औरंगाबाद से राजद सांसद अभय कुशवाहा ने नक्सलवाद खत्म होने के केंद्र के दावे पर सवाल उठाए। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा, श्वेत पत्र जारी करने और गरीबों पर दर्ज मामलों की जांच की मांग की।
औरंगाबाद (बिहार)। बिहार के औरंगाबाद से राजद सांसद अभय कुशवाहा ने अपने आवासीय कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान केंद्र सरकार, गृहमंत्री अमित शाह और औरंगाबाद के पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह पर जमकर निशाना साधा है। सांसद ने कहा कि देश से नक्सलवाद खत्म होने का केंद्र का दावा पूरी तरह से खोखला और हकीकत से परे है। सांसद ने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह देश भर में घूम-घूम कर कह रहे हैं कि हमने देश से नक्सलवाद को पूरी तरह खत्म कर दिया है। अगर उनकी बात सच है, तो मैं उनसे एक सीधा सवाल पूछना चाहता हूं कि फिर औरंगाबाद, गया, और पूरे मगध क्षेत्र में नक्सलवाद के नाम पर आज भी Z+ और Y+ सुरक्षा किस बात के लिए दी जा रही है?
नक्सल प्रभावित क्षेत्र के नाम पर सुरक्षा पर उठाए सवाल
उन्होंने पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह का नाम लिए बिना इशारा करते हुए कहा कि औरंगाबाद के पूर्व सांसद समेत देश के तमाम ऐसे नेता हैं जो वर्षों से नक्सल प्रभावित क्षेत्र का हवाला देकर मोटी सुरक्षा लेकर चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब आप ही कह रहे हैं कि नक्सलवाद खत्म हो गया है, तो सबसे पहले इस सुरक्षा को खत्म कीजिए। जनता को गुमराह करना बंद कीजिए। सांसद ने कहा कि हम लोग जनप्रतिनिधि हैं, हम गांव-गांव घूमते हैं। हमें पता है कि जमीनी हकीकत क्या है। सरकार सिर्फ कागजों पर नक्सलवाद खत्म कर रही है।
नक्सलवाद के नाम पर गरीबों पर फर्जी मुकदमों का आरोप
एक तरफ सरकार कहती है कि नक्सलवाद खत्म हो गया, दूसरी तरफ इसी नक्सलवाद के नाम पर गरीब, मजदूर और आदिवासी युवकों पर फर्जी मुकदमे लादे जा रहे हैं। औरंगाबाद में इसके सैकड़ों उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के नाम पर गरीबों को जेल में ठूंस दिया जाता है, जबकि बड़े लोग उसी नक्सलवाद के नाम पर सुरक्षा लेकर मलाई खा रहे हैं। यह दोहरी नीति नहीं चलेगी। सांसद अभय कुशवाहा ने कहा कि अगर केंद्र सरकार में हिम्मत है तो वह एक श्वेत पत्र जारी करे और बताए कि देश में कितने लोगों को नक्सलवाद के नाम पर सुरक्षा दी गई है और उनमें से कितनी सुरक्षा वापस ली गई है।
नक्सलवाद पर श्वेत पत्र जारी करे केंद्र सरकार: अभय कुशवाहा
उन्होंने कहा कि राजद इस मुद्दे को संसद में भी जोर-शोर से उठाएगा। प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह के कार्यकाल पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि साल तक सांसद रहे लोगों ने औरंगाबाद के लिए कुछ नहीं किया, सिर्फ सुरक्षा और प्रोटोकॉल का सुख लिया। अब जब जनता ने उन्हें नकार दिया तो वे तरह-तरह के बयान दे रहे हैं।
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