शामिल लोग बताये जा रहे हैं।

अन्य राज्यों की तुलना में उत्तर प्रदेश में कटे हैं सर्वाधिक नाम

देश के बारह राज्यों में चल रहे एसआईआर प्रक्रिया के तहत वोटरों के कटने की ये सबसे बड़ी संख्या है। यूपी से पहले 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की SIR ड्राफ्ट वोटर लिस्ट आ चुकी है। इनमें 3.69 करोड़ वोटर्स के नाम कटे हैं। लेकिन सिर्फ यूपी से 2.89 करोड़ वोटरों के नाम सूची से कट रहे हैं। इसे लेकर राजनीतिक दलों ने चिंता जतायी है। मध्यप्रदेश में 42.74 लाख, छत्तीसगढ़ में 27.34 लाख, केरल में 24.08 लाख, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 3.10 लाख वोटर्स, पश्चिम बंगाल में 58.20 लाख, राजस्थान में 41.85 लाख, गोवा में 11.85 लाख, पुडुचेरी में 1.03 लाख, लक्षद्वीप में 1,616, तमिलनाडु में 97 लाख, गुजरात में 73 लाख वोटर्स के नाम कटे हैं।

31 दिसंबर को जारी होने वाली ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल होंगे करीब 12.55 करोड़ मतदाता

प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत गणना फॉर्म भरकर जमा करने की अंतिम तिथि शुक्रवार को खत्म हो गई। इसकी तारीख अब बढ़ाये जाने की संभावना नहीं है। चुनाव आयोग द्वारा 31 दिसंबर को जारी होने वाली ड्राफ्ट मतदाता सूची में करीब 12.55 करोड़ मतदाता शामिल होंगे। इस तरह से नवंबर में फ्रीज की गई मतदाता सूची में दर्ज कुल 15.44 करोड़ मतदाताओं में से 2.89 करोड़ नाम हटाए जाएंगे। करीब 1.13 करोड़ मतदाताओं के रिकॉर्ड का मिलान वर्ष 2003 की मतदाता सूची से न होने के कारण उन्हें नोटिस भेजा जाएगा।

30 जनवरी 2026 तक लिए जाएंगे दावे व आपत्तियां

चुनाव आयोग के सूत्रों के अनुसार जिन 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम काटे जाएंगे, उनमें 1.26 करोड़ स्थायी रूप से स्थानांतरित, 46 लाख मृत, 23.70 लाख डुप्लीकेट, 83.73 लाख अनुपस्थित व 9.57 लाख अन्य श्रेणी के मतदाता हैं जिन्होंने फॉर्म नहीं भरे। यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि 31 दिसंबर को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की जाएगी। कच्ची मतदाता सूची पर 31 दिसंबर से 30 जनवरी 2026 तक दावे व आपत्तियां ली जाएंगी। वहीं 31 दिसंबर से ही लेकर 21 फरवरी 2026 तक नोटिस चरण में गणना प्रपत्रों पर निर्णय और दावों एवं आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। फिर 28 फरवरी 2026 को पक्की (अंतिम) मतदाता सूची जारी होगी।

प्रदेश में 91% मतदाताओं का 2003 की मतदाता सूची से हो गया है मिलान

चुनाव आयोग ने दो हफ्तों में उन मतदाताओं को ढूँढ़ने का कार्य किया जो स्थानांतरित, मृत, डुप्लीकेट, अनुपस्थित (एएसडी) व अन्य श्रेणी में शामिल थे। सभी जिलों में बूथ लेवल आफिसर (बीएलओ) के साथ-साथ राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों (बीएलए) को बूधवार ऐसे मतदाताओं की सूची सौंपकर फिर से सत्यापन कराया गया। आयोग के सूत्रों ने बताया कि प्रदेश में 91% मतदाताओं का 2003 की मतदाता सूची से मिलान हो गया है। यानी, उनका नाम पक्की मतदाता सूची में शामिल करने के लिए कोई दस्तावेज नहीं मांगा जाएगा। चुनाव आयोग का कहना है कि जिनके नाम का मिलान नहीं हो पाएगा, उन्हें नोटिस भेजा जाएगा।

यह भी पढ़ें: https://www.primenewsnetwork.in/india/protestors-burn-lg-manoj-sinhas-effigy-to-oppose-admissions-in-smvdmc/102691

श्री माता वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज में एडमिशन के विरोध में प्रदर्शनकारियों ने फूंका एलजी मनोज सिन्हा का पुतला

Related to this topic: