अखिलेश यादव ने अयोध्या के राम मंदिर में चंदे की कथित चोरी के मामले को लेकर भाजपा पर तंज कसा और राजनीतिक जवाबदेही पर सवाल उठाए।
लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। समाजवादी पार्टी (SP) के प्रमुख अखिलेश यादव ने रविवार को अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि मंदिर में चंदे की कथित चोरी को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि राम मंदिर में "अगर कोई चोरी करता है", तो उसे भाजपा में शामिल कर लिया जाएगा। X पर एक पोस्ट में यादव ने कहा, "और अगर कोई राम मंदिर में चोरी करता है, तो उसे भाजपा में शामिल कर लिया जाएगा।"
योगी आदित्यनाथ के बयान पर प्रतिक्रिया
यादव ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हवाले से छपे एक बयान वाली तस्वीर पर प्रतिक्रिया देते हुए यह पोस्ट साझा किया। बयान में लिखा था, "'अगर उत्तर प्रदेश में कोई चोरी करता है, तो वह अगले दिन लंगड़ाता हुआ मिलेगा': सीएम योगी।" सपा प्रमुख की यह टिप्पणी उत्तर प्रदेश गृह विभाग द्वारा अयोध्या राम मंदिर में दान की कथित चोरी की विशेष जांच टीम (एसआईटी) की अंतिम रिपोर्ट और मामले में की गई आवश्यक कार्रवाई को श्री राम जन्मभूमि मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंपे जाने के कुछ दिनों बाद आई है।
एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट मंदिर ट्रस्ट को सौंपी गई
सूत्रों के अनुसार, उत्तर प्रदेश गृह विभाग द्वारा की गई कार्रवाई के बाद एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट मंदिर ट्रस्ट को सौंपी गई। यह घटनाक्रम श्री राम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे के गबन के आरोपों से संबंधित है। उत्तर प्रदेश सरकार ने इससे पहले मंदिर में चढ़ावे के कथित दुरुपयोग की जांच कर रही एसआईटी का पुनर्गठन किया था, जिसमें तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को शामिल किया गया था। नवगठित एसआईटी की अध्यक्षता आईजी किरण एस ने की, जिसमें डीआईजी अयोध्या सोमेन वर्मा और एसएसपी अयोध्या डॉ. गौरव ग्रोवर सदस्य थे।
आठ लोगों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा
इससे पहले गठित जांच दल में लखनऊ आयुक्त विजय विश्वास पंत और विशेष सचिव (वित्त) नील रतन कुमार समेत अन्य अधिकारी शामिल थे। कथित करोड़ों रुपये के दान घोटाले में मंदिर के कर्मचारियों और बैंक कर्मचारियों द्वारा चढ़ावे की सुनियोजित चोरी के आरोप हैं। इस मामले ने विपक्षी दलों को भी कड़ी जवाबदेही की मांग करने के लिए प्रेरित किया है। इस मामले में अविनाश शुक्ला, अंकलप मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रामा शंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रामा शंकर उर्फ टिन्नू सहित आठ लोगों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
जवाबदेही को लेकर राजनीतिक विवाद और बहस की मांग तेज
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन की शिकायत के आधार पर 25 जून को राम जन्मभूमि पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि भक्तों के चढ़ावे की गिनती और प्रबंधन में लगे मंदिर के कर्मचारियों ने साजिश रचकर दान राशि की सुनियोजित चोरी और गबन किया। कथित गबन की जांच जारी है, जबकि जवाबदेही को लेकर राजनीतिक विवाद और बहस की मांग तेज हो गई है। मामले की जांच जारी है और दान राशि के कथित दुरुपयोग से जुड़े आरोपों और परिस्थितियों की पड़ताल की जा रही है। (इनपुटः ANI)
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