तिगरा पुलिस प्रशिक्षण स्कूल (PTS) में एक विवाद सामने आया है, जिसमें कथित तौर पर खराब भोजन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से बनाए गए फर्जी वीडियो और दर्जनों प्रशिक्षुओं के निष्कासन का मामला शामिल है।
ग्वालियर। तिगरा पुलिस प्रशिक्षण स्कूल (PTS) में एक विवाद सामने आया है, जिसमें कथित तौर पर खराब भोजन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से बनाए गए फर्जी वीडियो और दर्जनों प्रशिक्षुओं के निष्कासन का मामला शामिल है। पहले यह मामला सिर्फ खराब गुणवत्ता के भोजन की शिकायत जैसा लग रहा था, लेकिन बाद में यह गंभीर अनुशासनात्मक मामला बन गया। आंतरिक जांच में पता चला कि प्रशिक्षण केंद्र में बासी और अस्वच्छ भोजन परोसे जाने के जो वीडियो और तस्वीरें वायरल हो रही थीं, वे वास्तव में AI तकनीक का उपयोग करके बनाई गई फर्जी सामग्री थीं।
प्रशिक्षण से निष्कासित किया
जांच के बाद राजस्थान पुलिस के 36 प्रशिक्षुओं, जो तिगरा PTS में प्रशिक्षण ले रहे थे, को इन भ्रामक वीडियो और तस्वीरों को बनाने और फैलाने के आरोप में प्रशिक्षण से निष्कासित कर दिया गया। ये वीडियो और तस्वीरें व्हाट्सऐप समूहों और सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गई थीं। उनमें दावा किया गया था कि प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षुओं को बासी और खराब भोजन दिया जा रहा है। इन दृश्यों के वायरल होने से काफी हंगामा हुआ और भोपाल स्थित पुलिस मुख्यालय तक शिकायतें पहुंच गईं। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले की जांच के आदेश दिए।
एआई से संपादित किये गये
जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि कई तस्वीरें और वीडियो AI टूल्स की मदद से डिजिटल रूप से बनाए और संपादित किए गए थे। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (प्रशिक्षण) राजा बाबू सिंह ने पुष्टि की कि 36 प्रशिक्षु सीधे तौर पर इन भ्रामक वीडियो और तस्वीरों को बनाने और फैलाने में शामिल थे। उन्होंने बताया कि यह काम कथित रूप से प्रशिक्षण केंद्र में असंतोष पैदा करने और संस्थान की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से किया गया था।
वापस भेजा गया राजस्थान
पुलिस विभाग ने इस कृत्य को "दुर्भावनापूर्ण, शरारती और गंभीर अनुशासनहीनता" बताया। इसके परिणामस्वरूप इन प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण कार्यक्रम से निकालकर राजस्थान वापस भेज दिया गया। तिगरा पुलिस प्रशिक्षण स्कूल में राजस्थान पुलिस महानिदेशक के अनुरोध पर 1005 प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण के लिए भेजा गया था। जांच के बाद दोषी पाए गए 36 प्रशिक्षुओं को राजस्थान पुलिस के इंस्पेक्टर सतवीर यादव को सौंप दिया गया, जो उन्हें गुरुवार को वापस अपने राज्य ले गए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बाकी प्रशिक्षुओं का प्रशिक्षण सामान्य रूप से जारी है।
भोजन व्यवस्था को लेकर भी शिकायतें
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि प्रशिक्षुओं ने प्रशिक्षण केंद्र में भोजन व्यवस्था को लेकर शिकायतें की थीं।अधिकारियों के अनुसार, इतने बड़े समूह के लिए भोजन बनाने के लिए सिर्फ दो रसोइये तैनात थे।रसोई व्यवस्था की निगरानी के लिए कोई स्थायी अधिकारी नियुक्त नहीं था। कुछ प्रशिक्षुओं ने मशीन से बने भोजन की जगह पारंपरिक राजस्थानी व्यंजन जैसेगट्टे की सब्जी, केर-सांगरी, भट्टी की रोटियांकी मांग भी की थी।हालांकि अधिकारियों ने कहा कि ये समस्याएं फर्जी AI वीडियो बनाकर संस्थान की प्रतिष्ठा खराब करने को उचित नहीं ठहरातीं।
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