उत्तर प्रदेश में पैतृक संपत्ति का बंटवारा और किरायेदार एग्रीमेंट करवाना आसान और सस्ता हुआ। यूपी में पैतृक संपत्ति की अब सिर्फ दस हजार में रूपये में रजिस्ट्री होगी।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पैतृक संपत्ति का बंटवारा और किरायेदार एग्रीमेंट करवाना आसान और सस्ता हुआ। यूपी में पैतृक संपत्ति की अब सिर्फ दस हजार में रूपये में रजिस्ट्री होगी। पैत्रिक सम्पत्ति के पंजीकरण में अब सिर्फ 5000 हजार रूपये का स्टांप और 5000 हजार की रजिस्ट्री फीस लगेगी।
योगी सरकार ने बैठक में कुल 13 प्रस्तावों को दी मंजूरी
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में जनहित, औद्योगिक विकास, शिक्षा सुधार और प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण, स्वास्थ्य, उद्योग और राजस्व विभाग समेत 13 प्रस्तावों को मंजूरी मिली। बैठक में आवासीय व कृषि भूमि की तरह ही व्यावसायिक व औद्योगिक भूमि की भी परिवार के सदस्यों के लिए गिफ्ट डीड पांच हजार रुपये में किए जाने की सुविधा संबंधी प्रस्ताव रखा गया और सरकार की तरफ से इसे स्वीकार कर लिया गया।
सेमीकंडक्टर पॉलिसी 2024 के तहत 3 हजार करोड़ रुपये का निवेश करने वाले उद्यमियों को मिलेगी सब्सिडी
कैबिनेट बैठक के बाद जानकारी देते हुए वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि बैठक में कुल 14 प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए, जिनमें से 13 प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की गई। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि सेमीकंडक्टर पॉलिसी 2024 के तहत यूपी में सेमीकंडक्टर निर्माण के क्षेत्र में तीन हजार करोड़ रुपए का निवेश करने वाले उद्यमियों को सब्सिडी दी जाएगी। इन फैसलों का सीधा असर आम जनता, उद्योग जगत, युवाओं और छात्रों पर पड़ेगा।
राज्य सरकार ने किरायेदार रजिस्ट्री पर दी है राहत
कैबिनेट बैठक में लिए गए सबसे अहम और जनसरोकार से जुड़े फैसलों में पारिवारिक संपत्ति दान से संबंधित स्टाम्प शुल्क में भारी कटौती शामिल है। योगी कैबिनेट की बैठक में किरायेदार रजिस्ट्री पर भी राज्य सरकार ने राहत दी है। किरायेदारी एग्रीमेंट पर स्टाम्प और फीस में 90 प्रतिशत की छूट दिये जाने का फैसला लिया गया है। यूपी के स्टाम्प एवं पंजीयन मंत्री रविन्द्र जायसवाल ने बताया कि अब परिवार के ब्लड रिलेशन में किसी भी प्रकार की प्रॉपर्टी दान करने पर मात्र ₹5000 स्टाम्प शुल्क देना होगा।
पारिवारिक संपत्ति दान पर स्टाम्प शुल्क में राहत
योगी कैबिनेट की बैठक में लिये गये फैसले में पारिवारिक संपत्ति दान पर स्टाम्प शुल्क में राहत के साथ ही औद्योगिक निवेश और रोजगार को बढ़ावा देने वाली ग्लोबल कैपेसिटी सेंटर नीति की एसओपी को भी स्वीकृति दी गई है। इसके साथ ही फर्जी मार्कशीट प्रकरण में फंसे होने के कारण JS विश्वविद्यालय शिकोहाबाद की मान्यता समाप्त करने का बड़ा निर्णय भी लिया गया है।
कुशीनगर और झांसी में नए स्टाम्प कार्यालय
प्रदेश में प्रशासनिक सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक और अहम कदम उठाते हुए कैबिनेट ने कुशीनगर और झांसी में नए स्टाम्प कार्यालयों के निर्माण को मंजूरी दे दी है। इन कार्यालयों के बनने से स्थानीय लोगों को स्टाम्प एवं पंजीकरण से जुड़े कार्यों के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। सरकार का मानना है कि इससे न केवल जनता को सुविधा मिलेगी, बल्कि सरकारी राजस्व में भी वृद्धि होगी और पंजीकरण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी।
ग्लोबल कैपेसिटी सेंटर नीति की SOP को मंजूरी
कैबिनेट बैठक में औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन से जुड़ा एक बड़ा फैसला भी लिया गया। औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल नंदी ने बताया कि ग्लोबल कैपेसिटी सेंटर (GCC) नीति की स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। इस नीति के लागू होने से वित्त वर्ष के दौरान प्रदेश में 21 औद्योगिक कंपनियों का निर्माण या संचालन शुरू होगा। इससे 10,000 से अधिक युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की संभावना है। सरकार का उद्देश्य उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश के लिए एक आकर्षक केंद्र के रूप में विकसित करना है। मंत्री नंदी ने कहा कि यह नीति प्रदेश के युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के साथ-साथ तकनीकी और औद्योगिक विकास को नई गति देगी।
JS विश्वविद्यालय शिकोहाबाद की मान्यता समाप्त
कैबिनेट बैठक में शिक्षा क्षेत्र से जुड़ा एक सख्त और अहम फैसला भी लिया गया। विधि मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने जानकारी दी कि फर्जी मार्कशीट प्रकरण की जांच के बाद JS विश्वविद्यालय शिकोहाबाद की मान्यता समाप्त कर दी गई है। विश्वविद्यालय की मान्यता समाप्त होने के बाद अब वहां के छात्रों की डिग्री और सर्टिफिकेट का सत्यापन और शैक्षणिक संचालन आगरा स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय द्वारा किया जाएगा। सरकार ने यह भी आश्वासन दिया है कि इस फैसले से छात्रों का भविष्य प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा और उनके हितों की पूरी तरह रक्षा की जाएगी।
योगी कैबिनेट द्वारा मंजूर प्रस्ताव
-वाराणसी के मंडलीय चिकित्सालय के 11 भवनों का ध्वस्तीकरण किया जाएगा। वहां 500 बेड का सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल बनाया जाएगा, जो चार साल में बनकर तैयार होगा।
-वाराणसी में नेशनल फोरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी के लिए 50 एकड़ जमीन दी जाएगी।
-IIMT विश्वविद्यालय मेरठ को नोएडा में कैंपस खोलने की अनुमति मिल गई है।
-पीलीभीत में बस स्टैंड बनाया जाएगा। इसके लिए राजस्व विभाग की 7,000 वर्ग मीटर जमीन परिवहन विभाग को 30 साल के लिए लीज पर दी जाएगी।
-क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी के 18 पद हैं। इनमें से 12 पद प्रमोशन से भरे जाएंगे और 6 पद अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों से भरे जाएंगे।
-पीएसी 37वीं वाहिनी कानपुर के जर्जर भवनों का ध्वस्तीकरण किया जाएगा। इस जमीन पर 108 टाइप-वन आवासों का निर्माण किया जाएगा।
-झांसी और कुशीनगर में उप-निबंधक कार्यालय के लिए जमीन दी जाएगी।
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