अजमेर दरगाह के उत्तराधिकारी सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने सिंधु जल विवाद पर पाकिस्तान की टिप्पणियों को खारिज करते हुए कहा कि भारत खोखली धमकियों से नहीं डरता और आतंकवाद पर सख्त रुख जारी रहेगा।
अजमेर (राजस्थान)। अजमेर दरगाह दीवान के उत्तराधिकारी सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने गुरुवार को सिंधु जल विवाद पर पाकिस्तान की टिप्पणियों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि "भारत खोखली धमकियों से डरने वाला देश नहीं है।" उन्होंने कहा कि नई दिल्ली इस्लामाबाद के आक्रामक रवैये से नहीं डरेगी।
खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते
चिश्ती ने सीमा पार आतंकवाद पर भारत के दृढ़ रुख को रेखांकित करते हुए कहा कि "खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते" और पाकिस्तान राज्य प्रायोजित आतंकवाद के माध्यम से भारतीय रक्तपात जारी रखते हुए निर्बाध जल बंटवारे की उम्मीद नहीं कर सकता।
भारत-पाक रिश्तों पर लिखे गए संयुक्त पत्र पर प्रतिक्रिया
उन्होंने कहा भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय संबंधों की बहाली की वकालत करने वाले 117 व्यक्तियों द्वारा हस्ताक्षरित एक संयुक्त पत्र के जवाब में आई है। “मुझे पत्र लिखने वालों का असली इरादा नहीं पता। भारत सरकार की बात करें तो भारत हमेशा शांति का समर्थक रहा है और बातचीत के जरिए मुद्दों को सुलझाने में विश्वास रखता है। लेकिन पाकिस्तान पर भरोसा नहीं किया जा सकता। उसे पहले यह स्पष्ट करना होगा कि क्या वह वाकई अपनी धरती से आतंकवाद को खत्म करना चाहता है।”
पाकिस्तान पर आतंकवाद को संरक्षण देने का आरोप
आतंकी तत्वों के साथ पाकिस्तान के गहरे संबंधों पर प्रकाश डालते हुए चिश्ती ने पाकिस्तान में हाल ही में हुए एक हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम में आतंकवादियों की मौजूदगी का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “पाकिस्तान लगातार आतंकवाद को फंडिंग करता रहा है। हाल ही में क्रिकेटर शोएब अख्तर के बड़े भाई के अंतिम संस्कार में आतंकवादी देखे गए थे। इससे साबित होता है कि उनकी नीति में कोई बदलाव नहीं आया है।”
सिंधु जल संधि पर पाकिस्तान की चेतावनी को बताया खोखला
सिंधु जल संधि को लेकर पाकिस्तान द्वारा भारत को दी गई हालिया चेतावनियों पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए दरगाह दीवान के उत्तराधिकारी ने इसे खोखली धमकियां बताकर खारिज कर दिया और कहा कि भारत इन धमकियों से डरने वाला नहीं है।
भारत की नीति पर चिश्ती का स्पष्ट संदेश
चिश्ती ने कहा, “पाकिस्तान खोखली बयानबाजी करता रहता है, लेकिन भारत के खिलाफ जमीनी हकीकत से वह वाकिफ है। भारत का संदेश साफ है: खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते। अगर वे आतंक के जरिए हमारा खून बहाते रहे, तो पानी के निर्बाध प्रवाह की उम्मीद कैसे कर सकते हैं? भारत ऐसी धमकियों के आगे कभी नहीं झुकेगा।”
बिलावल भुट्टो के बयान के बाद फिर गरमाया विवाद
पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो-जरदारी ने मंगलवार को क्षेत्रीय स्थिरता को 1960 के जल बंटवारे समझौते से जोड़ते हुए एक बार फिर बयानबाजी शुरू कर दी और चेतावनी दी कि पाकिस्तान को शांति की कीमत चुकानी पड़ेगी। इस्लामाबाद के राजनयिक अलगाव को छुपाने के लिए खोखली चेतावनी देते हुए भुट्टो-जरदारी ने कहा, “पाकिस्तान के जल अधिकारों को कमजोर करने के किसी भी प्रयास का राष्ट्रीय स्तर पर जवाब दिया जाएगा।” (एएनआई) (Source- ANI)
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