भाजपा ने 17 अगस्त 2026 को अपनी नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान करते हुए उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों के नेताओं को अहम संगठनात्मक जिम्मेदारियां दी हैं।
बांदा: भारतीय जनता पार्टी ने राष्ट्रीय संगठन में बड़ा फेरबदल करते हुए नई टीम का ऐलान कर दिया है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की ओर से 17 अगस्त 2026 को जारी सूची में उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों के नेताओं को संगठन में अहम जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। सूची सामने आते ही भाजपा कार्यकर्ताओं और राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
कई चेहरों को मिलीं महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां
नई राष्ट्रीय टीम में उत्तर प्रदेश से कई चेहरों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिली हैं। स्मृति ईरानी और हरीश द्विवेदी को राष्ट्रीय महामंत्री बनाया गया है। वहीं रेखा वर्मा को भी राष्ट्रीय महामंत्री की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा यूपी से डॉ. भोला सिंह और संगीता यादव समेत अन्य नेताओं को राष्ट्रीय मंत्री बनाया गया है।
भाजपा के सामाजिक समीकरणों को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं हुईं तेज
सबसे खास बात यह है कि अमरपाल मौर्य को ओबीसी मोर्चा का राष्ट्रीय अध्यक्ष और कुंवर बासित अली को अल्पसंख्यक मोर्चा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया है। इससे भाजपा के सामाजिक समीकरणों को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। भाजपा की राष्ट्रीय टीम में यूपी के नेताओं को मिली बड़ी जिम्मेदारियों के बाद बुंदेलखंड के राजनीतिक गलियारों में भी इसकी चर्चा है। बांदा में भाजपा कार्यकर्ताओं की नजर अब संगठन के आगामी विस्तार और जिले को मिलने वाली संभावित जिम्मेदारियों पर टिकी है।
सूची में बांदा जिले से किसी नेता को राष्ट्रीय पद मिलने का कोई उल्लेख नहीं
हालांकि जारी की गई सूची में बांदा जिले से किसी नेता को राष्ट्रीय पद मिलने का उल्लेख नहीं है, लेकिन यूपी के नेताओं का राष्ट्रीय संगठन में बढ़ा कद स्थानीय संगठन के लिए अहम माना जा रहा है। राष्ट्रीय संगठन में नए चेहरों और अनुभवी नेताओं को जिम्मेदारी देकर भाजपा ने संगठन को और धार देने का संदेश दिया है।
राज्यों में पार्टी की पकड़ को और मजबूत करने की होगी चुनौती
अब नई टीम के सामने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और राज्यों में पार्टी की पकड़ और मजबूत करने की चुनौती होगी। नई राष्ट्रीय टीम में उत्तर प्रदेश के कई नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिलने से प्रदेश भाजपा के साथ-साथ बुंदेलखंड की राजनीति में भी इसके असर को लेकर चर्चाएं तेज हैं।
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