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विधानसभा सचिवालय ने तृणमूल विधायकों के हस्ताक्षर को लेकर हेयर स्ट्रीट थाने में शिकायत कराई दर्ज

कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस से विधायकों के हस्ताक्षर को लेकर उठा विवाद तूल पकड़ता जा रहा है। विधानसभा सचिवालय ने तृणमूल...

विधानसभा सचिवालय ने तृणमूल विधायकों के हस्ताक्षर को लेकर हेयर स्ट्रीट थाने में शिकायत कराई दर्ज

विधानसभा सचिवालय ने तृणमूल विधायकों के हस्ताक्षर को लेकर हेयर स्ट्रीट थाने में शिकायत कराई दर्ज |

कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस से विधायकों के हस्ताक्षर को लेकर उठा विवाद तूल पकड़ता जा रहा है। विधानसभा सचिवालय ने तृणमूल विधायकों के हस्ताक्षर को लेकर हेयर स्ट्रीट थाने में शिकायत दर्ज कराई है और उसी शिकायत के आधार पर सीआईडजी के अधिकारी पता रहे हैं कि किन-किन विधायकों का हस्तक्षर खुद का किया गया है और किन विधायकों के हस्ताक्षर खुद का किया हुआ नहीं है।

विधानसभा सचिवालय को विपक्षी दल के नेता चुने जाने संबंधी पत्र में तृणमूल कांग्रेस के विधायकों के हस्ताक्षर को लेकर संदेह है और इसीलिए उसने थाने में शिकायत दर्ज कराई है। तृणमूल कांग्रेस के विधायकों ने शोभनदेव चट्टोपाध्याय को तृणमूल विधायक दल के नेता यानी विपक्षी दल के नेता के रूप में चुना है। इस बावत विधायकों क हस्ताक्षर सहित जो पत्र विधानसभा सचिवालय को सौंपा गया है, विधानसभा सचिवावलय को उसी पत्र में किए गए हस्ताक्षर पर संदेह है। 

विपक्षी दल के नेता शोभनदेव चट्टोपाध्याय का कहना है कि विधानसभा सचिवालय को किसी विधायक के हस्ताक्षर पर संदेह है तो वह उस विधायक के खुद जानकारी ले सकता था। लेकिन उसने सीधे थाने में मामला लेकर जाकर पुलिस प्रशासन से जांच कराना शुरू कर दिया। शोभनदेव चट्टोपाध्याय का संकेत है कि तृणमूल कांग्रेस के विधायकों को जानबूझ कर परेशान किया जा रहा है। 

गौरतलब है कि तृणमूल कांग्रेस की आला ममता और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास पर 6 मई को पार्टी के विधायकों की बैठक हुई थी। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने विधानसभा सचिवाल को विधायकों के हस्ताक्षर सहित पत्र भेज कर शोभनदेव चट्टोपाध्याय को विपक्षीव दल के नेता चुने जाने की जानकारी दी लेकिन विधानसभा सचिवालय ने अभिषेक बनर्जी क पत्र को नियमविरुद्ध करार दे अमान्य कर दिया। उसके बाद फिर तृणमूल विधायकों की 19 मई को बैठक कर विधायकों के हस्ताक्षर समेत पत्र विधानसभा पत्र भेजा गया। उस पत्र में विधायकों के हस्ताक्षर को लेकर विधानसभा सचिवालय और तृणमूल कांग्रेस के विधायक आमने-सामने है। 

सीआईडी सबसे पहले तृणमल कांग्रेस की विधायक नयना बंद्योपाध्याय के यहां गई। उसके बाद वह तापस माइती और बाहारूल इसलाम के यहां पहुंची। इतना ही नहीं वह पार्टी के प्रवक्ता व विधायक कुणाल घोष के यहां गई और उसके बाद पूर्व मंत्री व मौजूदा विधायक चंद्रनाथ सिन्हा के यहां भी गई। पहली बार विधायक हुए युवा बरारूल इसलाम ने पूछताछ के दौरान सीआईडी को बताया कि वे 6 मई को कहीं नहीं गए बल्कि अपने आवास पर थे। उनके बयान से हस्ताक्षर का मामला और विवादास्पद हो गया है। 

सूत्रों के अनुसार, विधानसभा सचिवालय की ओर से शपथ लेने के वक्त का तृणमूल विधायकों के हस्ताक्षर और विपक्षी दल के नेता के चुने जाने के पत्र में किए गए हस्ताक्षर का मिलान करने पर विवाद उपजा है। तृणमूल विधायकों का कहना है कि जब वे सभी विधायक शोभनदेव चट्टोपाध्याय को अपना नेता मानते हैं तो इस पर विधानसभा सचिवालय केवल तकनीकी आधार पर क्यों विवाद खड़ा कर रहा है। वह विपक्षी दल के नेता को उनका कक्ष नहीं देकर पक्षपात कर चुका है। उनका मानना है कि तृणमूल विधायकों को परेशान करने के तहत यह सब हो रहा है।

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