सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सौरव दास और आशुतोष रंका की तुरंत रिहाई की मांग की है। साथ ही उन्होंने 26 नवंबर को संविधान दिवस पर पार्टी का घोषणापत्र जारी करने का ऐलान किया।
लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव ने मंगलवार को सौरव दास और आशुतोष रंका समेत अन्य लोगों की तुरंत रिहाई की मांग करते हुए भाजपा पर उन्हें जबरन जेल में रखने का गंभीर आरोप लगाया है। साथ ही उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को आगामी चुनावों के मद्देनजर मतदाता सूची दुरुस्त करने पर विशेष जोर देने को कहा है।
संविधान और कानून के खिलाफ कार्रवाई
पार्टी कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए सपा प्रमुख ने कहा कि जिन लोगों को हिरासत में लिया गया है, उन्हें तुरंत रिहा किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, "सौरव दास और आशुतोष रंका, और अन्य लोग जो अभी जेल में हैं, उन्हें तुरंत रिहा किया जाना चाहिए; उन्हें बेवजह हिरासत में रखा गया है। न तो हमारा कानून और न ही हमारा संविधान इसकी इजाजत देता है, फिर भी भाजपा उन्हें जेल में रखने के लिए दबाव बना रही है।" इस दौरान उन्होंने मीडिया संस्थानों और वीडियो साक्ष्यों का भी जिक्र किया।
मतदाता सूची और 26 नवंबर को घोषणापत्र
अखिलेश यादव ने कार्यकर्ताओं को आगाह करते हुए कहा कि आगामी चुनावों की सफलता वोटर लिस्ट की शुद्धता पर टिकी है। उन्होंने कहा कि नामांकन के दिन तक पूरी सतर्कता बरतनी होगी।
उन्होंने स्पष्ट किया, "अगर हम वोटर लिस्ट को ठीक नहीं कर पाए, तो हम यह लड़ाई नहीं जीत सकते। हमें वोट पक्के करने और यह सुनिश्चित करना होगा कि हमारी वोटर लिस्ट एकदम सही हो। SSR प्रक्रिया के बाद इसमें कोई बदलाव नहीं हो सकेगा।" इसके साथ ही उन्होंने ऐलान किया कि पार्टी आगामी 26 नवंबर यानी 'संविधान दिवस' के अवसर पर अपना आधिकारिक घोषणापत्र जारी करेगी।
चुनाव आयोग और भाजपा पर तीखा तंज
एक अन्य मुद्दे पर बोलते हुए सपा प्रमुख ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और वोट चोरी के आरोपों पर भाजपा को घेरा। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, "एक कचौड़ी, एक समोसा, भाजपा का कोई नहीं भरोसा।" उन्होंने कहा कि जनता में पनप रहे आक्रोश के चलते ही चुनाव आयोग को अपनी कार्यप्रणाली में हुई त्रुटियों को स्वीकार करने पर विवश होना पड़ा है।
(इनपुट: ANI)
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