पंजाब में नशा-विरोधी कार्यकर्ता परमिंदर सिंह झोटा की गोली मारकर हत्या किए जाने के मामले में पुलिस ने प्रारंभिक जांच के आधार पर व्यक्तिगत दुश्मनी की आशंका जताई है।
मानसा (पंजाब): पंजाब में नशा-विरोधी कार्यकर्ता परमिंदर सिंह झोटा की गोली मारकर हत्या किए जाने के मामले में पुलिस ने प्रारंभिक जांच के आधार पर व्यक्तिगत दुश्मनी की आशंका जताई है। पंजाब पुलिस के मुताबिक, घटना में शामिल मुख्य संदिग्ध की तलाश के लिए कई टीमें गठित की गई हैं। पुलिस ने संदिग्ध के एक सहयोगी को गिरफ्तार किया है, जबकि उसके परिवार के सदस्यों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।
दुकान मालिक पर गोली मारने का आरोप
उप महानिरीक्षक (डीआईजी) हरजीत सिंह ने एएनआई से बातचीत में बताया कि पुलिस को मंगलवार सुबह घटना की सूचना मिली थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दुकान मालिक अश्वनी ने कथित तौर पर अपनी लाइसेंसी पिस्तौल से नशा-विरोधी कार्यकर्ता परमिंदर सिंह छोटा पर गोली चलाई। अस्पताल ले जाने के बाद कार्यकर्ता की मौत हो गई। डीआईजी ने कहा कि शुरुआती जांच में हमले के पीछे व्यक्तिगत दुश्मनी की बात सामने आई है। पुलिस ने मुख्य संदिग्ध को पकड़ने के लिए अलग-अलग टीमें बनाई हैं। उसके एक सहयोगी को गिरफ्तार किया जा चुका है और परिवार के सदस्यों से पूछताछ की जा रही है।
हत्या के बाद पंजाब की राजनीति गरमाई
इस घटना के बाद पंजाब में राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। विपक्षी दलों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी सरकार पर कानून-व्यवस्था संभालने में विफल रहने का आरोप लगाया है। साथ ही, राज्य में नशीले पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की प्रभावशीलता पर भी सवाल उठाए हैं। कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने आरोप लगाया कि परमिंदर सिंह झोटा को पंजाब सरकार ने कई बार परेशान किया था। उन्होंने दावा किया कि नशीले पदार्थों के विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई करने के उनके प्रयासों को रोकने के लिए उनके खिलाफ कथित तौर पर झूठे मामले दर्ज किए गए। चन्नी ने कहा, “परमिंदर सिंह झोटा एक बेहद सशक्त, साहसी और प्रगतिशील सोच वाले युवा सामाजिक कार्यकर्ता थे, जिन्होंने नशीले पदार्थों के विक्रेताओं के खिलाफ लड़ाई लड़ी। सरकार ने उन्हें एक बार नहीं, बल्कि कई बार परेशान किया और नशीले पदार्थों के तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करने से रोकने के लिए उनके खिलाफ मामले दर्ज किए।” उन्होंने आगे आरोप लगाया कि एक नशीले पदार्थ विक्रेता ने उन्हें गोली मार दी और घटना का वीडियो भी बनाया। चन्नी ने दावा किया कि नशीले पदार्थों के कारोबार को रोकने के लिए पुलिस से मदद मांगी गई थी, लेकिन समय पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
आप सरकार पर 'जंगल राज' का आरोप
पत्रकारों से बातचीत में चन्नी ने आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ गई है। उन्होंने कहा कि राज्य में नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने की कोशिश करने वाले लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। चन्नी ने कहा, “ये वो हालात हैं जो आम आदमी पार्टी ने आज पंजाब में पैदा किए हैं। पंजाब में नशीले पदार्थों को रोकने की बात करने वाले हर व्यक्ति को सरकार द्वारा निशाना बनाया जाता है—उन्हें फंसाया जाता है, प्रताड़ित किया जाता है, पीटा जाता है और यहां मार डाला जाता है। यह पंजाब में जंगल राज में बदल गया है।”
पिता ने पीएम मोदी और गृह मंत्री से मांगी सुरक्षा
परमिंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद उनके पिता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री से अपने पोते-पोतियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार उनके बेटे को सुरक्षा देने में विफल रही। उन्होंने कहा, “पंजाब सरकार ने उसे कोई सुरक्षा प्रदान नहीं की। किसी ने हमारी रक्षा नहीं की। अब तो मेरे पोते-पोती भी खतरे में हैं। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री से अपने पोते-पोतियों की सुरक्षा के लिए व्यवस्था करने की अपील करता हूं।” बेटे की हत्या के बाद उसके पिता ने नशे के खिलाफ अभियान जारी रखने की बात कही। उन्होंने कहा, “हम नशा-विरोधी इस जंग को जारी रखेंगे। जब तक मैं जीवित हूं, पंजाब में नशा-विरोधी लड़ाई जारी रखूंगा।” फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है और मुख्य संदिग्ध की तलाश जारी है।
(एएनआई)
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