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बरगी डैम क्रूज हादसे में बड़ा सवाल

लाइफ जैकेट के बावजूद क्यों नहीं बची माँ-बेटे की जान?

बरगी डैम में हुए क्रूज हादसे में दिल्ली की मरीना मैसी और उनके 4 साल के बेटे त्रिशान की मौत हो गई थी। इसको लेकर विशेषज्ञों की रिपोर्ट के अनुसार, तीन मुख्य कारण सामने आए हैं।

लाइफ जैकेट के बावजूद क्यों नहीं बची माँ-बेटे की जान

Bargi Dam Tragedy: Why Life Jackets Failed to Save Lives |

जबलपुर (मध्य प्रदेश)। संस्कारधानी के बरगी डैम में 30 अप्रैल की शाम को हुए क्रूज हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। इस त्रासदी में 13 लोगों की जान चली गई, लेकिन सबसे मार्मिक तस्वीर दिल्ली की मरीना मैसी और उनके 4 साल के बेटे त्रिशान की रही। रेस्क्यू टीम को दोनों के शव पानी के भीतर एक-दूसरे से लिपटे हुए मिले।

बड़ा सवाल, क्या लाइफ जैकेट ही बन गई मौत का कारण?

हादसे के बाद यह सवाल उठा कि जब दोनों ने लाइफ जैकेट पहनी थी, तो उनकी मौत कैसे हुई? ' विशेषज्ञों की रिपोर्ट के अनुसार, इसके पीछे तीन मुख्य कारण सामने आए हैं।

लाइफ जैकेट शरीर के आकार के अनुसार सही से फिट न हो और उसके 'स्ट्रैप्स' (बेल्ट) ढीले हों, तो पानी में गिरते ही जैकेट ऊपर की ओर खिसक जाती है। इससे व्यक्ति का चेहरा पानी में डूब सकता है।

मरीना और उनका बेटा क्रूज के निचले केबिन में थे। पानी भरने के कारण वे वहां फंस गए। लाइफ जैकेट व्यक्ति को सतह पर तो लाती है, लेकिन अगर ऊपर छत या मलबा हो, तो व्यक्ति बाहर नहीं निकल पाता।

बचाव दल के अनुसार, माँ ने आखिरी समय में अपने बच्चे को बचाने के लिए उसे अपने सीने से कसकर चिपका लिया था। इस वजह से जैकेट का संतुलन (Buoyancy balance) बिगड़ गया और वह उन्हें सतह पर लाने में नाकाम रही।

जानें ऐसे काम करता है यह 'सुरक्षा कवच'

मैनिट (MANIT) की फिजिक्स प्रोफेसर डॉ. फौजिया हक के अनुसार, लाइफ जैकेट 'आर्किमिडीज के सिद्धांत' (Principle of Buoyancy) पर काम करती है। जैकेट के भीतर पीवीसी फोम या छोटे एयर पॉकेट होते हैं, जो पानी से बहुत हल्के होते हैं। इसका मुख्य डिजाइन इस तरह होता है कि पानी में गिरते ही यह व्यक्ति के सिर को ऊपर की ओर धकेले, जिससे सांस लेने में दिक्कत न हो। विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि अगर जैकेट ढीली है, तो पानी के झटके से वह शरीर से निकल सकती है या गर्दन में फंसकर दम घुटने का कारण बन सकती है।

प्रशासनिक लापरवाही पर भी उठे सवाल

हादसे के वक्त क्रूज पर क्षमता से अधिक लोग सवार थे। मौसम विभाग द्वारा 'येलो अलर्ट' जारी होने के बावजूद क्रूज का संचालन बंद नहीं किया गया। चश्मदीदों का कहना है कि जब क्रूज डगमगाने लगा, तब लाइफ जैकेट बांटना शुरू किया गया, जो बहुत देर हो चुकी थी। सरकार ने कार्रवाई करते हुए क्रूज के पायलट, हेल्पर और टिकट काउंटर प्रभारी की सेवाएं समाप्त कर दी हैं और मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। पानी में उतरते समय केवल लाइफ जैकेट पहनना काफी नहीं है। यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि वह आपके साइज की हो और उसे सही तरीके से 'लॉक' किया गया हो।

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