बॉल, क्राउन और कैनपैक उत्तर प्रदेश में ₹6,566 करोड़ के प्रस्तावित निवेश से एल्युमिनियम पैकेजिंग यूनिट लगाएंगी। परियोजनाएं मेरठ और उन्नाव में स्थापित होंगी।
लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश में ग्लोबल पैकेजिंग कंपनियों का बड़ा निवेश प्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य को नई दिशा देने जा रहा है। बॉल कॉर्पोरेशन, क्राउन होल्डिंग्स और कैनपैक मेरठ और उन्नाव में एल्युमिनियम बेवरेज कैन और एडवांस पैकेजिंग की अत्याधुनिक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करने के लिए कुल ₹6,566 करोड़ का प्रस्तावित निवेश करेंगी। इनमें क्राउन होल्डिंग्स उन्नाव में भारत की अपनी पहली मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित कर रही है। इन परियोजनाओं से न केवल बड़े पैमाने पर उत्पादन और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि स्थानीय एमएसएमई, सप्लायर नेटवर्क, लॉजिस्टिक्स और एफएमसीजी-बेवरेज सेक्टर को भी गति मिलने की उम्मीद है।
उन्नाव में क्राउन लगाएगी ₹2,078.44 करोड़
क्राउन होल्डिंग्स की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी क्राउन पैकेजिंग इंडिया प्रा. लि. उन्नाव के इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर (आईएमएलसी) में ग्रीनफील्ड एल्युमिनियम बेवरेज कैन प्लांट स्थापित कर रही है। बुधवार को प्लांट का भूमिपूजन कार्यक्रम भी संपन्न हुआ। करीब 40 एकड़ में प्रस्तावित इस परियोजना में ₹2,078.44 करोड़ का निवेश होगा। प्लांट की शुरुआती उत्पादन क्षमता 116.2 करोड़ एल्युमिनियम कैन प्रतिवर्ष होगी, जिसे भविष्य में बढ़ाकर 178.6 करोड़ कैन सालाना किया जा सकेगा। परियोजना से 209 प्रत्यक्ष और 1,500 से अधिक अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
क्राउन परियोजना से स्थानीय सप्लायर नेटवर्क को मिलेगा अवसर
परियोजना को योगी सरकार के निवेश प्रोत्साहन फ्रेमवर्क के तहत यूपीडा द्वारा फैसिलिटेट किया जा रहा है। क्राउन के निवेश से प्रदेश में टेक्नोलॉजी ट्रांसफर, स्थानीय स्तर पर कच्चे माल और सेवाओं की सोर्सिंग तथा सप्लायर डेवलपमेंट को बढ़ावा मिलने की संभावना है। इससे उत्तर प्रदेश के स्थानीय उद्यमियों और मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों के लिए ग्लोबल वैल्यू चेन से जुड़ने के नए अवसर पैदा होंगे।
मेरठ में बॉल का ₹2,913 करोड़ का निवेश प्रस्ताव
ग्लोबल पैकेजिंग कंपनी बॉल कॉर्पोरेशन की इकाई बॉल बेवरेज पैकेजिंग इंडिया प्रा. लि. मेरठ के आईएमएलसी में एल्युमिनियम बेवरेज कैन की बड़ी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करने के लिए ₹2,913 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव लेकर आई है। करीब 40 एकड़ क्षेत्र में प्रस्तावित इस परियोजना को भी यूपीडा द्वारा फैसिलिटेट किया जा रहा है। बॉल की परियोजना से एडवांस पैकेजिंग मैन्युफैक्चरिंग के साथ बेवरेज, एफएमसीजी, फूड प्रोसेसिंग, लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और एंसिलरी मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। परियोजना से टेक्नोलॉजी ट्रांसफर, स्किल डेवलपमेंट, लोकल सोर्सिंग और स्थानीय सप्लायर नेटवर्क के विस्तार को भी गति मिलने की उम्मीद है।
उन्नाव में कैनपैक लगाएगी ₹1,574.62 करोड़
कैनपैक इंडिया उन्नाव स्थित यूपीडा के आईएमएलसी में ग्रीनफील्ड एल्युमिनियम बेवरेज कैन मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित कर रही है। उत्तर प्रदेश सरकार की नवीनतम मंजूरी के अनुसार परियोजना में ₹1,574.62 करोड़ का प्रस्तावित निवेश है। करीब 26 हेक्टेयर में विकसित होने वाली इस इकाई की उत्पादन क्षमता लगभग 130 करोड़ कैन प्रतिवर्ष होगी। क्राउन और कैनपैक की इकाइयों के साथ उन्नाव में एल्युमिनियम बेवरेज कैन मैन्युफैक्चरिंग का आधार मजबूत होगा, जबकि मेरठ में बॉल कॉर्पोरेशन की परियोजना पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इस सेक्टर को मजबूती देगी।
तीनों परियोजनाओं से विकसित होगी पैकेजिंग सप्लाई चेन
तीनों कंपनियों का संयुक्त ₹6,566 करोड़ का प्रस्तावित निवेश केवल एल्युमिनियम कैन उत्पादन तक सीमित नहीं रहेगा। बड़े मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के आसपास कच्चे माल, मशीनरी, पैकेजिंग, ट्रांसपोर्टेशन, लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, मेंटेनेंस और अन्य एंसिलरी गतिविधियों की मांग बढ़ने की संभावना है। इससे बेवरेज और एफएमसीजी उद्योगों को उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर पैकेजिंग सप्लाई मिलने का आधार तैयार होगा। साथ ही स्थानीय एमएसएमई और सप्लायर्स को इन ग्लोबल कंपनियों की सप्लाई चेन से जुड़ने के अवसर मिल सकते हैं।
मेरठ और उन्नाव आईएमएलसी में स्थापित होंगी परियोजनाएं
तीनों परियोजनाओं में यूपीडा के इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर्स (आईएमएलसी) की महत्वपूर्ण भूमिका है। बॉल की परियोजना मेरठ आईएमएलसी में प्रस्तावित है, जबकि क्राउन और कैनपैक उन्नाव आईएमएलसी में अपनी इकाइयां स्थापित कर रही हैं। योगी सरकार औद्योगिक भूमि, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स सुविधाओं को जोड़कर बड़े मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर विकसित करने पर जोर दे रही है। इन क्लस्टर्स में ग्लोबल कंपनियों का निवेश इस मॉडल को नई मजबूती देने जा रहा है।
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