जिले की एक 8 दिन की नवजात बच्ची के दिल में जन्मजात छेद (Congenital Heart Defect) होने का एक गंभीर मामला सामने आया था।
शहडोल। जिले की एक 8 दिन की नवजात बच्ची के दिल में जन्मजात छेद (Congenital Heart Defect) होने का एक गंभीर मामला सामने आया था। बच्ची की नाजुक स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार की मदद से उसे तुरंत जबलपुर मेडिकल कॉलेज से एयरलिफ्ट कर मुंबई के नारायणा हॉस्पिटल भेजा गया। वहां डॉक्टरों की एक विशेषज्ञ टीम ने शनिवार को बच्ची का सफल ऑपरेशन किया। ऑपरेशन के बाद बच्ची अब पूरी तरह खतरे से बाहर है और उसके स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हो रहा है।
गंभीर बीमारी का त्वरित इलाज
नवजात बच्ची के दिल में जन्मजात छेद था, जिसके कारण उसकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी। स्थानीय स्तर पर स्थिति नियंत्रण से बाहर होने पर जबलपुर मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों की सलाह पर उसे तुरंत उच्च स्तरीय इलाज की आवश्यकता थी।
राज्य सरकार ने की एयरलिफ्ट की व्यवस्था
बच्ची की गंभीर स्थिति को देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने तुरंत संज्ञान लिया। सरकारी योजनाओं (मुख्यमंत्री बाल हृदय उपचार योजना और आयुष्मान भारत योजना) के तहत त्वरित तालमेल बिठाकर बच्ची को एयर एम्बुलेंस के जरिए जबलपुर से सीधे मुंबई के लिए एयरलिफ्ट किया गया।
मुंबई के नारायणा हॉस्पिटल में सफल ऑपरेशन
मुंबई के प्रसिद्ध नारायणा हॉस्पिटल में शनिवार को डॉक्टरों की एक सीनियर पीडियाट्रिक कार्डिएक टीम ने बच्ची का जटिल ऑपरेशन किया। डॉक्टरों के अनुसार, ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा है, बच्ची के सभी अंग (Organs) सुरक्षित हैं और वह अब खतरे से बाहर है।
बच्ची की डॉक्टर कर रहे निगरानी, अब सुरक्षित
डॉक्टरों की टीम वेंटिलेटर और इनक्यूबेटर में रखी नवजात बच्ची का बड़ी सावधानी से इलाज और मॉनिटरिंग कर रही है। बच्ची के परिवार ने समय पर मिली इस सरकारी मदद और डॉक्टरों की टीम के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया है।
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