बिहार के औरंगाबाद स्थित राम लखन सिंह यादव कॉलेज में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्रों ने इंटर्नशिप और एडमिशन के नाम पर कथित अवैध फीस वसूली के खिलाफ प्रदर्शन किया।
औरंगाबाद: बिहार के औरंगाबाद शहर का राम लखन सिंह यादव कॉलेज परिसर मंगलवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्र-छात्राओं के उग्र प्रदर्शन से गूंज उठा। छात्रों का आरोप है कि कॉलेज प्रशासन द्वारा इंटर्नशिप और एडमिशन के नाम पर अवैध रूप से पैसे वसूले जा रहे हैं। प्रदर्शनकारी हाथों में संगठन के झंडे और मांग पत्र लेकर कॉलेज के मुख्य द्वार पर जमा हुए और जमकर नारेबाजी की।
इंटर्नशिप के लिए जा रहे 500 से 600 रुपये
धरना दे रही अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की सदस्य सह छात्रा आदिति कुमारी ने बातचीत के दौरान कहा कि महाविद्यालय प्रबंधन द्वारा इंटर्नशिप के लिए 500 से 600 रुपये और एडमिशन के समय लगभग 3000 रुपये छात्र छात्राओं से लिए जा रहे हैं। उनका कहना था कि विश्वविद्यालय के नियमानुसार छात्रों से इस प्रकार की कोई फीस नहीं ली जा सकती। इसके बावजूद वसूली की जा रही है। प्रदर्शन में शामिल अन्य छात्राओं ने भी आरोप लगाया कि उनकी समस्याओं को सुनने वाला कोई नहीं है।
प्रिंसिपल ने ज्ञापन लेने से किया इनकार
छात्रों ने बताया कि वे अपनी मांगों को लेकर प्रिंसिपल से मिलने और ज्ञापन सौंपने गए थे, लेकिन प्रिंसिपल ने ज्ञापन लेने से इनकार कर दिया। आदिति ने कहा हम शांतिपूर्ण तरीके से बात करने गए थे, लेकिन उन्हें हमारी बात सुननी ही नहीं है। उन्हें लगता है कि वे कुर्सी पर हैं, AC वाले कमरे में हैं। छात्रों के साथ क्या हो रहा है इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता।
अवैध वसूली पर तत्काल रोक की मांग
प्रदर्शन के दौरान छात्र-छात्राओं ने मांग की रही कि इंटर्नशिप को पूरी तरह निशुल्क किया जाए। एडमिशन प्रक्रिया में पारदर्शिता लाई जाए और अवैध वसूली पर तत्काल रोक लगाई जाए। मौके पर मीडिया कर्मियों की मौजूदगी में छात्रों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की। फिलहाल कॉलेज प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। छात्र छात्राओं ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें जल्द नहीं मानी गईं तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे, जिसकी जिम्मेवारी महाविद्यालय परिवार की होगी।
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