भोपाल। AIIMS भोपाल के शोधकर्ताओं ने पुरुषों के स्वास्थ्य को लेकर चेतावनी भरी रिपोर्ट जारी की है...
भोपाल। AIIMS भोपाल के शोधकर्ताओं ने पुरुषों के स्वास्थ्य को लेकर चेतावनी भरी रिपोर्ट जारी की है। इस अध्ययन के अनुसार, शुक्राणुओं (Sperm) में 30% से अधिक डीएनए फ्रेग्मेंटेशन (DNA Fragmentation) का स्तर होना पुरुषों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।
30% फीसदी टूट-फूट तो शुक्राणुओं की झमता गिर जाती है
बांझपन का खतरा: शोध में पाया गया कि यदि शुक्राणुओं के डीएनए में 30% से ज्यादा टूट-फूट या डैमेज (Fragmentation) होता है, तो शुक्राणु की गुणवत्ता गंभीर रूप से गिर जाती है। इससे पुरुषों में बांझपन (Infertility) की समस्या पैदा होती है।
धूम्रपान डीएनए को नुकसान पुहंचाता है
यह समस्या उन पुरुषों में सबसे अधिक देखी गई जो धूम्रपान (Smoking) करते हैं। सिगरेट और बीड़ी में मौजूद हानिकारक तत्व शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस (Oxidative Stress) को बढ़ाते हैं, जो सीधे तौर पर डीएनए को नुकसान पहुँचाता है।
DFI टेस्ट से खुलेगा राज
डॉक्टरों के अनुसार, अक्सर सामान्य सीमेन एनालिसिस (Semen Analysis) में सब कुछ ठीक दिखने के बावजूद गर्भधारण में समस्या आती है। ऐसी स्थिति में DNA फ्रेग्मेंटेशन इंडेक्स (DFI) टेस्ट एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, जिससे बांझपन के सटीक कारणों का पता चल सकेगा।
मुक्त कण डीएनए को नष्ट करने लगते हैं
रिसर्च स्पष्ट करती है कि धूम्रपान के कारण शरीर में मुक्त कण (Free Radicals) बढ़ते हैं, जो स्वस्थ कोशिकाओं और डीएनए को नष्ट करने लगते हैं।
पिता बनने की चाहत तो रखें धूम्रपान से दूरी
एम्स भोपाल के विशेषज्ञों का कहना है कि पिता बनने की योजना बना रहे पुरुषों को धूम्रपान से पूरी तरह परहेज करना चाहिए। यह न केवल उनकी सेहत के लिए बल्कि आने वाली पीढ़ी के स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत आवश्यक है। जीवनशैली में सुधार और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर आहार इस नुकसान को कम करने में मदद कर सकते हैं।
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