अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र द्वारा शेषावतार मंदिर के शिखर पर भव्य ध्वजारोहण किया गया। इस दौरान लखनऊ अग्निकांड के पीड़ितों के लिए संतों ने प्रार्थना की। पूरी खबर पढ़ें...
अयोध्या: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने आज शेषावतार मंदिर के शिखर पर पूर्व निर्धारित पूरी श्रद्धा, भक्ति और निष्ठा के साथ ध्वजारोहण किया। इस ऐतिहासिक और पावन पल का साक्षी बनने के लिए अयोध्या महानगर और ग्रामीण इलाकों से करीब 4,000 रामभक्त मंदिर परिसर में एकत्रित हुए। अयोध्या धाम के 11 प्रतिष्ठित संतों ने पूरे वैदिक विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ ध्वज का पूजन किया। इसके बाद उसे मंदिर के गगनचुंबी शिखर पर आरोहित कराया गया।
अग्निकांड के पीड़ितों के लिए प्रार्थना
ध्वजारोहण कार्यक्रम के दौरान लखनऊ में हुए दर्दनाक अग्निकांड का गहरा असर देखने को मिला। कार्यक्रम में मौजूद श्रद्धालुओं और संतों ने इस हादसे में जान गंवाने वाले मृतकों की आत्मा की शांति और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए विशेष प्रार्थना की। संतों ने भगवान श्रीराम से प्रार्थना की कि वे शोक संतप्त परिजनों को इस असहनीय दुख को सहने का धैर्य और साहस प्रदान करें।

दोनों उपमुख्यमंत्रियों ने रद्द किया दौरा
इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक मुख्य रूप से शामिल होने वाले थे। लेकिन, लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड को देखते हुए दोनों ने अपनी संवेदनशीलता का परिचय देते हुए अयोध्या का दौरा रद्द कर दिया। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने दोनों उपमुख्यमंत्रियों के फैसले की सराहना की। साथ ही, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम रद्द कर अग्निकांड स्थल का निरीक्षण करने और त्वरित कार्रवाई के लिए संतों ने आभार व्यक्त किया।
300 वर्ष पुरानी पांडुलिपि भेंट की
इस अवसर पर एक और ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला, जब कुमारगंज के निवासी जंगबहादुर सिंह ने भगवान श्रीराम से संबंधित लगभग 300 वर्ष पुरानी एक अत्यंत दुर्लभ और आध्यात्मिक पांडुलिपि अंतरराष्ट्रीय राम कथा संग्रहालय को भेंट की। इस मौके पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी अनिल मिश्र सहित ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारी और भारी संख्या में रामभक्त उपस्थित रहे।