बाराबंकी के रामनगर तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत लहड़रा में घाघरा-सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का पानी खेतों और खलिहानों तक पहुंच गया है।
उत्तर प्रदेश: बाराबंकी के रामनगर तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत लहड़रा में घाघरा-सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का पानी खेतों और खलिहानों तक पहुंच गया है। धान और गन्ने की फसलें पानी में डूब गई हैं, जिससे किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
खेतों में भरा पानी, फसलें बर्बाद
बारिश और तेज हवाओं के बीच बाढ़ का पानी खेतों में भर गया। पानी के कारण खड़ी गन्ने की फसल गिर गई, जबकि धान की फसल पूरी तरह जलमग्न हो गई है। ग्रामीणों के मुताबिक, कई किसान पहले से कर्ज के बोझ में हैं और फसल खराब होने से उनकी परेशानी बढ़ गई है।
आवागमन में भी ग्रामीणों को परेशानी
लहड़रा में जगह-जगह जलभराव होने से ग्रामीणों का आवागमन प्रभावित है। डामर संपर्क मार्ग पर पानी बहने के कारण पैदल चलने वालों, स्कूली बच्चों और महिलाओं को परेशानी हो रही है। पशुओं को चराने और उनके लिए चारा जुटाने में भी दिक्कत हो रही है।
राहत सामग्री नहीं पहुंचने का आरोप
ग्रामीण सुंदरी ने बताया कि गांव में पानी भरने से रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं और शौचालय जाने तक में परेशानी हो रही है। वहीं वासुदेव यादव ने कहा कि धान और गन्ने समेत प्रमुख फसलें पानी में डूबी हैं, लेकिन अभी तक गांव में बाढ़ राहत सामग्री नहीं पहुंची है।
मुआवजे की मांग
ग्रामीणों ने जिला और तहसील प्रशासन से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फसलों का तत्काल सर्वे कराने और नुकसान के आधार पर उचित मुआवजा देने की मांग की है।
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