यूपी में H1N1 के 685 पुष्ट मामले सामने आए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में मुफ्त जांच और गंभीर मरीजों के लिए ICU व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए।
लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। प्रदेश में इन्फ्लुएंजा-ए (H1N1) के बढ़ते मामलों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वास्थ्य विभाग के साथ समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में H1N1 की जांच मुफ्त कराने के निर्देश दिए हैं। वहीं, अधिक मामलों वाले जिलों में निगरानी और उपचार व्यवस्था मजबूत करने के साथ गंभीर मरीजों के लिए अलग ICU वार्ड तैयार करने को कहा गया है। निजी संस्थानों को भी निर्धारित शुल्क से अधिक जांच शुल्क नहीं लेने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रदेश में सामने आए 685 पुष्ट मामले
बैठक में विशेषज्ञों ने बताया कि H1N1, इन्फ्लुएंजा-ए वायरस की एक प्रजाति है और यह सीजनल इन्फ्लुएंजा की श्रेणी में आता है। इसका संक्रमण मुख्य रूप से खांसी और छींक से निकलने वाली सूक्ष्म बूंदों से फैलता है। 2 सितंबर तक प्रदेश में H1N1 के 685 प्रयोगशाला-पुष्ट मामले सामने आए हैं। मुख्यमंत्री ने मरीजों की समय पर पहचान और उपचार सुनिश्चित करने के साथ प्रभावित जिलों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए।
बच्चों और बुजुर्गों पर विशेष नजर
मुख्यमंत्री ने बच्चों, गर्भवती महिलाओं, 65 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों पर विशेष ध्यान देने को कहा। ANM, आशा और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के सहयोग से सघन जांच अभियान चलाकर संभावित मरीजों की पहचान की जाएगी। सामान्य लक्षण वाले मरीजों को चिकित्सकीय सलाह के अनुसार घर पर आराम और सेल्फ आइसोलेशन की सलाह दी जाएगी, जबकि गंभीर मरीजों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था होगी।
गंभीर मरीजों के लिए अलग ICU की व्यवस्था
योगी आदित्यनाथ ने अस्पतालों में दवा, जांच और आइसोलेशन की पर्याप्त व्यवस्था रखने के निर्देश दिए हैं। सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द, अत्यधिक सुस्ती, रक्तचाप कम होना, खून मिला बलगम या नाखूनों का नीला पड़ना गंभीर लक्षण माने गए हैं। बच्चों में लगातार तेज बुखार, सांस लेने में कठिनाई, झटके आना या पहले से मौजूद बीमारी का बिगड़ना भी गंभीर संकेत हैं। ऐसे मरीजों के लिए समय पर रेफरल और ICU की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
पर्याप्त दवा और जांच किट उपलब्ध
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में ओसेल्टामिविर कैप्सूल और सिरप के साथ H1N1 वैक्सीन की पर्याप्त उपलब्धता है। जिला अस्पतालों में हेल्प डेस्क, सैंपल कलेक्शन और अलग फ्लू OPD की व्यवस्था की गई है। मेडिकल कॉलेजों में भी फ्लू हेल्प डेस्क, जांच, दवाएं और आइसोलेशन बेड उपलब्ध हैं। जांच के लिए पर्याप्त RT-PCR किट भी मौजूद हैं।
टेलिकन्सल्टेशन और जागरूकता पर जोर
मुख्यमंत्री ने H1N1 की रोकथाम और उपचार के लिए विस्तृत गाइडलाइन जारी करने के साथ टेलिकन्सल्टेशन व्यवस्था को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लोगों तक बीमारी के लक्षण, बचाव और सावधानियों की सरल और सही जानकारी पहुंचाई जाए। अस्पतालों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर हाथों की स्वच्छता, खांसी-छींक के दौरान सावधानी और संक्रमण से बचाव के उपायों का व्यापक प्रचार किया जाए, ताकि लोगों में अनावश्यक पैनिक की स्थिति न बने।
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