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प्रदूषण बढ़ने से अस्पतालों में बढ़े सांस के मरीज..

MP News : हवा बनी जहरीली, प्रदूषण बढ़ने से अस्पतालों में बढ़े सांस के मरीज

MP News : जबलपुर। शहर में सर्दी के मौसम के साथ वायु प्रदूषण का स्तर लगातार चिंता बढ़ा रहा है। बीते कुछ दिनों से शहर की हवा में घुले प्रदूषक तत्वों की मात्रा बढ़ गई है।

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हवा बनी जहरीली, प्रदूषण बढ़ने से अस्पतालों में बढ़े सांस के मरीज |

MP News : जबलपुर। शहर में सर्दी के मौसम के साथ वायु प्रदूषण का स्तर लगातार चिंता बढ़ा रहा है। बीते कुछ दिनों से शहर की हवा में घुले प्रदूषक तत्वों की मात्रा बढ़ गई है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, एयर क्वालिटी इंडेक्स यानी AQI लगभग 100 के आसपास दर्ज किया गया है, जिसे स्वास्थ्य विशेषज्ञ संतोषजनक नहीं मान रहे हैं। प्रदूषण के बढ़ते स्तर का सीधा असर आम नागरिकों की सेहत पर देखने को मिल रहा है।

शहर के सरकारी और निजी अस्पतालों में सांस लेने में तकलीफ, खांसी, सीने में जकड़न, दमा और एलर्जी से पीड़ित मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। खासकर बुजुर्ग, बच्चे और पहले से सांस संबंधी बीमारियों से ग्रसित लोग अधिक प्रभावित हो रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार, ठंड के मौसम में हवा में नमी और धुंध बढ़ने से प्रदूषक तत्व लंबे समय तक वातावरण में बने रहते हैं। इसके अलावा, वाहनों से निकलने वाला धुआं, निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल और खुले में कचरा जलाने जैसी गतिविधियां स्थिति को और गंभीर बना रही हैं। यही वजह है कि शहर की हवा लोगों के लिए नुकसानदायक साबित हो रही है।

फेफड़े पर पड़ता है नाकारात्मक प्रभाव

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदूषित वातावरण में लंबे समय तक रहने से फेफड़ों की कार्यक्षमता पर नकारात्मक असर पड़ता है। इससे सांस फूलना, थकान, आंखों में जलन और सिरदर्द जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं। डॉक्टरों ने नागरिकों को सावधानी बरतने की सलाह देते हुए कहा है कि बिना जरूरत घर से बाहर न निकलें, बाहर जाते समय मास्क जरूर पहनें और बच्चों को सुबह-शाम खुले मैदानों में खेलने से फिलहाल रोकें।

क्या कहते हैं डॉक्टर?

डॉक्टरों ने यह भी बताया कि अस्थमा और सांस की पुरानी बीमारी से पीड़ित मरीज अपनी दवाएं नियमित रूप से लेते रहें और किसी भी तरह की परेशानी होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें। साथ ही घरों में धूल-मिट्टी से बचाव के लिए साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।

 

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