यूपी एमएलसी चुनाव में 5 सीटें जीतने के बाद अखिलेश यादव ने भाजपा पर हमला बोला। उन्होंने 2027 में भाजपा की हार का दावा करते हुए स्कूल बंदी और शराब दुकानों के मुद्दे पर सरकार को घेरा।
लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश विधान परिषद (MLC) की पांच सीटों पर मिली जीत से गदगद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने दावा किया कि यह जीत 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की होने वाली करारी हार का सीधा संकेत है।
लखनऊ में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि सपा ने अपने दम पर और 'पूरी ताकत' के साथ 5 सीटें जीती हैं। वहीं, भाजपा ने जो 6 सीटें हासिल की हैं, वे सिर्फ 'छल-कपट' का नतीजा हैं।
'शराब की दुकानें खोल रही सरकार'
अपने पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) एजेंडे को दोहराते हुए सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने युवाओं से आरक्षण छीना है और रामभक्तों को धोखा दिया है।
उन्होंने तीखे लहजे में कहा, "जिस दिन चुनाव की तारीखों का ऐलान होगा, उसी दिन भाजपा का बोरिया-बिस्तर बंध जाएगा। सरकार ने राज्य में 26,000 स्कूल बंद कर दिए और उनकी जगह 27,000 शराब की दुकानें खोल दीं! अगर इनका बस चले तो ये प्राथमिक विद्यालयों के भीतर भी कलारी खुलवा दें।"
शिक्षकों ने भाजपा को नकारा
अखिलेश यादव ने जोर देकर कहा कि वाराणसी और आगरा-अलीगढ़ शिक्षक क्षेत्रों में सपा की जीत यह साबित करती है कि बंद होते स्कूलों से नाराज शिक्षकों ने भाजपा को सिरे से खारिज कर दिया है।
विधान परिषद की कुल 11 सीटों में से भाजपा ने 6 सीटों (आगरा स्नातक, बरेली-मुरादाबाद शिक्षक, लखनऊ शिक्षक, मेरठ शिक्षक, मेरठ स्नातक और गोरखपुर-फाज़ियाबाद शिक्षक) पर जीत दर्ज की। वहीं, सपा ने इलाहाबाद-झांसी स्नातक, वाराणसी शिक्षक और आगरा-अलीगढ़ शिक्षक समेत 5 सीटों पर कब्जा जमाया।
CEC के खिलाफ रैली को समर्थन
अखिलेश ने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन की महारैली को सपा के पूर्ण समर्थन का ऐलान किया। यह रैली मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित की जा रही है।
अखिलेश यादव ने स्पष्ट किया कि सपा कार्यकर्ता बड़ी संख्या में इस प्रदर्शन में शामिल होंगे।
बारिश की वजह से महाभियोग टला
दूसरी ओर, मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रस्तावित 'प्रतीकात्मक सार्वजनिक महाभियोग' (Mock Public Impeachment) को बारिश के कारण स्थगित कर दिया गया।
नई दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बताया कि वरिष्ठ नेताओं को बारिश में होने वाली असुविधा को देखते हुए सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया। इससे पहले राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, केसी वेणुगोपाल और जयराम रमेश समेत गठबंधन के कई शीर्ष नेता रणनीति तय करने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर पहुंचे थे।
(इनपुट: ANI)
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