पाकिस्तान से विस्थापित होकर गुजरात में रह रहे 319 लोगों के लिए गुरुवार का दिन खुशियों भरा रहा।
गांधीनगर (गुजरात): पाकिस्तान से विस्थापित होकर गुजरात में रह रहे 319 लोगों के लिए गुरुवार का दिन खुशियों भरा रहा। गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने राजकोट में आयोजित एक कार्यक्रम में इन लोगों को भारतीय नागरिकता प्रमाण पत्र प्रदान किए। नागरिकता मिलने पर परिवारों में खुशी की लहर दौड़ गई और उनके लिए यह अवसर दिवाली के उत्सव जैसा बन गया।
राजकोट में आयोजित हुआ नागरिकता प्रमाण पत्र वितरण कार्यक्रम
मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के अनुसार, राजकोट के प्रमुख स्वामी सभागार में जिला प्रशासन की ओर से नागरिकता प्रमाण पत्र वितरण समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान कई भावुक पल देखने को मिले। पाकिस्तान में वर्षों तक कठिनाइयों का सामना करने के बाद गुजरात में शरण लेने वाले परिवारों को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने उन्हें भारत में सुरक्षा और सम्मान के साथ जीवन जीने का भरोसा दिलाया।
सीएए और प्रधानमंत्री मोदी के फैसलों का किया जिक्र
हर्ष संघवी ने कहा कि नवरात्रि के पांचवें दिन 319 परिवारों को भारतीय नागरिकता मिलना उनके लिए दिवाली के समान है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृढ़ निर्णयों और नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के कार्यान्वयन के कारण ही इन परिवारों के घरों में दिवाली के दीये जलाने का अवसर आया है। उन्होंने पाकिस्तान से आए परिवारों की पीड़ा और संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि भारत आने के बाद उन्हें नया जीवन मिला है। भारतीय नागरिकता प्रमाण पत्र मिलने से अब वे सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी सकेंगे।
पाकिस्तान में महिलाओं की मुश्किलों का किया उल्लेख
उपमुख्यमंत्री ने पाकिस्तान के थारपारकर में महिलाओं की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि वहां महिलाएं अपने घरों से बाहर निकलने में भी कठिनाइयों का सामना करती हैं। उन्होंने पाकिस्तान से गुजरात के मोरबी आईं कविता बेन जैसी महिलाओं के लिए नागरिकता मिलने के दिन को आजादी का दिन बताया। उन्होंने पाकिस्तान के हैदराबाद में रानी बाग गोलीबारी की घटना का भी उल्लेख किया। उनके मुताबिक, उस घटना के दौरान हिंदुओं को अपनी जान बचाने के लिए नाम बदलने पड़े थे। उन्होंने कहा कि अब भारतीय नागरिकता मिलने के बाद ये लोग अपने असली नामों के साथ गरिमा और गौरव से जीवन बिता सकेंगे।
'राजकोट के गरबा उत्सव का पास पाकिस्तानी पासपोर्ट से ज्यादा मूल्यवान'
हर्ष संघवी ने राजकोट के गरबा उत्सव का जिक्र करते हुए कहा कि इसका पास पाकिस्तानी पासपोर्ट से कहीं अधिक मूल्यवान है। उन्होंने नागरिकता प्रमाण पत्र प्राप्त करने वाले सभी लोगों को बधाई दी और उनके बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री ने राजकोट में पिछली रात हुई सोने की लूट और हत्या की घटना का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोपियों को चोरी की संपत्ति सहित कुछ ही घंटों के भीतर गिरफ्तार करने के लिए राजकोट के पुलिस आयुक्त, स्थानीय पुलिस, अपराध शाखा और अन्य जिलों की पुलिस टीमों का आभार जताया। उन्होंने बताया कि राजकोट और अन्य जिलों की पुलिस की लगभग 50 टीमों ने आरोपियों को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार करने के लक्ष्य के साथ दिन-रात काम किया। पुलिस ने यह सुनिश्चित करने के लिए भी प्रयास किए कि नागरिकों के गरबा उत्सव में कोई बाधा न आए। हर्ष संघवी ने इस कार्रवाई के लिए पुलिस की विशेष रूप से सराहना की।
राजकोट जिले के 259 लोगों को मिली नागरिकता
आज उपमुख्यमंत्री ने कुल 319 विस्थापित लोगों को भारतीय नागरिकता प्रमाण पत्र प्रदान किए। इनमें राजकोट जिले के 259, मोरबी जिले के 53, कच्छ जिले के 6 और सुरेंद्रनगर जिले का 1 व्यक्ति शामिल है। कार्यक्रम के दौरान गुजरात में बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आभार जताते हुए एक छोटी बच्ची ने उपमुख्यमंत्री के माथे पर कुमकुम का तिलक लगाया और उनकी कलाई पर राखी बांधी। इस अवसर पर सांसद परशोत्तम रूपाला ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) को केंद्र सरकार की मानवीय पहल बताया। उन्होंने कहा कि इस कानून का उद्देश्य किसी की नागरिकता छीनना नहीं, बल्कि पड़ोसी देशों में कठिनाइयों का सामना करने के बाद भारत आए लोगों को सम्मानजनक जीवन और स्थान देना है। उन्होंने कहा कि भारतीय नागरिकता कानून ने उन शरणार्थियों के जीवन में नई उम्मीद जगाई है, जिन्होंने भारत आने से पहले पड़ोसी देशों में असहनीय पीड़ा और कठिनाइयों का सामना किया था।
(एएनआई)
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