राष्ट्रीय राजधानी में सोमवार को आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया, संजय सिंह और आतिशी जंतर-मंतर पहुंचे और सीजेपी के विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए।
नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी में सोमवार को आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया, संजय सिंह और आतिशी जंतर-मंतर पहुंचे और सीजेपी के विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। यह प्रदर्शन 'संसद चलो' मार्च के समर्थन में आयोजित किया गया। इससे एक दिन पहले मनीष सिसोदिया ने सभी राजनीतिक दलों के समर्थकों और आम नागरिकों से अपील की थी कि वे संसद तक होने वाले विरोध मार्च में शामिल होकर देश के युवाओं का समर्थन करें।
NEET पेपर लीक को लेकर सरकार पर साधा निशाना
जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए सिसोदिया ने कहा कि देशभर के युवा NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले के दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ और कई छात्रों ने आत्महत्या तक कर ली।
संसद मार्च से पहले बढ़ाई गई सुरक्षा, पुलिस ने किया हल्का लाठीचार्ज
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके और अन्य कार्यकर्ताओं के नेतृत्व में प्रस्तावित संसद मार्च को देखते हुए संसद परिसर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। संसद भवन की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज किया। प्रदर्शन के चलते राजधानी के कई इलाकों में यातायात भी प्रभावित रहा। दिल्ली पुलिस के अनुसार, मार्च के लिए कोई आधिकारिक अनुमति नहीं ली गई थी। पुलिस ने एडवाइजरी जारी कर स्पष्ट किया कि नई दिल्ली जिले में लागू निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सोनम वांगचुक ने अनशन खत्म करने के लिए रखीं तीन शर्तें
इस बीच, सोनम वांगचुक ने कहा कि यदि सरकार शिक्षा व्यवस्था में हालिया विफलताओं, विशेषकर पेपर लीक की जिम्मेदारी स्वीकार करती है या संसद के मानसून सत्र में इस मुद्दे पर चर्चा का आश्वासन दिया जाता है, तो वह अपना अनशन समाप्त कर देंगे। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में तीन शर्तें भी साझा कीं, जिनके पूरा होने पर भूख हड़ताल खत्म करने की बात कही।
(एएनआई)
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