हमीरपुर के अपर पुलिस अधीक्षक अरविंद कुमार वर्मा ने बताया कि छह मृतकों के शवों को बाहर निकाल लिया है और उनकी पहचान कर ली है।
हमीरपुर (उत्तर प्रदेश) । प्रदेश के हमीरपुर जिले में भीषण तूफान के दौरान एक निर्माणाधीन पुल का स्लैब, खंभा (पियर) और शटरिंग गिरने से मृत सभी छह मजदूरों के परिवारों को मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को ही पांच-पांच लाख रुपए की सहायता देने की घोषणा की थी। घायलों को 50-50 हजार की मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को प्रभावित परिवारों को बिना किसी दिक्कत के हर साहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। हमीरपुर के अपर पुलिस अधीक्षक अरविंद कुमार वर्मा ने बताया कि ललपुरा के मोराकंदर और कुरारा को जोड़ने के लिए बन रहा था। पुल के मलबे में मृतक मजदूरों में बांदा के लोकेंद्र निषाद, कुलदीप निषाद, सावंत यादव और सभाजीत , हमीरपुर के पुष्पेंद्र सिंह चौहान और राजेश पाल शामिल हैं। सभी का अंतिम संस्कार कर दिया गया। हादसे के दौरान पिलर पर फंसे तीन मजदूरों को सुरक्षित निकाला गया था।
रात में भी चल रहा था निर्माण कार्य
एक स्थानीय निवासी ने कहा, "गुरुवार को आधी रात के आसपास तूफान बहुत तेज था। पूरा जहरा गांव जाग गया। करीब 400 मीटर की दूरी पर एक पुल के निर्माण का काम रात में भी चल रहा था। तूफान के कारण इसके हिस्से टूटकर गिर गए। परिणामस्वरूप, सहायक खंभे भी टूट गए और पूरा ढांचा ढह गया। पुल की रखवाली कर रहे दो गार्ड दब गए और उनकी मौत हो गई। कुछ अन्य लोग भी दब गए। हालांकि सुबह तक छह लोगों के शव निकाल लिए गए। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है। (एएनआई)
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