बलिया में जिलाधिकारी ने विकास भवन सभागार में चकबंदी विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को पुराने लंबित मुकदमों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए।
बलिया (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश के बलिया में जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने विकास भवन सभागार में चकबंदी विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को पुराने लंबित मुकदमों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पांच वर्ष से अधिक पुराने सभी मामलों का तत्काल निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा प्रत्येक पुराने मुकदमे की अलग फाइल बनाकर कार्ययोजना तैयार की जाए।
लंबित मामलों पर अधिकारियों को फटकार
जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में कुल 37 चकबंदी गांव हैं, जिनमें से 30 गांवों में 10 वर्ष से अधिक पुराने मामले लंबित हैं। उन्होंने इन मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश दिए और कहा कि इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डीएम ने पाया कि विभिन्न तहसीलों में निर्धारित मानकों के अनुरूप मुकदमों का निस्तारण नहीं हो रहा है। इस पर उन्होंने चकबंदी विभाग के सीओ को कड़ी फटकार लगाई और मानक के अनुसार कार्य करने के निर्देश दिए। साथ ही मुकदमों के निस्तारण में लापरवाही पाए जाने पर सभी चकबंदी अधिकारियों (सीओ) को शो-कॉज नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए।
चौपाल लगाकर सुनें जनता की समस्याएं
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश हैं कि राजस्व एवं चकबंदी विभाग के कार्यों में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को प्रत्येक गांव में चौपाल लगाकर लोगों की शिकायतें सुनने तथा उनका समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में एसीओ और सीओ को निर्देशित किया गया कि वे जिस तहसील क्षेत्र में कार्यरत हैं, वहीं नियमित रूप से बैठकर जनता की समस्याएं सुनें और लंबित मुकदमों की सुनवाई कर उनका निस्तारण करें। जिलाधिकारी ने कहा कि जनता को न्याय दिलाने में किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।
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