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32 हजार प्राथमिक शिक्षकों की नौकरी बहाल

कलकत्ता हाईकोर्ट का फैसला, पश्चिम बंगाल के 32 हजार प्राथमिक शिक्षकों की नौकरी बहाल

West bengal : कलकत्ता हाईकोर्ट की खंड पीठ ने पश्चिम बंगाल के 32 हजार प्राथमिक शिक्षकों की नौकरी को बहाल रखने का फैसला सुनाया।

कलकत्ता हाईकोर्ट का फैसला पश्चिम बंगाल के 32 हजार प्राथमिक शिक्षकों की नौकरी बहाल

कलकत्ता हाईकोर्ट का फैसला, पश्चिम बंगाल के 32 हजार प्राथमिक शिक्षकों की नौकरी बहाल |

West bengal : कलकत्ता हाईकोर्ट की खंड पीठ ने पश्चिम बंगाल के 32 हजार प्राथमिक शिक्षकों की नौकरी को बहाल रखने का फैसला सुनाया। खंड पीठ का कहना है कि मामले की चल रही जाच के कारण 32 हजार प्राथिमक शिक्षकों की नियुक्त को रद्द नहीं की जा सकती और इससे नियुक्ति की पूरी प्रक्रिया पर असर पड़ेगा। कुछ लोगों के कारण इतने लोगों को नौकरी खत्म नहीं की जा सकती।  

कलकत्ता हाईकोर्ट की खंड पीठ ने प्राथमिकता शिक्षकों के मामले की  28 अप्रैल से सुनवाई की और वह 12 नवंबर तक चली। इसके बाद खंडपीठ ने फैसला सुरक्षित रख लिया था और फैसला 3 दिसंबर को सुनाया। गौर तलब है कि इसके पहले कलकत्ता हाई कोर्ट के न्यायाधीश अभिजीत गांगुली की एकल पीठ ने 32 हजार शिक्षकों की नियुक्ति को रद्द करने का फैसला सुनाया था।

उसके फैसले के खिलाफ पश्चिम बंगाल प्राथिमक शिक्षा बोर्ड और शिक्षकों ने कलकत्ता हाई कोर्ट के समक्ष याचिका दायर की। कलकत्ता हाई कोर्ट खंडपीठ ने सुनवाई करने के दौरान एकल पीठ के फैसले पर यह कह कर अंतरिम रोक लगा दी की मामले की चल रही जांच के कारण शिक्षकों की नियुक्ति रद्द नहीं की जा सकती। फिर उसके बाद सुनवाई पूरी कर खंड पीठ ने 32 हजार प्राथिमक शिक्षकों की नियुक्ति को बहाल रखने का फैसला सुनाया।  

हाईकोर्ट के फैसले पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि यह सच्चाई की जीत है। उन्होंने हाई कोर्ट की खंड पीठ के न्यायाधीशो को मानवीय बताकर कोर्ट के प्रति आस्था जताते हुए कहा कि हाई कोर्ट का फैसला उचित और स्वागत योग्य है। उन्होंने कहा कि नौकरी खाना नहीं, नौकरी देना जरूरी है। उन्होंने न्यायाधीशों द्वार की गई टिप्पणी को सहारा और उनके प्रति सम्मान जताया। 

कलकत्ता हाईकोर्ट के प्रति आभार जताया

शिक्षा मंत्री व्राद्य बसु ने कलकत्ता हाईकोर्ट के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी शुरू से ही शिक्षकों का साथ देती रही हैं। उनके सहयोग और सच्चाई के कारण शिक्षकों की जीत हुई है। उन्होंने कहा कि उन्हें और शिक्षकों को शुरू ही जीत की उम्मीद थी और वह पूरी हुई।

पश्चिम बंगाल शिक्षा बोर्ड ने भी हाई कोर्ट के फैसले को शिक्षकों के हित में बताते हुए हाई कोर्ट के प्रति विश्वास जताया। शिक्षकों की नियुक्ति 2016 में हुई थीं। उनकी नियुक्ति की प्रक्रिया पर मामला हुआ था। कलकत्ता हाई कोर्ट की एकल पीठ की ओर से उनकी नियुक्ति को रद्द किए जाने पर उनके सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई थी। पश्चिम बंगाल प्राथमिक शिक्षा बोर्ड और शिक्षक एकल पीठ के फैसले के खिलाफ फिर कलकत्ता हाई कोर्ट गए और खंड पीठ ने सुनवाई की। 

हाईस्कूलों के शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर भी चल रहे मामले को सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाई कोर्ट के पास भेज दिया है और हाईकोर्ट उसकी सुनवाई कर रही है। स्कूल सेवा आयोग द्वारा नियुक्त 26 हजार हाई स्कूलों के शिक्षकों की नियुक्ति रद्द हो चुकगी है। प्राइमरी स्कूल के शिक्षकों के पक्ष में हाई कोर्ट का फैसला होने पर हाई स्कूल के शिक्षकों को अपने पक्ष में फैसला होन की उम्मीद जगी है।

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