दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र प्रदर्शनों को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही भ्रामक खबरों का खंडन करते हुए दो स्पष्टीकरण जारी किए।
नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र प्रदर्शनों को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही भ्रामक खबरों का खंडन करते हुए दो स्पष्टीकरण जारी किए। पुलिस ने इन दावों को "झूठा और भ्रामक" बताया और फर्जी सामग्री बनाने, साझा करने या फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी।
सब-इंस्पेक्टर के इस्तीफे का दावा निकला फर्जी
पुलिस ने सबसे पहले उस वायरल वीडियो पर ध्यान दिलाया जिसमें एक व्यक्ति ने खुद को दिल्ली पुलिस का सब-इंस्पेक्टर बताते हुए दावा किया था कि उसने छात्र प्रदर्शनों में शामिल होने के लिए नौकरी से इस्तीफा दे दिया है। आंतरिक जांच के बाद पुलिस ने स्पष्ट किया कि उनके रिकॉर्ड में ऐसा कोई अधिकारी मौजूद नहीं है। दिल्ली पुलिस ने अपने आधिकारिक फेसबुक हैंडल पर कहा कि वीडियो में किया गया दावा पूरी तरह झूठा है। रिकॉर्ड की जांच में बताए गए विवरण से मेल खाने वाला कोई सब-इंस्पेक्टर नहीं मिला। पुलिस के अनुसार, यह वीडियो लोगों को गुमराह करने और गलत सूचना फैलाने का जानबूझकर किया गया प्रयास है।
महिला पुलिस अधिकारी को लेकर भी फैली गलत जानकारी
एक अन्य पोस्ट में दिल्ली पुलिस ने उन दावों का भी खंडन किया, जिनमें कहा गया था कि प्रदर्शन के दौरान एक महिला पुलिस अधिकारी ने अपना अजन्मा बच्चा खो दिया। पुलिस ने स्पष्ट किया कि भगदड़ जैसी स्थिति में अधिकारी घायल हुई थीं और उनका इलाज चल रहा है। हालांकि, वह न तो विवाहित हैं और न ही गर्भवती। विभाग ने लोगों से अपुष्ट जानकारी साझा न करने और केवल आधिकारिक अपडेट पर भरोसा करने की अपील की।
20 जुलाई के मार्च के बाद बढ़ा तनाव
ये स्पष्टीकरण 20 जुलाई को आयोजित 'चलो संसद' मार्च के बाद सामने आए हैं। परीक्षा प्रश्नपत्र लीक के आरोपों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के समर्थन में हफ्तों से प्रदर्शन और भूख हड़ताल चल रही है, जिसके बाद हजारों छात्र जंतर-मंतर पर एकत्र हुए।
बैरिकेड तोड़ने पर पुलिस की कार्रवाई
मध्य दिल्ली में प्रदर्शनकारियों द्वारा सुरक्षा बैरिकेड तोड़ने की कोशिश के बाद सुरक्षाबलों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट दिखाई दे रही है। वहीं, दिल्ली पुलिस का कहना है कि बल का प्रयोग तभी किया गया जब भीड़ के एक हिस्से ने हिंसा और पत्थरबाजी शुरू कर दी।
लोक परीक्षा कानून में संशोधन की तैयारी
इस बीच, NEET प्रश्नपत्र लीक को लेकर देशभर में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच केंद्रीय मंत्रिमंडल ने लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 में संशोधन को मंजूरी दे दी है। प्रस्तावित संशोधन विधेयक पर 27 जुलाई को संसद में चर्चा और पारित होने की संभावना है।
सरकार ने मांगा शनिवार तक का समय
इससे पहले दिन में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधियों ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह से मुलाकात कर अपनी मांगों पर चर्चा की। बैठक के बाद पार्टी ने दावा किया कि सरकार ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर विचार करने के लिए शनिवार दोपहर तक का समय मांगा है।
ANI
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