बलिया में मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि खेलों को बढ़ावा देकर लोगों को स्वस्थ बनाया जा सकता है। उनके अस्पताल बंद करने वाले बयान की चर्चा हो रही है।
बलिया (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश सरकार के परिवहन मंत्री और बलिया सदर विधायक दयाशंकर सिंह ने खेलों के महत्व और जनस्वास्थ्य को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला बयान दिया है। बलिया में आयोजित 70वीं राष्ट्रीय विद्यालयी फुटबॉल प्रतियोगिता के उद्घाटन अवसर पर 36 प्रांतों से आई टीमों और जनता को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि खेलों को इतना बढ़ावा दिया जाएगा कि अस्पतालों को बंद करने की नौबत आ जाए और दवाइयों का बजट सीधे खेलों में लगाकर लोगों को निरोगी बनाया जाए।
फिट इंडिया मिशन का हवाला देकर फुटबॉल को बताया शरीर को फिट रखने का बेहतर माध्यम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फिट इंडिया मिशन का हवाला देते हुए परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा,"हमारे देश के यशस्वी प्रधानमंत्री मोदी भी कहते हैं फिट इंडिया की बात, तो फुटबॉल से लेकर फिट होने के लिए कोई दूसरा खेल नहीं हो सकता, जो शरीर के सभी अंगों को फिट करने का काम करता है और मैं ये समझता हूं कि जहां खेल को बढ़ावा मिलता है।
अस्पताल बंद करने और दवाइयों का बजट खेलों में लगाने की कही बात
उस देश में अस्पताल की जरूरत नहीं पड़ती है, तो फुटबॉल को जितनी बढ़ावा मिलेगा, उतने ही हम लोग अस्पताल बंद कर देंगे और उस दवा के पैसे खेल में लगा करके देश के लोगों को स्वस्थ करने का काम हम सब करेंगे। यह पूरा बयान बलिया में शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित 70वीं राष्ट्रीय विद्यालयी फुटबॉल प्रतियोगिता 02 से 06 नवम्बर 2026 के मंच से सामने आया।
खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियों में 2 प्रतिशत आरक्षण
दयाशंकर सिंह ने योगी सरकार की खेल नीति की सराहना करते हुए कहा कि राज्य में खिलाड़ियों को सीधी सरकारी नौकरियों में 2 प्रतिशत का आरक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने मंच से उदाहरण देते हुए बताया कि उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को पुलिस उपाधीक्षक और परिवहन विभाग में एआरटीओजैसे राजपत्रित पदों पर सीधी नियुक्तियां मिल रही हैं, जिससे खेल अब सीधे रोजगार का सशक्त माध्यम बन चुका है।
अस्पताल बंद करने और दवा का पैसा खेलों में लगाने वाले बयान पर सियासी चर्चा तेज
एक तरफ जहां सरकारें नए मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को अपनी प्रमुख उपलब्धियों के रूप में गिनाती हैं, वहीं कैबिनेट मंत्री द्वारा "अस्पताल बंद करने और दवा का पैसा खेल में लगाने" की बात कहना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि, भाषण के संदर्भ से यह स्पष्ट है कि मंत्री का आशय खेलों के माध्यम से नागरिकों को शारीरिक रूप से इतना तंदुरुस्त बनाना था कि किसी को बीमार होकर अस्पताल जाने की आवश्यकता ही न पड़े, लेकिन उनके इस बेबाक बयान ने सियासी तापमान जरूर बढ़ा दिया है।
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