जिले में 108 एंबुलेंस की बदहाली और ट्रैफिक जाम से एक व्यक्ति की मौत हो गई। मृतक का पुत्र रोता रहा लेकिन जाम से उसे न मुक्ति मिली और न सिस्टम से राहत।
छतरपुर। जिले में 108 एंबुलेंस की बदहाली और ट्रैफिक जाम से एक व्यक्ति की मौत हो गई। मृतक का पुत्र रोता रहा लेकिन जाम से उसे न मुक्ति मिली और न सिस्टम से राहत। आखिर में जब वह पिता को लेकर अस्पताल पहुंचा तो डाक्टर ने भी जवाब दे दिया।
रास्ते में पिता को आया था हार्ट अटैक
जानकारी के मुताबिक, जिले के तालगांव निवासी जगदीश विश्वकर्मा (65) अपने बेटे संतोष के साथ बाइक से छतरपुर जा रहे थे। बरकोंहा गांव के पास उन्हें हार्ट अटैक आया और उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। बेटे संतोष ने तुरंत 108 एम्बुलेंस को कॉल किया, लेकिन एम्बुलेंस समय पर नहीं पहुंची। मजबूर होकर बेटा अपने पिता को एक लोडर वाहन में अस्पताल ले जाने लगा। रास्ते में शहर के पास भीषण ट्रैफिक जाम मिल गया।
बेटा देता रहा सीपीआर, कठघड़े में स्वास्थ्य सेवा
जाम में फंसे लोडर के अंदर बेटा अपने पिता को होश में लाने के लिए लगातार सीपीआर (CPR) देता रहा और रोता रहा, लेकिन पिता ने दम तोड़ दिया। अस्पताल पहुँचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कांग्रेस पार्टी ने प्रदेश सरकार की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए हैं।
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