अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) भोपाल ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। एम्स के न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग में अब रेडियो आयोडीन ट्रीटमेंट (Radio Iodine Treatment) की सुविधा शुरू कर दी गई है।
भोपाल। मध्यप्रदेेश की राजधानी में स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। एम्स के न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग में अब रेडियो आयोडीन ट्रीटमेंट (Radio Iodine Treatment) की सुविधा शुरू कर दी गई है। यह सुविधा विशेष रूप से उन मरीजों के लिए वरदान साबित होगी जो थायराइड कैंसर या हाइपरथायरायडिज्म से जूझ रहे हैं।
नहीं लेनी पड़ेगी जीवन भर दवा
हाइपरथायरायडिज्म के मरीजों को अब जीवनभर दवाइयां खाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। रेडियो आयोडीन थेरेपी से इसका प्रभावी इलाज संभव होगा। इस बीमारी में थायराइड ग्रंथि अधिक सक्रिय हो जाती है। अभी तक इसके लिए जीवन भर दवा लेनी पड़ती थी। पहले इस इलाज के लिए मरीजों को निजी अस्पतालों में भारी भरकम फीस देनी पड़ती थी या दिल्ली-मुंबई जाना पड़ता था। अब भोपाल में ही यह काफी कम खर्च में उपलब्ध होगा।
रेडियो आयोडीन थेरेपी की सुविधा
यह विशेष प्रकार की थेरेपी है, जिसमें मरीज को रेडियोधर्मी आयोडीन (I-131) दिया जाता है, जो केवल थायराइड की कोशिकाओं को लक्षित कर उन्हें नष्ट करता है, जिससे कैंसर की गांठें खत्म हो जाती हैं। मध्य प्रदेश और आसपास के राज्यों के मरीजों को अब परिवहन और ठहरने के भारी खर्च से मुक्ति मिलेगी।
हाइपरथायरायडिज्म का स्थायी समाधान
दवाओं के साइड इफेक्ट्स और लंबे समय तक चलने वाले इलाज के बजाय, यह थेरेपी एक सुरक्षित विकल्प है। थायराइड कैंसर के ऑपरेशन के बाद बची हुई कैंसर कोशिकाओं को खत्म करने के लिए यह ट्रीटमेंट बेहद जरूरी होता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि भोपाल एम्स में इस सुविधा के शुरू होने से न केवल इलाज का समय बचेगा, बल्कि मरीजों की रिकवरी दर में भी सुधार होगा। यह मध्य प्रदेश के चिकित्सा ढांचे को मजबूती प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
यह भी पढ़ें: https://www.primenewsnetwork.in/state/mp-govt-acts-to-ensure-fuel-lpg-supply-amid-crisis/148518
मध्य प्रदेश में ईंधन संकट पर लगाम: सरकार ने बनाई हाई-लेवल कमेटी