पॉक्सो एक्ट से जुड़े एक गंभीर मामले में प्रभावी पैरवी के चलते विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट कोर्ट संख्या-8 ने 5 दोषियों को 25-25 साल के सश्रम कारावास और अर्थदण्ड की सजा सुनाई है।
बलिया (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश पुलिस के ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत बलिया पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। पॉक्सो एक्ट से जुड़े एक गंभीर मामले में प्रभावी पैरवी के चलते विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट कोर्ट संख्या-8 ने 5 दोषियों को 25-25 साल के सश्रम कारावास और अर्थदण्ड की सजा सुनाई है।
2022 के मामले में आया कोर्ट का फैसला
मामला बलिया के चित्तबड़ागांव थाना क्षेत्र का है, जहां वर्ष 2022 में धारा 323, 504, 506, 376-डी व धारा 5 जी/6 पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस की मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन विभाग ने इस केस की पैरवी मजबूती से की। आरोपी पांचों अभियुक्तों के ऊपर नाबालिग लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म का आरोप कोर्ट में दोषसिद्ध पाते हुए सजा सुनाई गई है।
नसरतपुर के 5 दोषियों पर लगा जुर्माना
कोर्ट ने जिन 5 अभियुक्तों को दोषी करार दिया है, वे सभी ग्राम नसरतपुर, थाना चित्तबड़ागांव के निवासी है। कोर्ट ने कुल पांच आरोपी मनोज यादव पुत्र जयराम, राकेश यादव पुत्र मुन्ना यादव, पंकज यादव पुत्र हरिद्वार, मजीत यादव उर्फ मुकुर पुत्र परमात्मा यादव और रोहित यादव पुत्र प्रवेश को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट ने 25-25 साल के लिए सलाखों के पीछे भेज दिया है। साथ ही सभी अभियुक्तों पर 24-24 हाजर रुपये का अर्थदण्ड भी लगाया है। अर्थदण्ड नही देने पर सभी आरोपियों को अतिरिक्त करावास की सजा भुगतना पड़ेगा। इस केस में अभियोजन की ओर से पैरवी ADGC राकेश पांडेय ने की।
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