राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य के अंतर्गत स्थित देवरी घड़ियाल संरक्षण केंद्र में घड़ियाल संवर्धन की दिशा में एक और बड़ी सफलता मिली है। केंद्र में 41 नए घड़ियाल शावकों ने जन्म लिया है।
मुरैना (मध्यप्रदेश)। राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य के अंतर्गत स्थित देवरी घड़ियाल संरक्षण केंद्र में घड़ियाल संवर्धन की दिशा में एक और बड़ी सफलता मिली है। केंद्र में 41 नए घड़ियाल शावकों ने जन्म लिया है। इसके साथ ही अब तक कुल 194 घड़ियाल शावक सफलतापूर्वक हैच हो चुके हैं, जिन्हें सुरक्षित रूप से क्वॉरेंटाइन पूलों में रखा गया है।
200 अंडों में से 194 शावकों की सफल हैचिंग
वन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार बरौली एवं बाबू सिंह घेर क्षेत्र से कुल 200 घड़ियाल अंडों का संग्रहण कर देवरी केंद्र की हैचरी में कृत्रिम रूप से संरक्षण एवं हैचिंग की प्रक्रिया अपनाई गई थी। अब तक 194 अंडों से शावक निकल चुके हैं, जबकि 6 अंडों से हैचिंग होना अभी शेष है। घड़ियाल संरक्षण कार्यक्रम की इस उपलब्धि को वन विभाग ने चंबल क्षेत्र में जैव विविधता संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता बताया है। नवजात शावकों की नियमित निगरानी की जा रही है तथा उन्हें क्वॉरेंटाइन पूलों में विशेष देखरेख के साथ रखा गया है।
पर्यावरण दिवस पर पौधारोपण और संरक्षण का संदेश
वहीं विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर देवरी केंद्र परिसर में पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया। इस दौरान पूर्व मुख्य वन संरक्षक एवं सेंट्रल अथॉरिटी से जुड़े संजय शुक्ला, वन मंडल अधिकारी मुरैना, अधीक्षक देवरी, गेम रेंजर एवं वन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों ने पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। चंबल के घड़ियाल संरक्षण अभियान को बड़ी सफलता मिली है। देवरी घड़ियाल केंद्र में 41 नए शावकों के जन्म के साथ कुल 194 घड़ियाल शावक हैच हो चुके हैं। वहीं पर्यावरण दिवस पर वन अधिकारियों ने पौधारोपण कर संरक्षण और संवर्धन का संदेश दिया।
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