अफगानिस्तान की यात्रा के दौरान अज्ञात बंदूकधारियों द्वारा हिरासत में लिए जाने का दावा करने वाली भारतीय ट्रैवल व्लॉगर अरुणिमा अब सुरक्षित हैं।
कोच्चि (केरल): अफगानिस्तान की यात्रा के दौरान अज्ञात बंदूकधारियों द्वारा हिरासत में लिए जाने का दावा करने वाली भारतीय ट्रैवल व्लॉगर अरुणिमा अब सुरक्षित हैं। उन्होंने बताया कि कई घंटों तक पूछताछ और हिरासत में रखने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। अरुणिमा के मुताबिक, वह एक ट्रक में लिफ्ट लेकर शाम करीब 7 बजे बामयान पहुंचीं। उस समय अंधेरा हो चुका था। उनके पहुंचते ही स्थानीय लोगों और अधिकारियों ने उनसे संपर्क किया और बताया कि स्थानीय नियमों के तहत महिलाओं को रात में अकेले यात्रा करने की अनुमति नहीं है। अधिकारियों ने उनके पासपोर्ट और वीजा की जांच करने के बाद उनसे यात्रा परमिट मांगा।
बिना पुरुष साथी के यात्रा करने पर जताई आपत्ति
अरुणिमा ने बताया कि उन्होंने इससे पहले जलालाबाद में यात्रा परमिट लेने की कोशिश की थी, लेकिन अधिकारियों ने परमिट जारी करने से इनकार कर दिया था। इसकी वजह उनका बिना किसी पुरुष साथी यानी महरम या आधिकारिक गाइड के अकेले यात्रा करना बताया गया। उन्होंने दावा किया कि काबुल से बामयान के बीच एक चेकपॉइंट पार करते समय उन्होंने अधिकारियों से कहा था कि वह जर्मनी के एक साथी के साथ यात्रा कर रही हैं, जो उनसे आगे किसी अन्य स्थान पर मिलने वाला है।
दस्तावेजों की जांच के बाद गिरफ्तारी की बात कही
अरुणिमा ने अपनी फेसबुक पोस्ट में बताया कि जिस स्थानीय हॉल में वह ठहरी थीं, वहां फोन चार्ज करते समय दो लोग उनके पास आए। उन्होंने ट्रांसलेशन ऐप की मदद से उनसे पूछताछ की और दस्तावेजों की जांच की। अधिकारियों को पता चला कि वह 27 अगस्त को अफगानिस्तान पहुंची थीं और तब से अकेले यात्रा कर रही थीं। अरुणिमा के मुताबिक, अधिकारियों ने इसे स्थानीय नियमों का उल्लंघन बताया और उन्हें गिरफ्तार करने की बात कही।
10 हजार अफगानी जुर्माने की मांग
अरुणिमा ने बताया कि वह काफी घबरा गई थीं। उन्होंने एक अंग्रेजी बोलने वाले स्थानीय व्यक्ति से संपर्क किया, जिसने पहले भी उनकी मदद की थी। वह व्यक्ति वापस आया और अधिकारियों से उनकी ओर से बातचीत की। अरुणिमा के अनुसार, अधिकारियों ने 10,000 अफगानी जुर्माना देने, यात्रा परमिट लेने और एक आधिकारिक गाइड रखने की मांग की।
उज्बेकिस्तान जाने की मांगी अनुमति
अरुणिमा ने अधिकारियों से कहा कि वह अफगानिस्तान छोड़कर उज्बेकिस्तान जाना चाहती हैं। काफी देर तक बातचीत के बाद अधिकारियों ने उन्हें बिना परमिट खरीदे अगले देश की सीमा की ओर जाने की अनुमति दे दी। उन्होंने बताया कि इस दौरान वह काफी डरी हुई थीं और उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि क्या करें।
‘मेरा अपराध सिर्फ अकेले यात्रा करना था’
अरुणिमा ने अपनी पोस्ट में कहा कि उनका ‘अपराध’ सिर्फ इतना था कि वह एक महिला के तौर पर अकेले अफगानिस्तान की यात्रा कर रही थीं, जहां उनके मुताबिक महिलाओं के अकेले यात्रा करने पर प्रतिबंध है। उन्होंने कहा कि कई घंटों की बातचीत के बाद आखिरकार उन्हें आगे जाने की अनुमति मिल गई और अब वह सुरक्षित हैं।
(ANI)
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