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जै भारत ऑटोमोबाइल्स की SLP खारिज

शिवपुरी में 60 साल पुराना जमीन विवाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, जै भारत ऑटोमोबाइल्स की SLP खारिज

शिवपुरी में जै भारत ऑटोमोबाइल्स और नगर पालिका परिषद के बीच जमीन की लीज को लेकर लंबे समय से चल रहा विवाद सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचने के बाद एक अहम पड़ाव पर पहुंच गया।

शिवपुरी में 60 साल पुराना जमीन विवाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचा जै भारत ऑटोमोबाइल्स की slp खारिज

जै भारत ऑटोमोबाइल्स की SLP खारिज |

शिवपुरी: शहर के आगरा-बॉम्बे रोड स्थित जै भारत ऑटोमोबाइल्स और नगर पालिका परिषद शिवपुरी के बीच जमीन की लीज को लेकर करीब छह दशक से चला आ रहा विवाद अब एक महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुंच गया है। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ के फैसले को चुनौती देते हुए जै भारत ऑटोमोबाइल्स की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दाखिल SLP (Civil) No. 35025/2026 को 6 अक्टूबर 2026 को सुनवाई के बाद ख़ारिज कर दिया गया। 

लीज खत्म होने के बाद नवीनीकरण को लेकर विवाद

मामला आगरा-बॉम्बे रोड स्थित ब्लॉक नंबर 1, 2, 3 और 4 की जमीन से जुड़ा है। उपलब्ध न्यायिक रिकॉर्ड के अनुसार यह भूमि 23 जुलाई 1960 को निष्पादित लीज डीड के जरिए जै भारत ऑटोमोबाइल्स को 25 वर्ष की अवधि के लिए दी गई थी। लीज अवधि समाप्त होने के बाद इसके नवीनीकरण को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद खड़ा हुआ। जै भारत ऑटोमोबाइल्स की ओर से लीज के नवीनीकरण के लिए आवेदन करने तथा बाद में लीज रेंट जमा करने के आधार पर लीज जारी रहने का दावा किया गया था। वहीं नगर पालिका का पक्ष रहा कि केवल नवीनीकरण के लिए आवेदन करने या किराया जमा करने मात्र से लीज स्वतः नवीनीकृत नहीं हो जाती। 

हाईकोर्ट ने जै भारत ऑटोमोबाइल्स का वाद किया खारिज

इस मामले में लीज की शर्तों के उल्लंघन और परिसर के उपयोग से जुड़े आरोप भी विवाद का हिस्सा है। इस मामले में 1 सितंबर 2026 को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया था। हाईकोर्ट ने निचली अदालतों के पूर्व निर्णयों को निरस्त करते हुए जै भारत ऑटोमोबाइल्स का मूल वाद खारिज कर दिया था। हाईकोर्ट के फैसले में लीज के स्वतः नवीनीकरण के दावे को स्वीकार नहीं किया गया। अदालत ने यह भी माना कि एक साल से अधिक अवधि की लीज के नवीनीकरण के लिए कानून के अनुसार आवश्यक पंजीकृत दस्तावेज का होना महत्वपूर्ण है।

हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला

इस मामले में Partnership Act की धारा 69(2) और CPC Order 30 Rule 1 से संबंधित कानूनी प्रश्न भी सामने आए। हाईकोर्ट के समक्ष मुकदमे की रख-रखाव और केवल एक पार्टनर द्वारा कार्रवाई किए जाने से जुड़े पहलुओं पर भी विचार किया गया। हाईकोर्ट के 1 सितंबर 2026 के फैसले के खिलाफ जै भारत ऑटोमोबाइल्स ने सुप्रीम कोर्ट में SLP (Civil) No. 35025/2026 दाखिल की थी। रिकॉर्ड के अनुसार, यह SLP 30 सितंबर 2026 को रजिस्टर्ड हुई और 6 अक्टूबर 2026 को न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरैश एवं न्यायमूर्ति प्रसन्ना बी. वराले की पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए आई।

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